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	<title>ज्येष्ठ पूर्णिमा: ज्येष्ठी योग में मनाई जाएगी पूर्णीमा जानें पूजा विधि और महत्व</title>
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	<description><![CDATA[ज्येष्ठ मास में आने वाली पूर्णिमा तिथि ज्येष्ठ पूर्णिमा के नाम से पूजनीय है। ज्येष्ठ माह में आने वाली पूर्णिमा के दिन कुछ खास कार्य होते हैं जिसके चलते इस दिन को कुछ अन्य नामों से भी जाना जाता है। यह दिन वट पूर्णिमा भी कहलाता है क्योंकि इस दिन वट वृक्ष का पूजन होता है वट सावित्री व्रत भी इस समय पर होता है। ज्येष्ठ पूर्णिमा के समय पर पूजा अनुष्ठान जैसे कार्यों को किया जाता है। इस समय पर सत्य नारायण कथा पाठ भी भक्तों के द्वारा संभव होता है। ज्येष्ठ पूर्णिमा के दौरान चंद्रमा की स्थिति का प्रभाव एवं अन्य ग्रहों का असर किसी भी व्यक्ति के जीवन को गहराई से बदल देने वाला होता है। इसी कारण से इस दिन कई तरह के कार्यों को करना शुभता में वृद्धि करने वाला होता है। इस दिन धार्मिक कार्यों जैसे स्नान, दान, पूजा पाठ से जुड़े काम किए जाते हैं जो जीवन में सकारात्मकता को बढ़ाने का कार्य करते हैं। आइये जान लेते हैं ज्येष्ठ पूर्णिमा से संबंधित कुछ विशेष बातें और जीवन पर इनका असर।]]></description>
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        <pubDate>Sat, 07 Jun 2025 00:00:00 GMT</pubDate>
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