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	<title>जन्माष्टमी: जब श्रीकृष्ण ने मौन को तोड़ा</title>
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	<description><![CDATA[हर साल जन्माष्टमी आती है &mdash; और हम श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं को याद कर लेते हैं। माखन, मुरली, और मटकी फोड़ के आयोजन हमारे धार्मिक उत्साह का प्रतीक बनते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जन्माष्टमी केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि आपके कर्मों की पुनर्रचना का अवसर हो सकता है? कृष्ण जन्माष्टमी की वो रात केवल ऐतिहासिक घटना नहीं थी, वो एक चेतना का अवतरण थी &mdash; जब अंधकार की गहराइयों में एक प्रकाश फूटा था। जब अन्याय का शोर था, धर्म मौन था&hellip; और उसी समय ब्रह्मांड ने श्रीकृष्ण के रूप में अपनी दिव्यता को पृथ्वी पर भेजा। इस बार जन्माष्टमी फिर आई है &mdash; लेकिन इस बार वह वृंदावन की गलियों में नहीं, आपकी चंद्र राशि में उतर रही है।]]></description>
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        <pubDate>Thu, 17 Jul 2025 00:00:00 GMT</pubDate>
        <category>English</category>
        
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