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	<title>चतुर्दशी तिथि : जानें पंचांग में चौदस तिथि के बारे में विशेष बातें</title>
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	<description><![CDATA[पंचांग अनुसार चौदहवीं थी चतुर्दशी नाम से जानी जाती है। चंद्र मास के दौरान वाली यह तिथि दोनों पक्षों में हमें प्राप्त होती है। शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि और कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि। इन दोनों ही तिथियों का अपना अलग अलग महत्व भी रहा हैं जहां कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि के समय मासिक शिवरात्रि का पूजन होता है वहीं शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि व्रत उपवास एवं साधना के लिए विशेष होती है। चतुर्दशी तिथि रिक्ता तिथि में स्थान प्राप्त है। इस तिथि को शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं माना गया है। मान्यताओं के अनुसार चतुर्दशी तिथि के अमृत का पान भगवान शिव करते हैं इसलिए इस दिन उनका ध्यान करना शुभ होता है। इस तिथि पर रात्रि जागरण और शिव मंत्र जाप भी किया जाता है।]]></description>
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        <title><![CDATA[चतुर्दशी तिथि : जानें पंचांग में चौदस तिथि के बारे में विशेष बातें]]></title>
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        <pubDate>Thu, 24 Apr 2025 00:00:00 GMT</pubDate>
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