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	<title>आषाढ़ संक्रांति 2025: नोट कर लें डेट और पुण्य काल का शुभ मुहूर्त समय</title>
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	<description><![CDATA[आषाढ़ माह में होने वाली एक ज्योतिषीय और धार्मिक घटना है जो आषाढ़ संक्रांति के नाम से जानी जाती है। सामान्य अर्थों में संक्रांति का मतलब होता है सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करना होता है। आषाढ़ संक्रांति वह दिन होता है जब सूर्य देव मिथुन राशि में प्रवेश करते हैं और इस कारण इस दिन को सूर्य, संक्रांति आषाढ़ संक्रांति के नाम से पूजा जाता है। इस समय पर देश के अलग अलग भागों में धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों को किया जाता है। इस दिन धर्म नगरियों और पवित्र नदियों के घाटों में भक्त सूर्य पूजा के लिए एकत्रित होते हैं। आषाढ़ संक्रांति का उत्सव प्रकृति में होने वाले बदलावों का संकेत देता है इसी के साथ सभी राशियों पर भी इसका विशेष प्रभाव दिखाई देता है। सूर्य का भ्रमण हर राशि के जातक के लिए जीवन की नई संभावनाओं के रास्ते भी दिखाते हैं। तो आइये जान लेते हैं आषाढ़ संक्रांति से संबंधित कुछ खास बातें और पुण्य काल संबंध। इस दिन धर्म नगरियों और पवित्र नदियों के घाटों में भक्त सूर्य पूजा के लिए एकत्रित होते हैं। आषाढ़ संक्रांति का उत्सव प्रकृति में होने वाले बदलावों का संकेत देता है इसी के साथ सभी राशियों पर भी इसका विशेष प्रभाव दिखाई देता है। सूर्य का भ्रमण हर राशि के जातक के लिए जीवन की नई संभावनाओं के रास्ते भी दिखाते हैं। तो आइये जान लेते हैं आषाढ़ संक्रांति से संबंधित कुछ खास बातें और पुण्य काल संबंध।]]></description>
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        <pubDate>Thu, 29 May 2025 00:00:00 GMT</pubDate>
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