Sunday, July 21, 2019

भारतीय हिन्दू समाज में यदि कुंडली को लेकर कोई सबसे बड़ी भ्रांती है| तो वह है मंगल दोष या मांगलिक दोष को लेकर| व्यक्ति कुंडली पर विश्वास करता हो ना करता हो| लेकिन मांगलिक होने के भाव से हमेशा परेशान रहता है| यह बात अति गंभीर तब हो जाती है| जब किसी कन्या की कुंडली में यह दोष हो क्योंकि पुनर्विवाह को हेय दृष्टि से देखना| आर्थिक तौर पर पुरुष पर निर्भरता, पुरुष प्रधान समाज यह महिलाओं के बंधत्व की निशानी हैं और हमारा समाज अभी इससे उबरा नहीं है|

लेकिन मंगल दोष सिद्ध करने के जो पौराणिक नियम है|  उनका हम लोग सही प्रकार से अनुपालन नहीं करते हैं| और जिस त्रुटिपूर्ण विधियों से हम मंगल दोष को आंकते है| वह हमारे समाज की आजकल की संरचना में तरीके से बैठते हुए नहीं नज़र आते है| आजकल परिवार लघु एवं  छोटे हो गए है| स्त्रियों ने काम करना  आरम्भ कर दिया है, बच्चो के ऊपर उनके बुजुर्गो का हाथ कम हो गया है| ऐसे में मंगल दोष आंकने का जो तरीका ज्योतिष अपनाते हैं और कई कुंडलियां मंगल दोष होने के कारण रद्द कर देते हैं|  उस विधि तो अब सही करने की आवश्यता है|

सबसे पहले जानते है कि शास्त्रों में किस भाव में मंगल की उपस्तिथि को मंगल दोष होने की संज्ञा देते है |

1. मंगल प्रथम भाव मेंmangal -1 vinaybajrangi

2. मंगल द्वितीय भाव मेंmangal -2vinaybajrangi

3. मंगल चतुर्थ भाव में mangal 4vinaybajrangi

4. मंगल सप्तम भाव मेंmangal-7vinaybajrangi

5. मंगल अष्ठम भाव मेंmangal 8vinaybajrangi

6.मंगल द्वादश भाव मेंmangal 12vinaybajrangi

जो सामान्य नियमो को आधार मानते हुए ज्योतिष करते है|  वो उपरोक्त छः भाव में उपस्थित  मंगल को मांगलिक कुंडली होने की संज्ञा देते है | जिसका अभिप्राय यह हुआ की 50% कुण्डलियाँ यानि कि हर दूसरा व्यक्ति मांगलिक हुआ| लेकिन इस भावों का राशियों के साथ अति गहरा सम्बन्ध है| आइए देखते है कि मंगल किन किन राशियों पर मंगल दोष को जनित करेगा और किन राशियों में वो मंगल को जनित नहीं करेगा|

      • मेष राशि  में उपस्थित मंगल स्वग्रही होता  है, जो मांगलिक दोष नहीं देगा |
      • वृषभ राशि में मंगल शुक्र के घर में है| शुक्र प्रेम है, तथा मंगल जो अग्नि है| इनका मिलान वैवाहिक जीवन के लिए ख़राब नहीं है| मंगल की यह स्थिति भी मांगलिक दोष को जनित  नहीं करती|
      • मिथुन राशि में मंगल – मांगलिक दोष को जनित करता है|
      • कर्क राशि में मंगल नीच का है|अर्थात मंगल उग्र नहीं होगा अर्थात यहाँ पर मंगल दोष नहीं हुआ|
      • सिंह राशि में मंगल मांगलिक दोष का जनित करता है |
      • कन्या राशि में मंगल मांगलिक दोष को जनित करता है |
      • तुला राशि में मंगल शुक्र के घर में है| शुक्र प्रेम है, तथा मंगल जो अग्नि है| इनका मिलान वैवाहिक जीवन के लिए ख़राब नहीं है| मंगल की यह स्थिति भी मांगलिक दोष को जनित  नहीं करती |
      • वृश्चिक राशि में उपस्थित मंगल स्वग्रही है जो कि  दोष नहीं देता |
      • धनु राशि गुरु की होती है तथा गुरु की राशि में मंगल विपरीत रूप से सक्रिय नहीं होता है| अर्थात मंगल दोष नहीं लगता है|
      • मकर राशि में मंगल उच्च अवस्था का होता है| यानि यहाँ पर भी मंगल का दोष नहीं लगता है|
      • कुंभ राशि में मंगल की स्थिती थोड़ी विपरीत होती है| यहाँ पर मंगल विपरीत रूप से सक्रिय हो सकता है| इसलिए यहाँ पर मंगल दोष माना जाता है|
    • मीन राशि गुरु की होती है गुरु की राशि में मंगल विपरीत रूप से सक्रिय नहीं होता है| अर्थात मंगल दोष नहीं  लगता है|

अर्थात  50 % लोगो पर जो यह दोष था वो  घट कर सिर्फ 4 % लोगों  पर रह गया| वो भी तब  जब यह राशियाँ 1,2,4,7,8, और 12 भाव में हों, यानि सिर्फ 3-4 % लोग ही मांगलिक बचे|

 एक गैर मांगलिक  का विवाह मांगलिक से

परेशानी का विषय यह रहता है की यदि बच्चा मांगलिक है तो उसके लिए जीवन साथी मांगलिक ही ढूँढ़ा  जाए| लेकिन इस बात पर ध्यान  नहीं दिया जाता कि यदि कुंडली वास्तव में मांगलिक भी है तब भी दूसरी गैर मांगलिक कुंडली – मांगलिक कुंडली  के मंगल दोष का परिहार कर सकती है |

कैसे मांगलिक दोष का परिहार करे एक गैर मांगलिक कुंडली के साथ

एक गैर मांगलिक कुंडली के 3,6,11 भाव यानि उपचय भाव में यदि कोई नैसर्गिक क्रूर से  क्रूर ग्रह बैठा होता है| यानि मंगल, राहु, केतु ,सूर्य या शनि तो यह गैर मांगलिक कुंडली मांगलिक की कुंडली के मंगल दोष का परिहार कर देती है|

3rd bhav

mangal -kroor,vinaybajrangimangal-vinaybajrangi

अर्थात  3 से 4 % लोग जो मंगल दोष से पीड़ित होते है उनका विवाह भी गैर मांगलिक जातक से संभव है| अर्थात इस दोष से भय खाने की आवश्कता नहीं है| मंगल दोष के आलावा बहुत अन्य तरीके से कुंडली का मिलान किया जाता है| जिसे सर्व शुद्ध कुंडली मिलान कहा जाता है| आपसे अनुरोध है कि मंगल दोष के भ्रम में न पढ़ते  हुए सर्व शुद्ध कुंडली मिलान को ही प्राथमिकता दे|

डा. विनय बजरंगी ने इस प्रकार की कई धारणाएं गलत सिद्ध की है| बहुत से युगल जो प्रेम से बंधे है, उनको गलत जानकारी दी जाती है की उनमें से कोई एक मांगलिक है| जबकि ऐसे बहुत से नियम होते है जो इन दोषों का परिहार करते हैं और साथ विवेक को सुनिश्चित करते हैं|

Read More: Hindustan Times also captures Karma Korrection techniques of Dr. Vinay Bajrangi

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I am a double Doctorate in Indian Vedic Astrology, practicing various branches of Indian astrology since the year 1996 A.D. I primarily focus on karma based astrology than only the rituals based. Rituals can subside your problems but can not eradicate it unless you understand the reasons & work towards its dissolution. And that is Karma Correction. I also feel that heavy rituals are actually responsible that astrology seems to be loosing its basic sheen in the modern times. Another thing is that if at all some remedies are required, should be totally Vedic, self performable rather we employing professionals to perform it for you. You have the problem so you should only devote time performing these rituals to connect with the divine power yourself.
I try to spread this concept of astrology through many other media channels like Hindustan Times, Times of India, Outlook India, Amar Ujala etc & many of such readings can be seen on https://www.vinaybajrangi.com/media-press.php
My astrology generally elevates the status of female in today's age.
I have mastered the various modes of ancient Vedic astrology and have picked up the uniqueness of all. I combine the following modes while decoding the future:
• Parashari Technique
• Brighu Technique
• Krishnamurthy Paddayti
• K.P.
• South Indian Nadi’s

I am also expert in the following fields:
• Birth time rectifier
• Pre and Post marriage counselor
• Chart match expert
• Handwriting expert
• Past life analyst
• Subject selection for students
• Vastu Expert

With headquarters at Sector-66, Noida, U.P (India) I am a traveling Guru, often visiting cities in India and abroad to meet my clients.

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5 Comments

राशिफल February 19, 2018 at 10:04 am

मैं इन सब चीजों पर बहुत भरोसा करता हूं
और मैं आप लोगों की वेबसाइट को हमेशा फॉलो करता हूं
मुझे उम्मीद है कि आप आगे भी अच्छी-अच्छी चीजें लाते रहेंगे
मैं रिक्वेस्ट करूंगा कि आप लोग मेरी वेबसाइट पर भी विजिट करें धन्यवाद

    vinaybajrangi February 19, 2018 at 11:07 pm

    आपका आभार , मेरी कोशिश रहेगी कि मैं आपकी उमीदों पर खरा उतरूं

Hardyal Singh March 3, 2018 at 3:23 pm

Doctor sahab Namaskar,
I liked your video very much, these are very informative and cleared many doubts. I would like to get the things clear from your side, before proceeding ahead. Please advise:-
My son’s birth details are as below:-
Name- Pawan
D.O.B.-02.10.2987
Time-10.06AM
Place-Ramnagar(Uttarakhand)

The girl’s detail are as under-
Name- Anita
D.O.B.-26.07.1987
Time- 17.03 PM
Place-Kanpur(UP)
Girl is manglik, as Mars is in 8th house. Kindly advise, whether this alliance is compatible or not. I shall waite for your pecious advice.
Thanks and Regards,

Nikita Thakur 27 June 25, 2019 at 12:46 pm

hi
My bf is Manglik (07-12-1994) 12:10 am
I am non manglik (27-06-1997)
We want to marry. I can’t refuse to marry coz of this manglik type thing. Pl. help me out i have no idea or study regarding this.
JATIN MARWAHA (07-12-1994) 12:10 am, PLACE :- JALANDHAR PUNJAB

non manglik = NIKITA THAKUR (27-06-1997) 4:04AM (BIRTH PLACE :- MUKERIAN PUNJAB)

    Dr Vinay Bajrangi June 28, 2019 at 1:27 pm

    Such public forums are meant for insights on many facts on universal basis. However for individual cases, any replies need vetting of many things about their present life before any advice. ELSE all people born on one particular time , date and place will have same destiny which does not happen. Therefore deal with your individual problem & go for a personalized professional advice. Asking on such a platform also signifies that you are little casual in dealing with such an issue. Thanks

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