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	<title>चतुर्थी तिथि: चतुर्थी का पंचांग महत्व और ज्योतिष प्रभाव</title>
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	<description><![CDATA[हिन्दू पंचांग के अनुसार चतुर्थी तिथि का समय चौथी तिथि के रूप में है। चतुर्थी तिथि को रिक्ता तिथि के नाम से भी जाना जाता है। ज्योतिष में तिथि का उपयोग बहुत गहराई के साथ विशिष्ट तरीके से किया जाता है और ये बात चतुर्थी तिथि पर भी सही से उतरती है। मुहूर्त शास्त्र में तिथि का उपयोग हमेशा से होता आया है चतुर्थी तिथि को शुभ तिथि में स्थान नहीं मिलता है जिसके चलते इस तिथि का प्रभाव कई मायनों में विशेष बन जाता है। सूर्य और चन्द्रमा के भोगांश का अंतर तिथि को बनाता है। चतुर्थी तिथि हर माह की शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष दोनों में आती है। यह तिथि विशेष रूप से विशेष साधना, अनुष्ठान के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। चतुर्थी तिथि हिंदू पंचांग में महत्वपूर्ण स्थान रखती है।]]></description>
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        <title><![CDATA[चतुर्थी तिथि: चतुर्थी का पंचांग महत्व और ज्योतिष प्रभाव]]></title>
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        <pubDate>Fri, 07 Mar 2025 00:00:00 GMT</pubDate>
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