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	<title>अगहन माह का सोम प्रदोष व्रत 2025 : महादेव की पूजा का विशेष योग</title>
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	<description><![CDATA[सोम प्रदोष भगवान शिव की महिमा का गुणगान करते हुए देता है जीवन को भरपुर सुख संपन्नता का वरदान। महादेव को प्रसन्न करने का एक बहुत ही खास एवं अदभुत क्षण जब मिलता है प्रदोष व्रत। त्रयोदशी तिथि पर जब सोमवार का दिन पड़ता है तो कहलाता है सोम प्रदोष व्रत। दोषों से मुक्ति का समय है प्रदोष जो देता है भक्तों को निर्भय होकर कर्म करने का बल। हर माह में आने वाली शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन प्रदोष पूजा विशेष रुप से होती है। साल भर में आने वाले प्रदोष की तिथि किसी भी वार में पड़ सकती है लेकिन हर वार जब इस तिथि से जुड़ता है तो उसके गुणों में उस दिन की शुभता का समावेश भी हो जाता है। तो इसी तरह सोमवार के दिन आने वाली त्रयोदशी के दिन भगवान शिव का स्नेह और भी अधिक होता है। ज्योतिष शास्त्र में प्रत्येक वार को एक ग्रह का संसर्ग मिला हुआ है। सोमवार के दिन को चंद्र ग्रह का स्वामित्व प्राप्त है और चंद्रमा भगवान शिव के मस्तक पर विराजमान है। सोमवार का दिन भगवान शिव की पूजा के लिए भी महत्वपूर्ण होता है।]]></description>
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        <title><![CDATA[अगहन माह का सोम प्रदोष व्रत 2025 : महादेव की पूजा का विशेष योग]]></title>
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        <pubDate>Wed, 12 Nov 2025 00:00:00 GMT</pubDate>
        <category>English</category>
        
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