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	<title>होलिका दहन कथा : होलिका दहन और होली की कुछ अनसुनी कहानियां</title>
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	<description><![CDATA[फाल्गुन माह के साथ ही एक खास समय के आने वाले दिनों में होलाष्टक, होलिका दहन और होली पर्व बहुत ही विशेष होते हैं. इन दिनों का असर जीवन के हर पहलू पर पड़ता है. होलाष्टक से मांगलिक कार्यों की मनाही हो जाती है वहीं होलिका दहन के साथ ही सारी नेगटिविटी समाप्त होने लगती है और होली के रंगों की धूम के साथ ही चारों और फिर से माहौल सौंदर्य एवं शुभता से भर जाता है. तो फाल्गुन माह का आगमन बेहद ही विशेष होता है जब जीवन चक्र कई तरह से प्रभावित होता है. होलाष्टक से होली के मध्य में होलिका दहन का होना एक बहुत ही परिवर्तनारी स्थिति होती है. धर्म ग्रंथों एवं ज्योतिष शास्त्र सभी ने इस समय को संक्रमण काल के रुप में दर्शाया है जब सभी कुछ बहुत तेजी से प्रभावित करता चला जाता है. इस समय अग्नि को प्रज्जवलित करके ऊर्जाओं को संतुलित किया जाता है जो होलिका दहन के नामक अनुष्ठान के साथ संपन्न होती है.]]></description>
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        <pubDate>Tue, 04 Mar 2025 00:00:00 GMT</pubDate>
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