Wednesday, May 22, 2019

भले ही आपकी सास ने शादी से पहले आपके पति से जुडे तमाम राज छिपा लिए हों लेकिन नक्षत्र के अनुसार आप उनके व्यक्तित्व के हर लुके-छुपे रंग-ढंग को जान सकती हैं। आपको यकीन हो या न हो लेकिन ये पूर्णत: सत्य है कि इंसान जिस नक्षत्र में जन्म लेता है, उस पर उस नक्षत्र के स्वभाव का पूरा असर देखने को मिलता है। दरअसल, किसी बच्चे के जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र व राशि में भ्रमण कर रहा है उस बच्चे का जन्म का वही नक्षत्र व राशि निर्धारित होती है. आजीवन इस नक्षत्र का प्रभाव उस बच्चे पर पड़ता है। कहते हैं कि ग्रह से बडा नक्षत्र और नक्षत्र से भी बडा नक्षत्र का पाया होता है। प्रत्येक नक्षत्र अपने-अपने स्वभाव के जातक को इस संसार मे भेजते हैं और नक्षत्र के पदानुसार ही जातक को जीवन में एक भूमिका अदा करने की जिम्मेदारी मिलती है। तो आइए जानते हैं कि विभिन्न नक्षत्रों में जन्म लेने वाले लोगों की क्या-क्या खासियत होती है :

1- अश्विन नक्षत्र
ASHWINI vinay bajrangi
ज्योतिष शास्त्र में पहला नक्षत्र अश्विन को माना गया है। इस नक्षत्र में जन्में जातक बेहद खूबसूरत और भाग्यवान होते हैं। बड़ी देह वाले इस नक्षत्र के व्यक्ति हर काम में निपुण और लोकप्रिय होते हैं। ऐसे व्यक्ति त्यभधिक ऊर्जावान होने के साथ-साथ सदैव सक्रिय रहते हैं। हर समय अपने भविष्य का ताना-बाना बुनते रहते हैं और अपनी प्रगति से कभी भी संतुष्ट नहीं होते। यही कारण है कि ये लोग कम उम्र में ही सफलता प्राप्त करते हैं। साथ ही साथ ऐसे लोग काफी हद तक रहस्यमयी प्रकृति के भी होते हैं। ऐसे जातक महिलाओं से जल्द ही आकर्षित हो जाते हैं। साथ ही इन्हें क्रोध बहुत ही जल्दी आता है, लेकिन उतनी ही जल्दी शांत हो जाता है। हालांकि ऐेसे जातक अच्छे जीवनसाथी और एक आदर्श मित्र साबित होते हैं।

2- भरणी नक्षत्र

Bharani vinay bajrangi
भरणी नक्षत्र का स्वामी शुक्र ग्रह होता है, जिसकी वजह से इस नक्षत्र में जन्मा जातक खूबसूरत और आलीशान जीवन जीने वाला होता है। वैसे तो इस नक्षत्र के लोग आरामतलब होते हैं, लेकिन यदि जीवन में कुछ ठान लें तो उस कार्य को अपने दम पर पूरा करके ही छोड़ते हैं। भरणी नक्षत्र के जातक निरोगी, सच बोलने वाला और धनवान होता है। इनकी सामाजिक प्रतिष्ठा और सम्मान हमेशा कायम रहता है। भरणी नक्षत्र के जातकों मित्रों के बीच खूब लोकप्रिय होते हैं और उनके मित्रों की संख्या भी ज्यादा होती है। ऐसे जातक अक्सर अपने विचार प्रकट करते समय इस बात की अनदेखी करते हैं कि दूसरा उसे पसंद करेगा या नहीं। जिसके चलते इन्हें अक्सर परेशा‍नी उठानी पड़ती है। ऐसे जातक काफी सोच-समझकर और हाथ दबाकर खर्च करते हैं।

3- कृतिका नक्षत्र

Krithika vinay bajrangi

यदि आपके पति ने कृतिका नक्षत्र में जन्म लिया है तो जान लीजिए कि वो किसी भी चीज पर आंख मूंद कर भरोसा नहीं करते होंगे। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोग स्वाभिमानी होने के साथ-साथ तुनक मिजाजी और बहुत उत्साहित रहने वाले होते हैं। साथ ही साथ धन खर्च के मामले में भी कंजूस होते हैं। कृतिका नक्षत्र में जन्म लेने वाला व्यक्ति खाने-पीने का शौक़ीन होता है। ये जातक कामुक प्रकृति के और जल्द ही महिलाओं के प्रति आकर्षित हो जाते हैं। हालांकि वह किसी भी संबंध में बंध कर जीवन नहीं जीते। चूंकि कृतिका नक्षत्र का स्वामी सूर्य है, इसलिए ऐसे जातक तेजस्वी एवं तीक्ष्ण बुद्धि के होते हैं। ये जिस भी काम को अपने हाथ में लेते हैं उसे पूरी लगन और मेहनत के साथ पूरा करते हैं। ऐसे जातकों का पिता के मुकाबले माता से ज्यादा लगाव होता है।

4- रोहिणी नक्षत्र

ROHINI VINAY BAJRANGI
रोहिणी नक्षत्र में जन्म लेने वाला जातक काफी बुद्धिमान, सत्ता और सरकार से मान-सम्मान हासिल करने वाला और रुपवान होता है। इनमें महिलाओं के प्रति आकर्षण साफ देखा जा सकता है। चूंकि ये खूबसूरत और मीठा बोलने वाले होते हैं, इसीलिए लोग भी इनसे जल्दी जुड़ जाते हैं। रोहिणी नक्षत्र का स्वामी चंद्रमा होता है इसलिए उसके प्रभाव के चलते ये लोग काफी कल्पनाशील और रोमांटिक स्वभाव के होते हैं। रोहिणी नक्षत्र में जन्म लेने वाला व्यक्ति सदा दूसरों में गलतियां खोजता रहता है। चंचल स्वभाव के कारण इन्हें स्थायित्व रास नहीं आता। ऐसे जातक न तो योजनाबद्ध तरीके से काम करते हैं और न ही बहुत लम्बे समय तक एक ही राह पर चलना पसंद करते हैं। मन की चंचलता का ही परिणाम है कि ये कभी एक ही मुद्दे या राय पर कायम नहीं रहते।

5- मृगशिरा नक्षत्र

MRIGSHIRA VINAY BAJRANGI
यदि आपके पति ने मृगशिरा नक्षत्र में जन्म लिया है तो जान लीजिए कि मंगल का प्रभाव होने की वजह से वे काफी साहसी और दृढ़ निश्चय वाले होंगे। उनमें नेतृत्व करने की क्षमता कूट-कूट कर भरी होगी। हरेक काम में पहल करने वाले होंगे। मृगशिरा नक्षत्र में जन्में ऐसे लोग प्रत्येक कार्य को पूरी मेहनत के साथ पूरा करते हैं। इनका व्यक्तित्व काफी आकर्षक होता है और ये हमेशा सतर्क रहते हैं। स्वभाव से चतुर इस नक्षत्र के व्यक्ति किसी को छेड़ने पर विश्वास नहीं करते लेकिन यदि कोई इन्हें छेड़ता है तो उसे छोड़ने पर भी विश्वास नहीं करते। किसी भी कीमत पर उसे सबक सिखाकर ही मानते हैं। इन्हें घूमना—फिरना खूब भाता है। इस नक्षत्र के जातक संगीत के शौकीन और सांसारिक सुखों का उपभोग करते हैं।

6- आर्द्रा नक्षत्र

ARUDRA VINAY BAJRANGI
आर्द्रा नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोगों पर आजीवन बुध और राहु ग्रह का प्रभाव रहता है। इस नक्षत्र में जन्में जातक किये हुए उपकार को न मानने वाला और क्रोधी स्वभाव का होता है। वह धन-धान्य से युक्त होता है। राहु के प्रभाव के चलते इन्हें राजनीति करना भाता है। ये किसी न किसी रूप से राजनीति से जुड़े होते हैं। ये लोग हमेशा अपने आस-पास घटने वाली घटनाओं को लेकर सदैव सतर्क रहते हैं। भविष्य में घटने वाली घटनाओं को लेकर इन्हें पूर्वाभास हो जाता है। पढ़ना-लिखना इन्हें खूब भाता है। आर्द्रा नक्षत्र के जातक दूसरों के मन की बात आसानी से पढ़ लेते हैं। नतीजतन, जीवन में कम ही किसी से धोखा खाते हैं। जहां इन जातकों से किसी के दिल की बात छुपी नहीं रहती, वहीँ ये अपने दिल की बात की किसी की भनक भी नहीं लगने देते।

7- पुनर्वसु नक्षत्र

PUNARVASU VINAY BAJRANGI
पुनर्वसु नक्षत्र में जन्म लेने वाला जातक दैवीय गुणों से युक्ती होता है। उसके उपर परमात्मा की पूरी कृपा बरसती है। ऐसा जातक शान्त स्वभाव वाला, सुखीद्, सभी सुखों को भोगने वाला और सबका प्रिय होता है। लक्ष्मी जी की इन पर विशेष कृपा बरसती है। मिलनसार व्यक्तित्व वाले ऐसे जातकों की याद्दाश्त बहुत मजबूत होती है। ऐसे जातक जितना जीवन में सफल होते हैं, उतने ही इनके गुप्त, शत्रु होते हैं। इन्हें सबसे ज्यादा खतरा अपने मित्रों और करीबी लोगों से ही होता है। अमूमन ऐसे जातकों की दो से अधिक संतान होती हैं। हालांकि लोगों की मदद को तैयार करने के लिए तत्पर रहने वाले ऐसे जातक काफी लोकप्रिय होते हैं। ईश्वर पर इनकी पूरी आस्था होती है।

8- पुष्य नक्षत्र

PUSHYA VINAY BAJRANGI
शनिदेव के प्रभाव वाले पुष्य नक्षत्र को सबसे शुभ माना जाता है। इसमें जन्म लेने वाला जातक धर्म, धन आदि से युक्त विद्वान होता है। वह जीवन में सभी सुखों को प्राप्त करता है। ऐसे जातक हर समय दूसरों की मदद को तैयार रहते हैं। परिश्रमी स्वभाव वाले ऐसे जातकों के भीतर सेवा भावना कूट-कूट कर भरी होती है। ये जातक जल्द ही भावुक हो जाते हैं। ये हमेशा नए—नए काम करने के शौकीन होते हैं। ऐसे में हर बार नए काम की खोज के चलते इन्हें जीवन में अधिक परिश्रम और देरी से ही फल प्राप्त होता है। इन्हें संयमित और व्यवस्थित जीवन जीना पसंद होता है। ये काफी भरोसेमंद मित्र होते हैं। ये संबंधों को पूरी तरह से निभाते हैं। पुष्य नक्षत्र के जातक अपनी बातों से दूसरों का मन मोह अपना काम निकलवा लेने में माहिर होते हैं।

9- आश्लेषा नक्षत्र

ASHLESHA VINAY BAJRANGI
आश्लेषा नक्षत्र में जन्में व्यक्ति ईमानदार तो होते हैं किंतु मौका मिलते ही अपने रंग दिखाने से भी बाज नहीं आते। क्रोधी स्वभाव वाले ऐसे जातकों के पक्ष में जब तक स्थितियां सकारात्मक रहती हैं, तब तक तो ये साथ निभाते हैं, लेकिन विपरीत होते ही मुंह मोड़ लेते हैं। ऐसा जातक पाप कर्म करने से नहीं हिचकता है। यह व्यक्ति किसी भी नियम या आचरण को नहीं मानने वाला होता है। ऐसे जातक किसी पर भरोसा नहीं करते। इस नक्षत्र में जन्मे व्यक्ति की आँखों एवं बोली में एक विशेष आकर्षण होता है। ये दूसरों से अपना काम निकलवाने में निपुण होते हैं। ऐसे जातक अक्सर जन्म स्थान से दूर ही रहते हैं।

10- मघा नक्षत्र

MAGHA VINAY BAJRANGI
मघा नक्षत्र में जन्म लेने वाले जातक की कद—काठी छोटी होती है लेकिन आंखे चमक से भरी और चेहरा रौबीला होता है। ये स्वंभाव से कर्मठ और अपने काम को शीघ्र—अतिशीघ्र पूरा करने में विश्वास करते हैं। इन्हें बात—बात पर क्रोध आता है। क्रोध आने पर ये सामने वाले को नीचा दिखाने में कोई कसर नहीं छोडते हैं। स्वाभिमानी प्रकृति के ये जातक अपनी मेहनत से अपना जहां तैयार करते हैं। ऐसे जातकों का धर्म से जुड़े कार्यों में खूब मन लगता है। मघा नक्षत्र में जन्मा जातक पितृ-भक्त होता है।

11- पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र

PURVA PHALGUNI VINAY BAJRANGI
पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में जन्म लेने वाला जातक विद्या, धन आदि से संपन्न होता है। इस नक्षत्र में जन्मा जातक स्वभाव से चंचल एवं त्यागी होगा। ऐसा जातक मनमोहक छवि और मीठा बोलने वाला होता है। नैतिकता और ईमानदारी का पर्याय माने जाने वाले ऐसे जातक को समाज में खूब आदर और सम्मान मिलता है। इन्हें अनुशासन प्रिय है, इसलिए वे अक्सर अपने बीच रहने वालों से भी इसकी अपेक्षा करते हैं। नेतृत्व करने की क्षमता इन जातकों में बचपन से ही होती है। परिवार में भी ये जातक मुखिया की ही भूमिका में रहते हैं। इस नक्षत्र में जन्में जातक की कला संगीत आदि में काफी रूचि होती है। इनमें अहंकार की प्रवृत्ति कई बार इनके कई गुणों को प्रभावहीन बनाती है।

12- उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र

UTTARA PHALGUNI VINAY BAJRANGI
उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में जन्में लोग काफी परिपक्व और बुद्धिमान होते हैं। ये अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए भरपूर प्रयास करते हैं। ऐसे जातक काफी सहनशील और मधुर वचन बोलने वाले होते हैं। उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोग युद्ध विद्या में निपुण, लड़ाकू एवं साहसी होते हैं। ऐसे जातकों की खासियत है कि वह अपने बनाए रास्ते पर चलते हैं। वे लोगों का नहीं बल्कि लोग उनका अनुसरण करते हैं। वह सिंह ही भांति खुद ही अपना शिकार करने पर यकीन करते हैं। ऐसे जातकों में नेतृत्व का गुण जन्मजात होता है। इस नक्षत्र में जन्में जातक पूरी तरह से मित्रता निभाते हैं। पारिवारिक जीवन में भी ये अपनी जिम्मेवारियों का पालन अच्छी तरह से करते हैं।

13- हस्त नक्षत्र

HASTA VINAY BAJRANGI
यदि आपके पति का जन्म हस्त नक्षत्र में हुआ है तो वह तमोगुणी प्रकृति वाले हो सकते हैं। ऐसे जातक अपना काम निकालने के लिए किसी भी हद तक झूठ बोलने में नहीं हिचकते। इस नक्षत्र में जन्में जातक संसार को जीतने और उसपर शासन करने का पूरा सामर्थ्य एवं शक्ति रखता है। ऐसा जातक अपने ज्ञान और समृद्धि के कारण समाज में अपनी अलग पहचान बनाता है। ऐसे जातक अमूमन बाहर से कड़क और अंदर से नरम स्वमभाव के होते हैं। हालांकि कई बार वे कठोर निर्णयों के कारण अत्यंत कड़े एवं क्रूर हो जाते हैं।

14- चित्रा नक्षत्र

CHITRA VINAY BAJRANGI
चित्रा नक्षत्र में जन्म लेने वाला जातक स्त्री, संतान और धन-धान्य से युक्त होता है। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्तियों के स्वभाव में मंगल ग्रह का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। ऐसे जातक किसी भी कठिन परिस्थिति से नहीं घबराते और मुसीबत का डटकर सामना करते हैं। परिश्रम और हिम्मत ही इनकी ताकत है। चित्रा नक्षत्र में जन्म लेने वाला जातक रूपवान और आकर्षक आँखों वाला होता है। ऐसा जातक साज-सज्जा् का शौकीन होता है। आकर्षक व्यक्तित्व के चलते अक्सर महिलाएं इनकी ओर आकर्षित हो जाती हैं। ऐसे जातक कामुक एवं स्त्रियों में अधिक रूचि रखने वाले होते हैं। ऐसे जातक की प्राय: किसी कारणवश अपने पिता से दूरी और माता से निकटता होती है। चित्रा नक्षत्र में जन्मा व्यक्ति अपने जन्म स्थान से दूर जाकर ही सफल होता है।

15- स्वाती नक्षत्र

SWATI VINAY BAJRANGI
यदि आपके पति ने स्वाती नक्षत्र में जन्म लिया है, तो निश्चित रूप से वे बुद्धिमान, धर्मात्मा और देशभक्त होंगे। ऐसे जातकों के चेहरे में एक अलग ही चमक होती है। ऐसे जातकों का शरीर सुडौल एवं भरा हुआ होता है, इसलिए ये अक्सर भीड़ से अलग ही दिखते हैं। ये जातक अपने स्वभाव और आचरण के लिए समाज में जाने जाते हैं। इन्हें दिखावा करना कत्तई रास नहीं आता है। स्वतंत्र विचारों वाले ऐसे जातक बंधनों में बंधकर काम करना बिल्कुल नहीं पसंद करते। इन्हें कोई आदेश दे, यह नामंजूर होता है। ये कभी भी अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं करते। ऐसे जातक राजनीतिक के दांव-पेंचों को अच्छी तरह समझते हैं और अपने विरोधियों पर हमेशा जीत हासिल करते हैं। वैचारिक मतभेदों के चलते पारिवारिक जीवन में कम ही सामंजस्य बिठा पाते हैं।

16- विशाखा नक्षत्र

VISHAKHA VINAY BAJRANGI
यदि आपके पति का जन्म‍ विशाखा नक्षत्र में हुआ है तो वह शारीरिक श्रम की बजाय मानसिक कार्यों को अधिक वरीयता देते होंगे। सही मायने में ऐसे जातकों का भाग्योदय मानसिक सूझ-बूझ से ही होता है। ऐसे जातक अपनी बुद्धि के प्रयोग से सभी को पराजित करते हैं। विशाखा नक्षत्र में जन्में जातक स्वभाव से ईर्ष्यालु लेकिन अपनी मधुर वाणी के सहारे ही अपना काम निकाल लेने में माहिर होते हैं। इस नक्षत्र में जन्में जातक का सामाजिक दायरा काफी बड़ा होता है। ऐसे जातकों का अपने पिता से मतभेद बना रहता है।

17- अनुराधा नक्षत्र

ANURADHA VINAY BAJRANGI
अनुराधा नक्षत्र में जन्में लोग अपने आदर्शों और सिद्धांतों पर जीते हैं। क्रोधी स्वभाव के ये जातक अक्सर अपने गुस्से को नियंत्रित नहीं कर पाते, नतीजतन इन्हें बड़ा नुकसान उठाना पड़ता है। अनुराधा नक्षत्र के जातक अपने दिमाग से ज्यादा दिल से काम लेते हैं और जो दिल में होता है, उसे बयां कर देते हैं। इनकी साफगोई और कड़वी जबान के चलते अक्सर लोग इनसे दूरी बनाकर रखते हैं। ऐसे जातक अक्सर अपने घर से दूर रहते हैं।

18- ज्येष्ठा नक्षत्र

JEYESHTA VINAY BAJRANGI
ज्येष्ठा नक्षत्र में जन्में जातक थोड़े तुनक मिजाजी होते हैं। ऐसे जातक अक्सर छोटी-छोटी बातों पर लड़ने को तैयार हो जाते हैं। इस नक्षत्र के जातक का बदन गठीला होता है और वह अपना काम फुर्ती से निबटाता है। ऐसे जातक यदि किसी के बार में एक बार अपने मन में धारणा बना लें तो फिर उस पर आजीवन कायम रहते हैं। ऐसे जातक अक्सर बुद्धिमान व्यक्तियों के बीच उठना-बैठना पसंद करते हैं। हालांकि अपने हठीले स्वभाव के चलते इन्हें कई बार जीवन में कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। कई बार ऐसे जातक नशे की लत का शिकार हो जाते हैं।

19- मूल नक्षत्र

MOOLA VINAY BAJRANGI
यदि आपके पति ने मूल नक्षत्र में जन्म लिया है तो जान लीजिए उन्हें जीवन में कभी भी धन की कमी नहीं होगी। ऐसे जातक अपने कार्यों द्वारा अपने परिवार का नाम और सम्मान बढाते हैं। ये जातक काफी
बुद्धिमान, जिम्मेदार और वफादार होते है लेकिन कई बार ऐसे जातकों का व्यवहार देश, काल परिस्थिति के कारण बहुत तेजी से बदल जाता है। ऐसे जातक अपने सौंदर्य के सम्मोहन से सबको अपना बना लेते हैं।

20- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र

PURVASHADA VINAY BAJRANGI
पूर्वाषाढ़ नक्षत्र में जन्मा जातक देखने से ही परोपकारी, भाग्यवान, लोकप्रिय और विद्वान नजर आता है। ऐसे जातक बहुत ही अच्छे दोस्त और जीवनसाथी साबित होते हैं। हालांकि कभी-कभी ये तुनुकमिजाजी प्रतीत होते हैं। ऐसे जातकों का व्यक्तित्व दूसरों पर हावी रहता है। ये काफी संवेदनशील होते हैं, जो दूसरों की तन-मन-धन से मदद को आतुर रहते हैं। अपने इन्ही गुणों के कारण इन्हें, समाज में काफी सम्मान मिलता है। इस नक्षत्र में जन्में जातक बुद्धिजीवी होते हैं और अपनी मेहनत और सत्यनिष्ठा के कारण आगे बढ़ते हैं। हालांकि इनका जिद्दी और कठोर स्वभाव ही इनकी प्रगति में बाधक बनता है।

21- उत्तराषाढ़ा नक्षत्र

UTTARASHADA VINAY BAJRANGI
यदि आपके पति ने उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में जन्म लिया है तो निश्चित रूप से वे काफी आशावादी और खुशमिजाज स्वभाव के होंगे। इस नक्षत्र में जन्में व्यक्ति ईश्वर में आस्था रखते हुए जीवन में प्रसन्नता और मैत्री के साथ आगे बढ़ने में विश्वास रखते हैं। ऐसे जातक अपने मित्रों का पूरा साथ देते हैं और इसी स्वभाव के कारण इन्हें अपने मित्रों से परस्पर सहयोग और सहायता मिलती रहती है। ये लोग काफी धनी भी होते हैं। ऐसे जातक सादा जीवन, उच्च विचार में विश्वास रखते हैं। नम्र स्वभाव होने के बावजूद ऐसे जातक किसी के सामने घुटने नहीं टेकते हैं और न ही किसी भी प्रकार के संकट में इनके पैर डगमगाते हैं।

22- श्रवण नक्षत्र

SHRAVANA VINAY BAJRANGI
श्रवण नक्षत्र में जन्मा जातक एक माध्यम कद काठी वाला लेकिन आकर्षक व्यक्तित्व का स्वामी होता है। इस नक्षत्र में जन्में जातक अपने माता-पिता की आज्ञा मानने और उनकी सेवा करने वाले होते हैं। इस नक्षत्र का नाम ही श्रवण कुमार के नाम पर ही नाम पड़ा है। ऐसे जातक काफी ईमानदार और कर्तव्यपरायण होते हैं। ऐसे जातकों की गिनती समाज में निश्छल और पवित्र व्यक्ति के रुप में होती है। मानव मात्र की सेवा के लिए हमेशा ये तत्पर रहते हैं। श्रवण नक्षत्र के जातक एक अच्छे वक्ता होते हैं। सच्चाई और ईमानदारी के मार्ग पर चलते हुए कई बार इन्हें दूसरों से धोखा मिलता है लेकिन ये अपनी विचारधारा पर कायम रहते हैं।

23- धनिष्ठा नक्षत्र

DANISHTA VINAY BAJRANGI
यदि आपके पति का जन्म धनिष्ठा नक्षत्र में हुआ है तो निश्चित रूप से वे काफी उर्जावान होंगे। ऐसे जातकों को कभी भी खाली बैठना पसंद नहीं होता। ये कुछ न कुछ करते रहते हैं। ऐसे जातक किसी भी आयु में ज्ञान अर्जित करने में संकोच नहीं करते हैं। अपने इसी गुण के कारण आप किसी भी प्रकार के कार्य को निपुणता के साथ पूर्ण करने में सक्षम रहते हैं। धनिष्ठा जातक कभी विरोध की भावना नहीं रखते परन्तु अपने साथ हुए दुर्व्यवहार को कभी भूलते भी नहीं और सही समय आने पर अपने तरीके से बदला लेते हैं। इस नक्षत्र के लोगों को अपने जीवन में ससुराल पक्ष से अधिक सहयोग प्राप्त नहीं होता है।

24- शतभिषा नक्षत्र

SHATABISHA VINAY BAJRANGI
शतभिषा नक्षत्र के जातक आकर्षक और मजबूत व्यक्तित्व के स्वामी होते हैं। ये जातक जहां कहीं भी जाते हैं, आकर्षण का केंद्र बन जाते हैं। तेज़ स्मरण शक्ति इनके व्यक्तित्व को चार चांद लगाती है। इस नक्षत्र में जन्में लोग स्वच्छंद विचारधारा के होते है, इसलिए पार्टनरशिप की बजाय स्वतंत्र रूप से अकेले ही कार्य करना पसंद करते हैं। इस नक्षत्र के जातक अपने सिद्धांतों पर अडिग रहते हैं और किसी भी कीमत पर उनसे समझौता नहीं करते। कोई भी इनसे गलत काम नहीं करवा सकता। ये अपने शत्रुओं पर हमेशा हावी रहते हैं। इस नक्षत्र के जातकों का पिता की अपेक्षा माता से ज्यादा लगाव रहता है।

25- पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र

PURVABADRA VINAY BAJRANGI
गुरु ग्रह के स्वामित्व वाले पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में जन्मा जातक हमेशा सत्य के मार्ग पर चलने वाला और जीवन में सदाचार का पालन करने वाला होता है। ऐसा जातक आध्यात्मिक प्रवृत्ति वाला और हमेशा दूसरों की मदद के लिए तत्पर रहता है। पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में जन्मा जातक अपने आदर्शो और सिद्धांतों पर ही आजीवन चलना पसंद करता है। ऐसे जातक कभी भी अपने जीवन में पथभ्रष्ट नहीं होते। यदि आपके पति का जन्म भी पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र मे हुआ है तो जान लीजिए कि वे मानवता में विश्वास रखते हुए केवल दूसरों के भले के बारे में ही सोचते हैं। वे एक नेक दिल इंसान होने के साथ-साथ खुले विचारों वाले व्यक्ति हैं। ऐसे जातकों को माता का स्नेहह कम मिल पाता है। पूर्वाभाद्रपद में जन्मा जातक अक्सर स्त्रियों के वश में रहता है।

26- उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र

UTTARABADRA VINAY BAJRANGI
यदि आपके पति का जन्म उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र में हुआ है तो वह हवाई किले बनाने या फिर कहें कोरी कल्पना में जीने वाले व्यक्ति होंगे। ऐसे लोग नरम दिल के और धार्मिक होते हैं। वैराग्य इनके स्वभाव में होता है। ऐसे लोगों के भीतर त्याग भावना भी बहुत ज्यादा होती है। ऐसे जातकों के साथ यदि कोई दुर्व्यवहार भी करता है तो वो उसे क्षमा कर देते हैं। इस नक्षत्र में जन्में लोग अपने दिल में भी किसी के प्रति कोई द्वेष नहीं रखते। ऐसे जातक किसी भी कार्यक्षेत्र में उच्च पद को प्राप्त करने में सक्षम होते हैं। यह सफलता इस नक्षत्र के जातक की शैक्षिक योग्यता के आधार से ज्यादा, उसके गुणों के कारण मिलती है।

27- रेवती नक्षत्र

REVATI VINAY BAJRANGI
यदि आपके पति का जन्म‍ रेवती नक्षत्र में हुआ है, तो वे निश्चित रूप से माध्यम कद और गौर वर्ण के होंगे। रेवती नक्षत्र के जातक निश्छल और बेहद ईमानदार होते है। ईश्वर में पूरी आस्था रखने वाले ऐसे जातक जीवन में आने वाली सभी परेशानियों से आसानी से पार पा लेते हैं। रेवती नक्षत्र में पैदा हुए जातक को बहुत जल्दीे ही क्रोध आ जाता है, नतीजतन ये जल्दी ही आपा खो देते हैं। लेकिन इन्हें वे अक्सर अपनी इस आदत पर पश्चाताप भी खूब करते हैं। ऐसे जातक बुद्धिमान लेकिन मनमौजी होते हैं। ये किसी भी चीज पर आंख मूंद कर विश्वास नहीं करते।

यदि आपके पति में भी नक्षत्रों के अनुसार पड़ने वाले प्रभावों के चलते कुछेक समस्याएं हैं, जिनसे वे चाहते हुए पार नहीं पा रहे हैं या फिर उनकी कुछ आदतों के चलते आपको समय—बेसमय शर्मसार या निराश होना पड़ता है तो चिंता करने की कोई बात नहीं है क्योंकि यदि समस्याएं हैं तो उनका निदान भी है। जिसे दूर करेंगे वे शख्स जिनके उुपर बजरंगी का आशीर्वाद है। जिन्हें बजरंगी से ज्योतिष विद्या का वरदान मिला है। जी हां, बजरंगी धाम में पहुंच कर आप न सिर्फ नक्षत्रों के प्रभाव से होने वाली समस्याओं का समाधान बल्कि अपने जीवन में आ रही सभी अड़चनों को दूर करने के लिए देश—दुनिया में प्रख्यात, जाने—माने ज्योततिषविद विनय बजरंगी जी से मिलकर पा सकती हैं। पंडित विनय बजरंगी जी द्वारा बताए जाने वाले ज्योतिषीय उपाय पूर्णत: सहज, सरल और सनातनी हैं।

नक्षत्रों का खेल विवाह के मिलान में भी होता है , इसको मेरे अन्य लेख से जाने |
मंगल का दंगल , इस को भी विस्तृत तरीके से जाने |
इन पर मेरे youtube वीडियो भी है आप देख सकते हैं |

इन पर मेरे youtube वीडियो भी है आप देख सकते हैं |

Read More: Hindustan Times also captures Karma Korrection techniques of Dr. Vinay Bajrangi

+ posts

I am a double Doctorate in Indian Vedic Astrology, practicing various branches of Indian astrology since the year 1996 A.D. I primarily focus on karma based astrology than only the rituals based. Rituals can subside your problems but can not eradicate it unless you understand the reasons & work towards its dissolution. And that is Karma Correction. I also feel that heavy rituals are actually responsible that astrology seems to be loosing its basic sheen in the modern times. Another thing is that if at all some remedies are required, should be totally Vedic, self performable rather we employing professionals to perform it for you. You have the problem so you should only devote time performing these rituals to connect with the divine power yourself.
I try to spread this concept of astrology through many other media channels like Hindustan Times, Times of India, Outlook India, Amar Ujala etc & many of such readings can be seen on https://www.vinaybajrangi.com/media-press.php
My astrology generally elevates the status of female in today's age.
I have mastered the various modes of ancient Vedic astrology and have picked up the uniqueness of all. I combine the following modes while decoding the future:
• Parashari Technique
• Brighu Technique
• Krishnamurthy Paddayti
• K.P.
• South Indian Nadi’s

I am also expert in the following fields:
• Birth time rectifier
• Pre and Post marriage counselor
• Chart match expert
• Handwriting expert
• Past life analyst
• Subject selection for students
• Vastu Expert

With headquarters at Sector-66, Noida, U.P (India) I am a traveling Guru, often visiting cities in India and abroad to meet my clients.

Spread the love
  • 51
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •   
  •   
  •   
  •  
    51
    Shares
Tags: , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , ,
I am a double Doctorate in Indian Vedic Astrology, practicing various branches of Indian astrology since the year 1996 A.D. I primarily focus on karma based astrology than only the rituals based. Rituals can subside your problems but can not eradicate it unless you understand the reasons & work towards its dissolution. And that is Karma Correction. I also feel that heavy rituals are actually responsible that astrology seems to be loosing its basic sheen in the modern times. Another thing is that if at all some remedies are required, should be totally Vedic, self performable rather we employing professionals to perform it for you. You have the problem so you should only devote time performing these rituals to connect with the divine power yourself. I try to spread this concept of astrology through many other media channels like Hindustan Times, Times of India, Outlook India, Amar Ujala etc & many of such readings can be seen on https://www.vinaybajrangi.com/media-press.php My astrology generally elevates the status of female in today's age. I have mastered the various modes of ancient Vedic astrology and have picked up the uniqueness of all. I combine the following modes while decoding the future: • Parashari Technique • Brighu Technique • Krishnamurthy Paddayti • K.P. • South Indian Nadi’s I am also expert in the following fields: • Birth time rectifier • Pre and Post marriage counselor • Chart match expert • Handwriting expert • Past life analyst • Subject selection for students • Vastu Expert With headquarters at Sector-66, Noida, U.P (India) I am a traveling Guru, often visiting cities in India and abroad to meet my clients.

Related Article

2 Comments

Sarika Grewal March 11, 2018 at 2:55 pm

A very informative article. Sir, I have read your article thoroughly. The personality traits mentioned in this completely match with the personality of my family members.

    vinaybajrangi March 11, 2018 at 5:30 pm

    Thanks. God Bless You.

Leave a Comment