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	<title>हरियाली तीज व्रत कथा : श्री विष्णु को त्याग कर देवी पार्वती ने किया महादेव का वरण</title>
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	<description><![CDATA[हरियाली तीज सावन में आने वाला वो दिन जब देवी ने अपनी मनोकामना को पूरा किया और भगवान महादेव को अपने पति रूप में पाया। देवी ने श्री विष्णु का त्याग किया और अपनी कठोर साधना द्वारा भगवान शिव की अर्धांगिनी होने का आशीर्वाद प्राप्त किया। आज भी देवी की शक्ति और साधना का परिणाम तीज उत्सव के रूप में मनाया जाता है और देश भर में इस दिन की धूम हर ओर देखने को मिलती है। हरियाली तीज एक उत्सव ही नहीं है अपितु ये हमारी परंपराओं की नींव भी है जो दांपत्य जीवन के सुख का आशीर्वाद देती है और जिसका पालन करते हुए कुंवारी कन्याएं अपने मनोकूल वर को भी पाने में सक्षम होती हैं। तीज का उत्सव उस एक बहुत ही खास समय होता है जो यह दिखाता है की प्रेम और निष्ठा का फल कभी व्यर्थ नहीं जाता है। आपकी इच्छाओं की पूर्ति भी संभव है यदि आप इसे पूर्ण मनोभाव के साथ अपनाते हैं इसलिए आज भी जब बात आती है लव मैरिज की तो भगवान शिव के साथ देवी पार्वती का संबंध सदैव अग्रीण माना गया है। लेकिन प्यार की ये गाथा इतनी सहज भी नहीं रही है यहां भी कठोर स्थिति रही लेकिन विश्वास इतना प्रगाढ़ रहा की प्रेम की विजय हुई। तो चलिये जानते हैं हरियाली तीज की उस पावन कथा के बारे में जिसमें आने वाली प्रेम कहानियों के लिए आधार स्थापित किया।]]></description>
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        <pubDate>Sat, 26 Jul 2025 00:00:00 GMT</pubDate>
        <category>English</category>
        
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