जानिए कैसे पाएं राहु से जुड़ी हर समस्या से छुटकारा

Kharab Rahu ka prabhav

राहु की हर परेशानी से मुक्ति पाने के लिए जीवन में कुछ बातों का ध्यान देने की आवश्यकता होती है. राहु के कारक तत्वों को समझने और राहु कुंडली में किस स्थिति में है. जन्म कुंडली में राहु को देख कर ही राहु शांति के उपाय अधिक सार्थक होते हैं. राहु का प्रत्येक भाव में स्थान होता है. हर भाव अलग अलग चीजों का प्रतिनिधित्व करता है और जब राहु का संबंध किसी भाव से बनता है तो राहु का प्रभाव उस भाव के साथ मिलकर अपना असर दिखाता है.

राहु का कुंडली में मजबूत होना देता है राहत 

राहु कुंडली में अगर अच्छी स्थिति में हो तो राहु अपने खराब फलों को उस रुप में नहीं देता है जिसके लिए वह प्रसिद्ध है. राहु के मजबूत एवं शुभ स्थिति में होने से व्यक्ति राहु से मिलने वाली परेशानियों से छुटकारा पाने में सफल हो सकता है. राहु को कुंडली में एक ऐसे ग्रह के रुप में देखा जाता है. राहु का असर कुंडली में जब किसी बेहतर स्थान पर होता है तो राहु का असर व्यक्ति को प्रसिद्धि दिलाने वाला होता है. राहु लोगों के मध्य व्यक्ति को बेहतर नेता बनाने में सहायक होता है. राहु का दशम भाव में/Rahu in the tenth house होने पर व्यक्ति अपनी बाधाओं से निकल आने में सक्षम होता है. व्यक्ति अपने अनुसार नीतियां बना कर काम करने में कुशल होता है. इस जगह पर राहु का होना व्यक्ति को राजनेता बनाने में भी सहायक होता है. राहु का असर व्यक्ति को बेहतर रणनीति के साथ काम करने की ओर ले जाता है.

राहु अगर छठे घर में/Rahu in the Sixth House अगर वृष राशि में हो तो व्यक्ति अपनी समस्याओं से बाहर निकल पाने में काफी सक्षम होता है. व्यक्ति के जीवन में आने वाले व्यवधान उसे परेशान नहीं कर पाते हैं. व्यक्ति के भीतर जोश और उत्साह इस तरह का होता है कि वह अपने शत्रुओं को धूल चटाने वाला होता है. कानूनी दांव पेज हों या कोई गंभीर मसला व्यक्ति को इन चीजों से बचाने में राहु काफी मददगार सिद्ध होता है. यहां राहु की स्थिति व्यक्ति को कष्ट से बचाने में बहुत करिश्माई रुप से काम करती है. राहु वृषभ राशि/Rahu in Taurus में होकर धैर्यशीलता के साथ गंभीर रुप से चीजों को हल करने का काम करता है. व्यक्ति इतनी सफाई से काम करता है की दूसरे को आभास भी नहीं हो पाता है.

राहु अगर कुंडली/Kundli में मिथुन राशि में मौजूद हो तो ये स्थिति भी राहु को मजबूती देने वाली होती है. राहु के यहां होने पर व्यक्ति काफी चतुराई पूर्ण कामों को करने में बहुत अच्छा होता है. राहु इस में होने पर व्यक्ति को काफी चीजों के मसलों से निकल जाने में बेहतर सलाह देने वाला होता है. अंतर्मन में राहु की गहरी पैठ बनी रहती है. व्यक्ति लोगों के मध्य अपनी छवि को बेहतर रुप से स्थापित करता है. मिथुन राशि में/Rahu in Gemini राहु होने कारण व्यक्ति सभी के सक्षम अपने प्रभुत्व को स्थापित कर देने वाला होता है.

राहु के उपाय दिलाते हैं राहत 

राहु की बेहतर स्थिति अगर कुंडली में हो तो ऐसे में कई चीजों से बचाव होता है लेकिन अगर राहु कुंडली में/Rahu in the Horoscope शुभ एवं मजबूत स्थिति में नहीं होगा तो ऐसी स्थिति जरुरी होता है कि राहु ग्रह से संबंधित उपायों को कर लिया जाए. राहु जब खराब होता है तो वह जीवन में कई तरह से परेशान कर सकता है. राहु सोच को कभी दिशा नहीं देता है. राहु का असर व्यक्ति के जीवन में कष्ट और अनेक परेशानियों का कारण बन जाता है. राहु के खराब होने पर व्यक्ति के जीवन में सुख की कमी और निराशा का भाव अधिक रहता है. राहु के खराब होने पर व्यक्ति के जीवन के कई क्षेत्रों को अपनी विषाक्तता को भर सकता है. व्यक्ति का कार्यक्षेत्र हो, निजी जीवन हो या फिर सामाजिक जीवन हर ओर राहु अपने खराब असर को दिखाता है. राहु के खराब प्रभाव/Rahu ka Prabhav से बचने के लिए जरूरी है कि कुछ न कुछ उपाय किए जाने जरुरी होते हैं.

राहु के लिए जरूरी है कि राहु के मंत्र जाप अवश्य करने चाहिए. राहु के वैदिक मंत्र का जाप करना राहु शांति के लिए बहुत ही उपयोगी होता है. राहु वैदिक मंत्र – “ॐ कया नश्चित्र आ भुवदूती सदावृध: सखा। कया शचिष्ठया वृता।।” का जाप करना शांतिदायक होता है. राहु के मंत्र जाप करने से राहु शांति दिलाने वाला होता है.

राहु की शांति के लिए राहु कवच स्त्रोत का पाठ करना भी उत्तम होता है. राहु के इस स्रोत का वर्णन महाभारत में भी वर्णन प्राप्त होता है. मान्यताओं के अनुसार राहु स्त्रोत का पाठ करने से व्यक्ति के जीवन में राहु से मिलने वाली अशांति दूर होती है.

राहु की शांति के लिए शिव पूजा को करना काफी शुभदायक होता है. भगवान शिव को सभी पर अपनी कृपा देने वाला होता है. भगवान शिव दैत्यों और देवताओं पर समान रुप से अपना आशीर्वाद देते हैं. राहु की शांति भगवान के समक्ष शिवलिंग पर अभिषेक करने तथा रुद्राक्ष पूजन से लाभदायक होता है.

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