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	<title>भीष्‍म पितामह ने सूर्य के उत्तरायण होने पर ही क्यों त्यागे प्राण जानें इसके पीछे छिपा रहस्य ?</title>
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	<description><![CDATA[भीष्म पितामह का उत्तरायण सूर्य से क्या था संबंध और क्यों इस दिन किया अपने जीवन का अंत सूर्य का उत्तरायण होना और भीष्म पितामह का देह को त्यागना ये उन महान विशेष घटनाओं का साक्ष्य है जो जीवन और मृत्यु का प्रश्न भी हल कर देने वाली होती हैं। भारतीय संस्कृति में सूर्य देव की उत्तरायण यात्रा का आरंभ देश भर में मकर संक्रांति, उत्तरायण जैसे नामों से जाना जाता है। इस दिन को पंचांग, खगोल, ज्योतिष, धार्मिक एवं विज्ञान शास्त्र ने बहुत महत्वपूर्ण माना है। शास्त्रों में भीष्म पितामह का संबंध सूर्य के उत्तरायण होने की यात्रा के साथ बहुत गहराई से जुड़ा हुआ है और महाभारत ग्रंथ में इसके विषय में विस्तार पूर्वक कथा भी प्राप्त होती है। आइये जान लेते हैं आखिर भीष्म पितामह सूर्य के उत्तरायण होने पर ही क्यों अपने प्राणों को त्‍यागते हैं और क्या है इसके पीछे का रहस्य।]]></description>
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        <title><![CDATA[भीष्‍म पितामह ने सूर्य के उत्तरायण होने पर ही क्यों त्यागे प्राण जानें इसके पीछे छिपा रहस्य ?]]></title>
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        <description><![CDATA[भीष्म पितामह का उत्तरायण सूर्य से क्या था संबंध और क्यों इस दिन किया अपने जीवन का अंत सूर्य का उत्तरायण होना और भीष्म पितामह का देह को त्यागना ये उन महान विशेष घटनाओं का साक्ष्य है जो जीवन और मृत्यु का प्रश्न भी हल कर देने वाली होती हैं। भारतीय संस्कृति में सूर्य देव की उत्तरायण यात्रा का आरंभ देश भर में मकर संक्रांति, उत्तरायण जैसे नामों से जाना जाता है। इस दिन को पंचांग, खगोल, ज्योतिष, धार्मिक एवं विज्ञान शास्त्र ने बहुत महत्वपूर्ण माना है। शास्त्रों में भीष्म पितामह का संबंध सूर्य के उत्तरायण होने की यात्रा के साथ बहुत गहराई से जुड़ा हुआ है और महाभारत ग्रंथ में इसके विषय में विस्तार पूर्वक कथा भी प्राप्त होती है। आइये जान लेते हैं आखिर भीष्म पितामह सूर्य के उत्तरायण होने पर ही क्यों अपने प्राणों को त्‍यागते हैं और क्या है इसके पीछे का रहस्य।]]></description>
        <pubDate>Mon, 29 Dec 2025 00:00:00 GMT</pubDate>
        <category>English</category>
        
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