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	<title>जानकी जयंती : देवी सीता का पूजन देता है सुख समृद्धि का वरदान</title>
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	<description><![CDATA[जानकी जयंती का पर्व देवी सीता जी जन्मोत्सव के दिन के रूप में मनाया जाता है। भगवान श्री राम जी की पत्नी देवी सीता जी के जन्म अवतरण की कथा का संबंध जानकी जयंती के उत्सव की शुभता को दर्शाता है। माता सीता राजा जनक की पुत्री थी अतः: उनका एक नाम जानकी भी है और उनके जन्मोत्सव को जानकी जयंती के नाम से मनाते हैं। जानकी जयंती को सीता जयंती, सीता अष्टमी, जानकी अष्टमी के रूप में भी जाना जाता है। जानकी जयंती का उत्सव भारत के कुछ क्षेत्र में अलग अलग समय पर मनाने की परंपरा प्राचीन समय से ही चली आ रही है। जैसे कि भारत के कुछ स्थानों में फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को जानकी जयंती के रूप में मनाया जाता है, तो वहीं कुछ स्थानों में वैशाख माह में आने वाली शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को जानकी जयंती के रूप में मनाने की परंपरा चली आ रही है। इस तरह से मान्यताओं और विचारों की पृथकता के चलते माता सीता के जन्म उत्सव की तिथि में कुछ भेद दिखाई दे सकते हैं।]]></description>
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        <pubDate>Mon, 17 Feb 2025 00:00:00 GMT</pubDate>
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