आपकी कुंडली में किन ग्रहों के कारण वैवाहिक सुख में बाधा आ रही है?

married life issues

जब दो बर्तन साथ होते हैं या तो वह टकराते हैं या फिर मिलकर शोर मचाते हैं। यह कहावत भी लगभग विवाह के संबंध में सटीक बैठती है। जिन लोगों का विवाह होता है वह उसे शांति और हंसी खुशी के साथ व्यतीत करने की चाह रखते हैं, लेकिन जैसा सोचे वैसा ही हो यह कोई फिल्म नहीं है। ऐसा ना कर पाना ही वैवाहिक जीवन में समस्याएं/Problems in married life का कारण बनता है। इस स्थिति में आपको क्या करना चाहिए? इसका जवाब आपको इस ब्लॉग में मिल जाएगा।

वैवाहिक जीवन में खुशहाली कैसे रखें?

“बिना समस्या के विवाह एक काल्पनिक कहानी है” – यह कहावत तभी सिद्ध होती है, जब व्यक्ति के साथ ज्योतिष का साथ नहीं होता। जितनी सच्चाई इस ऊपर वाले कथन में है, उतनी ही सच्चाई एक और बात में है कि जब आपके वैवाहिक जीवन में खुशियां नहीं होंगी, तो आप या तो उन खुशियों के कारणों को खोजेंगे या फिर इसके कारण आपके जीवन के दूसरे पहलू प्रभावित होंगे। ज्यादातर वैवाहिक जीवन में समस्या मनुष्यों के द्वारा स्वयं ही खड़ी की जाती हैं। इसके साथ साथ कुछ ज्योतिषीय कारण भी होते हैं, जिनका समाधान सिर्फ एक योग्य ज्योतिषी के पास होता है। इस स्थिति में ज्योतिषीय कारणों का अच्छा खासा ख्याल रखने की आवश्यकता होती है, जिन्हें वैवाहिक जीवन के लिए ज्योतिष/Married life astrology के द्वारा समझा और उनका निवारण किया जा सकता है।

वैवाहिक जीवन की समस्याओं पर नियंत्रण रखना

इस बात का एक विशेष कारण है कि क्यों कुंडली मिलान को इतनी महत्वता दी जाती है। यही वह कारक है जो विवाह को सफल बनाने का पहला कदम होता है। कुंडली मिलान/ Kundli matching उन सभी पहलुओं पर जोर देता है जो विवाह के लिए देखे जाते हैं और जो व्यक्ति गुण मिलान/Gun Milan को कुंडली मिलान से पहले देखते हैं, वह अपने वैवाहिक जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। आपको समझना होगा कि गुण मिलान सिर्फ कुंडली मिलान का एक हिस्सा है। इसलिए यदि कोई व्यक्ति सिर्फ गुण मिलान के भरोसे पर विवाह करने का निर्णय लेता है, तो इस बात की अधिक संभावना बन जाती है कि वह गलत राह पर निकल दिया है। यदि आप कुंडली मिलान के प्रक्रिया को चुनते हैं तो आप अपने वैवाहिक जीवन में आने वाली समस्या का सामना बिना किसी समस्या के कर पाएंगे।

इस बात में कोई दो राय नहीं है कि आपकी कुंडली में कुछ ग्रहों के संयोजन और योग होते है, जिन्हें सिर्फ एक ज्ञानी ज्योतिषी ही समझ सकते हैं और उनसे मिलने वाले परिणाम के बारे में बता सकते हैं। उन्हीं संयोजनों में से कुछ के बारे में हम नीचे बताने वाले हैं, जिसके जरिए आप अपने वैवाहिक जीवन के बारे में जान सकते हैं।

  • विवाह की भविष्यवाणी करने के लिए सातवें भाव या विवाह के भाव/Seventh house or marriage house का आंकलन किया जाता है।
  • यदि लग्न के स्वामी आपके पक्ष में नहीं होंगे तो आपके वैवाहिक जीवन में समस्या उत्पन्न हो सकती है।
  • यदि बृहस्पति (विवाह का कारक) किसी पीडित ग्रह से प्रभावित हो तो विवाह में देरी या विवाह में समस्या ला सकता है।
  • नाड़ी दोष/Nadi dosha एक ऐसा दोष है जिसका आंकलन करना बेहद अनिवार्य होता है।
  • सबसे आखिर और महत्वपूर्ण है मंगल दोष या आपकी कुंडली में मंगल ग्रह की स्थिति। सभी ज्योतिषी आपकी कुंडली में मंगल की स्थिति का आंकलन अवश्य करते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इसके द्वारा आपके वैवाहिक जीवन में समस्या उत्पन्न हो सकती है।

इन सभी चीजों को वैदिक ज्योतिष डॉ विनय बजरंगी समझा सकते हैं। यदि उन्हें कोई समस्या नजर आती है, तो अपने सुझावों के द्वारा उन सारी समस्याओं को खत्म करने का प्रयास करते हैं। यदि आपके भी वैवाहिक जीवन में कोई भी समस्या आ रही है, तो परामर्श सत्र बुक कराने से पीछे ना हटें। आप अपनी समस्याओं के लिए ऑनलाइन रिपोर्ट भी ले सकते हैं जो आपको लिखित या डॉ विनय बजरंगी की आवाज़ में आपको मिल जाएगी।

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