व्यापार में अचानक गिरावट क्यों आती है

fall in business

हम सभी नौकरी या बिजनेस/Job or Business में सबसे अव्वल आना चाहते हैं और इससे ज्यादा वह अपनी उस स्थिति को बरकरार रखना चाहते हैं। ऐसा कई बार होता है कि अधिक वैभव और शौर्य कमाने के लिए पुण्य के साथ साथ पापपूर्ण कार्य भी करने लगते हैं। इस बात को कोई नहीं झुठला पाया है कि हमेशा अधिक पाने की चाह में बुद्धिमान व्यक्ति भी सही और गलत की बारीक सी रेखा को भूल जाते हैं और धन और वैभव की तलाश में गलत रास्ते पर चल पड़ते हैं।

बिजनेस ज्योतिष शत्रु ग्रहों की पहचान करता है

हर कुंडली में दोनों प्रकार के ग्रह होते हैं – मित्र ग्रह और शत्रु ग्रह। मित्र ग्रह आपका स्वागत करने के लिए तैयार रहते हैं और शत्रु ग्रह आपके सफलता में रोड़ा बनने के लिए होते हैं। सभी ग्रह अपनी दशा और गोचर के अनुसार ही कार्य करते हैं। मित्र और शत्रु ग्रहों के परिणामों (नकारात्मक या सकारात्मक परिणाम) को काफी हद तक समझना आसान होता है। लेकिन कुछ गुप्त ग्रहों का प्रभाव ऐसा होता है कि जब वह प्रभाव डालते हैं, तो वह गलत तरीकों से भी अद्वितीय सुख और सफलता को प्राप्त करने के लिए व्यक्ति को आकर्षित करते हैं।

बिजनेस ज्योतिषी के द्वारा चेतावनी के दो शब्द

यह सलाह दी जाती है कि किसी भी बिजनेस या नौकरी में लोगों को इन शत्रु ग्रहों के प्रभाव से डरना नहीं चाहिए। एक सक्षम ज्योतिषी/Learned Astrologer उन सीमाओं के बारे में आपको बता सकता है और आपको सही रास्ते से सफलता प्राप्त करने में सहायता कर सकता है।

व्यापार ज्योतिष से पहचानें कि ऐसा क्यों होता है?

जब सूर्य नकारात्मक रूप से प्रभावित हो जाता है तो यह अनैतिकता, अहंकार, क्रूरता जैसी विशेषता प्रदान करता है। एक प्रकार से यह शत्रुओं को व्यक्ति पर नियंत्रण करने में मदद करता है।

चलिए इसे थोड़ा गंभीरता से समझते हैं। जब सूर्य किसी की कुंडली में अस्त होता है, तो यह भाग्य में पूर्ण अंधकार लाता है। अब सूर्य इतना स्वस्थ और प्रभावशाली ग्रह है कि अन्य ग्रह को इस समस्या को हल करने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ सकती है, खासतौर पर यह स्थिति तब उत्पन्न होती है जब जब सूर्य अंधेरा बनाता है। अब जब सूर्य ऐसी नकारात्मकता देने वाला बन जाता है, तो व्यक्ति को प्रबल संकेत मिलने लगते हैं। यह संकेतक सिर, पेट, हड्डियों और आंखों में रोग दे सकता है। यह संकेत व्यक्ति को बताते हैं कि सूर्य नकारात्मक प्रभाव दे रहा है, इसलिए इसे नियंत्रित करने का प्रयास करना चाहिए। और यदि हम ऐसे संकेतों की उपेक्षा करते हैं, तो हम इसके लिए खुद को जिम्मेदार ठहराते हैं।

इस तरह के प्रभाव का सामना कौन कर सकता है या कौन करता है?

उत्कृष्ट राजयोग/Raj yoga वाले लोगों का भी नकारात्मक योग होता है जो सरकार से परेशानी की तरफ संकेत करता है। एक अजीबोगरीब लेकिन सबसे बुरी बात यह है कि यह नकारात्मक योग भी एक साथ सक्रिय हो जाता है। यही कारण है कि सरकार या अदालत की समस्या को एक ही भाव से देखा जाती है, लेकिन इन समस्याओं के बीच अंतर करने के लिए एक बहुत पतली रेखा होती है जो सिर्फ एक ज्ञानी ज्योतिषी को ही पता होती है। लेकिन इन भावों में ऊर्जा का निरंतर और अनियंत्रित विस्फोट असहनीय परिमाण के कई समस्या की देखरेख कर सकता है।

बिजनेस ज्योतिष सिद्धांतों के अनुसार, एक मजबूत सहायक चंद्रमा और समान रूप से मजबूत लग्न और लग्नेश वाले लोग ऐसे निरंतर दबावों को संभालने में सक्षम होते हैं। लेकिन खराब चंद्रमा और कमजोर लग्न वाले लोग ऐसी परिस्थितियों में लड़ने में असफल हो जाते हैं और दबावों के आगे झुक जाते हैं। इस स्तर पर भाग्यशाली लोग किसी योग्य ज्योतिषी से जुड़ जाते हैं।

व्यापार ज्योतिष से छोटी सलाह

मैं लगभग दो दशकों से वैदिक ज्योतिष का अभ्यास कर रहा हूं। मैंने ऐसी कई कुंडलियाँ/Natal Charts देखी हैं, जिनमें सूर्य की स्थिति इस प्रकार है कि वह किसी भी समय किसी भी दिशा में झुक सकता है। यही वह जगह है जहां मन (चंद्रमा अगर बेदाग हो) और स्वयं (लग्न यदि महत्वपूर्ण है), जैसा कि ऊपर कहा गया है, एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह दोनों कारक मिलकर सूर्य की नकारात्मकता से लड़ते हैं। इसलिए कुंडली में सूर्य की स्थिति की जांच करने के लिए D10 और D60 में इसकी स्थिति की जांच करानी चाहिए। मुझे यकीन है कि इसकी आंतरिक प्रकृति यह सब खुद ही प्रकट करने की क्षमता रखता है। अंत में, आपको इन संभागीय चार्टों के गहन अध्ययन के आधार पर कर्म सुधार/Karma Correction की सलाह दूंगा जो आपके लिए बहुत जरूरी है।

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