पंचम भाव में राहु आपकी सोच कैसे बदल सकता है?

Pancham bhav

राहु का जन्म कुंडली में विशेष महत्व रहा है, यह भौतिक स्वरूप को न पाते हुए भी बहुत अधिक गहरा असर डालने वाला होता है। ज्योतिष में इसे एक अशुभ फल देने वाला ग्रह माना जाता है। दुख चिंता और कई तरह की परेशानियों को उत्पन्न करने वाला होता है। यह कुंडली के जिस भी घर में होता है उस घर में और उस घर के कारक तत्वों को खराब करने की कोशिश करता है। अपने नकारात्मक गुण के कारण ही इसका असर व्यक्ति के जीवन को कई तरह से प्रभावित कर देने वाला होता है। 

राहु छाया ग्रह है और अपनी छाया द्वारा ही यह अधिकतर अशुभ फल देता है। यह कुंडली/Kundli में ग्रहों एवं राशि तत्व के साथ मिल कर अपने असर को दिखाता है। ग्रह कैसा भी हो यह उसे प्रभावित करने की अच्छी क्षमता रखता है। उच्च और नीच ग्रहों को भी प्रभावित करता है। राहु कुंडली में जब यह 5 वें घर में होता है तो/Pancham bhav me Rahu प्रेम संबंधों/Love Relationships, बच्चों के सुख, इच्छाओं विचारधारा इत्यादि को प्रभावित करता है। इसके अलावा व्यक्ति की प्रसिद्धि और मान सम्मान भी इस से प्रभावित होता है।

पंचम भाव में बौद्धिकता पर राहु का असर 

पंचम भाव/Pancham Bhav का स्थान बुद्धि का स्थान भी कहा जाता है। इसके द्वारा आपको बुद्धिमता को परखा जा सकता है। भावनाएं भी इस स्थान पर आती हैं। ऐसे में राहु का यहां होना कई तरह के परिणाम दे सकता है। राहु का एक मुख्य कारण है मति भ्रम अर्थात यहां बैठ कर राहु व्यक्ति को कई तरह के विचारों से घेरे रह सकता है। व्यक्ति अपनी कल्पनाएं बना सकता है, इसे हम ख्याली पुलाव भी कह सकते हैं। मति भ्रम में स्थान आता है किसी भी चीज के प्रति एक संदेह बना रहना और जब बुद्धि पर भ्रम की छाया होगी तो व्यक्ति अपने कार्यों को कैसे निपटा सकता है। राहु व्यक्ति को किसी एक बात पर सहमत नहीं होने देगा। अब अगर बात करें यहां राहु के अच्छे प्रभाव की तो ऐसे में व्यक्ति एक साथ कई चीजों की खोज कर पाने में या नई संभावनाओं की तलाश में काफी आगे रह सकता है।

प्रेम संबंधों पर राहु का असर 

राहु जब पंचम भाव होता है तो/Pancham bhav me Rahu इस भाव के कारक तत्व प्रेम पर भी अपनी छाया डाल देने वाला होता है। अब राहु की छाया प्रेम पर पड़ने से परेशानियों का सामना भी करना पड़ सकता है। राहु अपने खराब प्रभाव के चलते व्यक्ति को प्रेम का सुख नहीं लेने देता है। मन की इच्छाओं की पूर्ति मनचाहा प्रेम पाने के बाद भी ये व्यक्ति को संतुष्टि नहीं लेने देगा। अपने साथी के प्रति भी व्यक्ति के मन में कई तरह के संदेह बने रह सकते हैं। प्यार की चाह को पूर्ण करने के लिए एक से अधिक रिश्तों की ओर भी व्यक्ति खिंचाव महसूस कर सकता है लेकिन शांति कहीं भी नहीं मिल पाती है। प्रेमी के साथ वैचारिक मतभेद बने रह सकते हैं, प्रेमी की ओर से धोखा मिल सकता है, या किसी कारण प्रेम पूरा नहीं हो पाता है। यदि राहु मिथुन राशि में होगा तो/Rahu is in Gemini व्यक्ति को कई साथी मिलेंगे लेकिन उसके मन का साथी नहीं मिल पाएगा। राहु अगर सिंह राशि में हुआ तो/Rahu is in Leo ऐसे में रिश्ता लड़ाई झगड़े के कारण खराब बना रहेगा। व्यक्ति अपने प्यार को दिखाने में भी कई बार अधिक उत्साहित होगा तो कई बार इसके विपरीत होकर काम करेगा ऐसे में संबंध पर इसका असर होगा।

बुरी आदतों को देता है शिक्षा पर राहु का असर 

राहु के पंचम घर में होने से/Rahu in the fifth house व्यक्ति की पढ़ाई में किसी न किसी रुप में प्रभावित होगी। यदि राहु कुछ शुभ स्थिति में होगा तो जातक अपनी एजुकेशन को लेकर संजीदा होगा और उस पर ध्यान देगा, लेकिन उसे एकाग्रता की कमी हमेशा ही परेशानी दे सकती है। राहु के खराब होने पर छात्र अपनी पढ़ाई से दूर हो सकता है। किसी एक कोर्स पर ध्यान देने की बजाय वह न जाने किन किन बातों में अपना ध्यान लगाए रख सकता है। यदि कुछ शुभ असर पड़ता है तो अपने एजुकेशन को आगे ले जा सकता है और उच्च शिक्षा को करने का मन बना सकता है। राहु का खराब असर छात्र की रुचि गलत दिशा की ओर अधिक मोड़ सकता है। अपने कीमती समय को छात्र बर्बाद कर सकता है। छात्र राजनीति में शामिल होना गुटबाजी में लगे रहना जैसी बातें उसे अधिक प्रभावित कर सकती हैं।

बच्चों के सुख पर असर 

राहु के इस जगह पर होने से बच्चों का सुख भी प्रभावित होता है। राहु के खराब होने पर कई तरह की समस्याएं रह सकती हैं। माता-पिता होने का सुख कमजोर हो सकता है। संतान पाने के लिए कई तरह के मेडिकल ट्रीटमेंट भी लेने पड़ सकते हैं। मंगल की राशि में राहु का होना गर्भाशय से संबंधित दिक्कतें दे सकता है। खराब राहु गर्भपात की समस्या भी देता है। ऐसे में संतान के सुख को पाना मुश्किल होता है। संतान होती है लेकिन परेशानियां अधिक रहती हैं। कई बार संतान होने में काफी देर भी हो जाती है।

 

विशेष: राहु पंचम में बैठ कर/Pancham Bhav me Rahu कई अन्य चीजों पर भी अपना असर डालता है। इस स्थान से व्यक्ति के मान सम्मान, प्रतिष्ठा, सरकारी क्षेत्र एवं मंत्रालय से जुड़े कामकाज, शेयर मार्केट से मिलने वाले लाभ हानि, सट्टेबाजी, किसी से मिलने वाला पद, अचानक से मिलने वाली धन संपदा, धर्म इत्यादि से जुड़े काम, स्मरण शक्ति, इष्ट देवी-देवता, उपासना, मेडिकल ज्योतिष/Medical Astrology में इससे पेट का भाग भी देखा जाता है तथा गर्भाशय इत्यादि भी इस से प्रभावित होता है। राहु यहां पर बैठ कर इन सभी पर अपना असर डालता है।

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