Monday, September 16, 2019

वास्तु शास्त्र में ईशान कोण का महत्व

आपके घर का उत्तर – पूर्व कोण ज्योतिष भाषा में ईशान कोण के नाम से जाना जाता हैं | यह वह कोण होता हैं, जहाँ ईश्वर का वास होता हैं | तथा यह ईशान कोण आपके घर और ऑफिस के किस कोण में हो यह जानना बहुत जरुरी होता हैं, क्योंकि

१ . सही कोने में ईशान कोण होने से घर की सुख – समृद्धि बनी रहती हैं |

२ . वास्तु पुरुष का सिर ईशान कोण की तरफ होता हैं | जो कि संपूर्ण घर को वास्तु सम्मत करता हैं |

३ . ईशान कोण सही जगह पर हो उससे घर के मुखिया एवं परिवार की सोच को सही दिशा मिलती हैं |

आईए मैं वैदिक ज्योतिष आचार्य डॉ, विनय बजरंगी आपको बताता हूँ वास्तु शास्त्र के महत्व के बारे में।

vastu shatra vinay bajrangi

ईशान कोण से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारी :-

१. ईशान कोण  में विवाहित जोड़ों को नहीं सोना चाहिए अन्यथा उनमें मानसिक द्वन्द होता है। और रिश्ते टूटने की नौबत आती हैं | घर में कलेश बना रहता है |

२. ईशान कोण में कभी भूलकर भी रसोईघर ना बनवाएँ। ईशान कोण पर रसोईघर बनता है तो कभी भी आपके अपने घर में धनवृद्धि नहीं हो पाएगी | हमेश कुछ न कुछ हानि होती ही रहेगी | ईशान कोण में रसोईघर का होना , आपको हानि ही देगा |

३. ईशान कोण :-  बच्चों का शयन कक्ष व अध्ययन कक्ष ईशान कोण में होना शुभ माना जाता है। इससे बच्चो का पढाई में मन लगता है और याद की गई चीजे कभी नहीं भूलते हैं | ईशान कोण अध्ययन करने के लिए वास्तु शास्त्र में बच्चों के लिए बहुत ही शुभ माना गए हैं | वास्तु के आधार पर ही अध्ययन कक्ष ईशान कोण में बनाया जाता हैं |

४ . ईशान कोण के अनुशार शौचालय ईशान कोण में क्यों नहीं होना चाहिए | शौचालय मकान के नैऋत्य (पश्चिम-दक्षिण) कोण में अथवा नैऋत्य कोण व पश्चिम दिशा के मध्य में होना उत्तम है। घर का ईशान  कोण (उत्तर-पूर्व) दिशा में  होता है। और ईशान  कोण (उत्तर-पूर्व) दिशा में शौचालय का होना वास्तु शास्त्र में अशुभ माना गया हैं | वास्तु के अनुसार, पानी का बहाव उत्तर-पूर्व में रखें। जिन घरों में बाथरूम में गीजर आदि की व्यवस्था है, उनके लिए यह जरूरी है कि वे अपना बाथरूम आग्नेय कोण में ही रखें, क्योंकि गीजर का संबंध अग्नि से है। चूंकि बाथरूम व शौचालय का परस्पर संबंध है तथा दोनों पास-पास स्थित होते हैं। शौचालय के लिए वायव्य कोण तथा दक्षिण दिशा के मध्य या नैऋत्य कोण व पश्चिम दिशा के मध्य स्थान को सर्वोपरि रखना चाहिए।

वास्तु शास्त्र से पूजा घर का निर्माण :-

ईशान कोण में देवस्थान का निर्माण कराना शुभ माना जाता है | हर घर में पूजा का घर होता हैं लेकिन क्या आपको पता है कि पूजा घर किस स्थान पर होना शुभ माना जाता है वास्तुशास्त्र के अनुसार ईशान कोण में देवस्थान का होना अति शुभ होता है जाने इसके क्या – क्या लाभ आप को मिल सकते है | जो वास्तु के अनुसार बने घर में हमें सुख, समृद्धि एवं मनचाहे धन की

प्राप्ति होती है। इसीलिए आजकल लोग वास्तु शास्त्र के अनुसार घर बनवाना ज्यादा पसंद करते हैं।

* पूजा घर के पूर्व या पश्चिम दिशा में देवताओं की मूर्तियां होनी चाहिए।

* पूजा घर में रखी मूर्तियों का मुख उत्तर या दक्षिण दिशा में नहीं होना चाहिए।

* पूजा घर ऐसा बनाए की कभी भी  देवताओं की दृष्टि एक – दूसरे पर नहीं पड़नी चाहिए।

* पूजा घर के खिड़की व दरवाजे पश्चिम दिशा में न होकर उत्तर या पूर्व दिशा में होने चाहिए। जिससे सूर्य की किरण मंदिर में आते रहने चाहिए |

* ईशान कोण कि अनुशार  पूजा घर के दरवाजे के सामने देवता की मूर्ति रखनी चाहिए।

* पूजा घर में बनाया गया दरवाजा लकड़ी का नहीं होना चाहिए।

* ईशान कोण के अनुसार जिस जगह भगवान का वास रहता है, उस दिशा में कभी भी  शौचालय, स्टोर इत्यादि नहीं बनाए जाने चाहिए। पूजा घर के ऊपर या नीचे  कभी भी शौचालय नहीं बनाना चाहिए।

* ईशान कोण  के अनुसार बेडरूम में पूजा घर नहीं बनाना चाहिए।

* पूजा घर के लिए प्राय: हल्के पीले रंग को शुभ माना जाता है, अतः दीवारों पर हल्का पीला रंग किया जाना वास्तु के अनुशार शुभ होता है

* ईशान कोण के अनुशार फर्श हल्के पीले या सफेद रंग के पत्थर का होना चाहिए। इन कुछ छोटी-छोटी बातों को ध्यान में रखकर पूजा घर बनाया जाना चाहिए। जो हमें सुख-समृ‍द्धि के साथ-साथ हमारे जीवन को खुशहाल और हमें हर तरह से संपन्न बनाते है।

vastu vinay bajrangi

ईशान कोण के वास्तु दोष :-

१. वास्तु दोष आपके घर के सुख – समृद्धि और शांति में बाधा उत्पन करता हैं | जिससे घर में हमेसा कलेश होता हैं |

२ . वास्तु दोष होने से आपके रोजगार में हानि होता है और  व्यापर वृद्धि में बाधक होता हैं |

३ . वास्तु दोष लगने से घर के सभी सदस्यों का बीमार रहना , जैसे – रक्त सम्बन्धी बीमारी , थकान होना , आलस आना , घुटने सम्बन्धी रोग , आदि बिमारियों का होना |

४ . बच्चों का अस्वस्थ होना , कमजोर स्मरण शक्ति , पढाई में मन न लगना वास्तु दोष के लक्षण होते हैं |

वास्तु दोष से बचने के लिए अपने घर का निर्माण वास्तु के  हिसाब से से ही करें | जिससे आप के घर में सुख , समृद्धि , और शांति बनी रहे |

Read More: Hindustan Times also captures Karma Korrection techniques of Dr. Vinay Bajrangi

 

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Over 2 decades of my exposure of Vedic Astrology educates me to state that Vedic Astrology is all based on our Karmas. Firstly I very firmly believe that each horoscope has both malefic and benefic planets but none should either be distressed with negative Doshas or feel pampered with positive ones. We should know through our own karmas how to de-activate the negatives & activate the positive ones. And this is what the theory of Karma Corrections says.
Secondly, my focus is to read the flawed karmas of previous life and guide the person as to how can we improve them in our present life. And that is what my theory of Karma Correction is. I firmly believe that rituals cannot please the god. It can subside your problems but cannot eradicate. I also feel that heavy rituals are actually responsible that astrology seems to be losing its basic sheen in the modern times. Another thing is that if at all some remedies are required, should be totally Vedic, self performable rather we employing professionals to perform it for us. You have the problem so you should only devote time performing these rituals to connect with the divine power yourself.
I try to spread this concept of astrology through many other media channels like Hindustan Times, Times of India, Outlook India, Amar Ujala etc which can be read in Media & Press Section on my website OR on Quora as a preferred author OR read blog section on my website vinaybajrangi.com
I have mastered the various modes of ancient Vedic astrology and have picked up the uniqueness of all. I combine the following modes while decoding the future:
• Parashari Technique
• Brighu Technique
• Krishnamurthy Paddayti
• South Indian Nadi’s
• North Indian Astrological techniques.
• Vastu Shatra
I am also expert in the following fields:
• Birth time rectification
• Pre and Post marriage counsellor
• Chart matching for marriage
• Business issues
• Past life readings
• Career predictions, Subject selection for students
• Vastu Expert
With headquarters at Sector-66, Noida, U.P (India) I am a travelling Guru, often visiting cities in India and abroad to meet my clients.

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