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	<title>अन्नपूर्णा अष्टमी 2026 : नोट कर लें तिथि और पूजा मुहूर्त</title>
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	<description><![CDATA[या देवी सर्वभूतेषु क्षुधा-रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।। देवी के अनेकों रूप माने गए हैं और हर रूप जीवन के कल्याण की अभिव्यक्ति को दर्शाता है। इन्हीं में से एक रूप माता का अन्नपूर्णा कहलाता है। देवी के इस रूप का पूजन फाल्गुन माह की अष्टमी को किया जाता है। काशी में मां गौरी का स्वरूप अन्नपूर्णा नाम से प्रसिद्ध रहा है। अन्नपूर्णा अष्टमी का पावन पर्व फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। मान्यताओं के अनुसार अन्नपूर्णा अष्टमी के दिन किया गया पूजन भक्तों के जीवन से हर प्रकार के अभाव को दूर करने वाला होता है। इसी कारण इस दिन किए गए उपायों और अनुष्ठानों से अनेक शुभ फलों की प्राप्ति संभव होती है। आइए जान लेते हैं इस वर्ष कब और किस समय अन्नपूर्णा अष्टमी की पूजा की जाएगी और कैसे मिलेगा इसका शुभ फल।]]></description>
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        <pubDate>Sat, 21 Feb 2026 00:00:00 GMT</pubDate>
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