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	<title>भीष्माष्टमी : कब और क्यों मनाई जाती है भीष्म अष्टमी</title>
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	<description><![CDATA[" माघशुक्लाष्टमी भीष्माष्टमी।" माघ मास में आने वाली शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि का दिन भीष्माष्टमी के रुप में मनाया जाता है। शास्त्रों के अनुसार महाभारत के महान चरित्र भीष्म पितामह के जीवन का अंतिम भाग ही भीष्म अष्टमी के नाम से जाना गया है। सूर्य के उत्तरायण होने के बाद अष्टमी तिथि के दिन ही भीष्म ने अपने प्राण त्यागे थे और इस कारण इस दिन को भीष्म जी की पुण्यतिथि के रुप में भी मनाते हैं इस दिन श्राद्ध कार्य को करना और पितरों के निमित्त पूजन करने का विधान रहा है। ज्योतिष अनुसार भीष्म अष्टमी का दिन पितर पूजा, पितृ दोष से मुक्ति के लिए बहुत विशेष माना गया है।]]></description>
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        <pubDate>Tue, 04 Feb 2025 00:00:00 GMT</pubDate>
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