विवाह ना होने के योग को विवाह के योग में कैसे परिवर्तित करें?

no marriage yoga

कुंडली में विवाह योग का ना होना/No marriage Yoga उस व्यक्ति एवं उसके परिवार के सदस्य को परेशानी में डाल सकता है। लेकिन चिंता करने की कोई भी आवश्यकता नहीं है। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि विवाह ज्योतिष/Marriage Astrology की सहायता से ना जाने कितने ही लोगों को अपने विवाह की समस्या का समाधान मिला है। एक बार एक युवा महिला बहुत विश्वास के साथ मेरे कार्यालय में आईं। मैं आत्मविश्वास के साथ इनकी कहानी का जिक्र इस लेख में कर रहा हूं। तिथियों और समय का जिक्र इसलिए कर रहा हूँ,  क्योंकि मेरे कार्यालय में आने वाले हर व्यक्ति का समय और दिवस निर्धारित होता है।

कुंडली में विवाह योग न होना/No marriage Yoga in Kundali

आइये वापस उस युवा महिला की बात करते हैं। वह 34  वर्ष की हो चुकी थी और अभी तक उसका विवाह होते प्रतीत नहीं हो रहा था।  वह विभिन्न ज्योतिषियों से मिल चुकी थी और उनके द्वारा बताये गए कई अनुष्ठानों को भी पूर्ण निष्ठा से करती थी, लेकिन फिर भी उसे कोई सफलता प्राप्त नहीं होती थी। वह अपने विवाह की सभी उम्मीद खो चुकी थी। इसलिए उसका मुझसे मात्र एक प्रश्न था कि क्या  कभी उसका विवाह होगा भी या नहीं?

कुंडली में विवाह का योग

कुंडली के अनुसार उसकी कुंडली में विवाह का कोई योग नहीं था और यदि विवाह होता भी तो इसका परिणाम बहुत ज्यादा भयानक होता। वह अपनी कुंडली के इन नकारात्मक योगों/Negative Yoga के बारे में वह युवति जानती थी, जो कि विवाह में बाधा उत्पन्न करने वाले थे और उसने इनकी समाप्ति के लिए विभिन्न अनुष्ठान भी किये थे, लेकिन कोई परिणाम नहीं मिला।

इन समस्या पर मेरी राय

विवाह के योग/Marriage Yoga को उत्पन्न करने वाले जो तारे उस युवती की कुंडली में थे, उसे निष्क्रिय करना मुश्किल था। लेकिन योगिता के चार्ट में एक प्लस पॉइंट था, लग्न (डी -1) और नवांशा चार्ट (डी-9) दोनों में उनके अधिपति भगवान बृहस्पति शक्तिशाली और प्रभावपूर्ण  थे। अर्थात उसे जो भी अनुष्ठान बताये जायेंगे वह उन्हें पूरी श्रद्धा और धार्मिकता से पूर्ण करेगी। और उसने कई अनुष्ठान पूर्ण किये भी थे, लेकिन उसे उनका कोई लाभ नहीं मिला। लेकिन, उन अनुष्ठानों को निर्धारित करने से पहले, जो उनके चार्ट के अनुसार चिंताओं के क्षेत्रों का मूल्यांकन किया गया था और नीचे उल्लिखित था। यह प्रभाव किस ग्रह के  कारण उत्पन्न हुए मैं यहां उसका  उल्लेख नहीं करूंगा, क्योंकि मैं पाठक को यह समझने के लिए छोड़ देता हूं कि यह किस ग्रह के कारण था।

यहां कुछ नकारात्मक कारक हैं

माता-पिता का उनके बच्चे पर एक विशिष्ट प्रभाव पड़ता है। लेकिन ऐसे कई उदाहरण हैं, जब कभी-कभी यह प्रभाव एक निश्चित बिंदु से परे चला जाता है। नतीजतन, कुछ घटनाएं इतनी खराब हो चुकी हैं, जिन्हे बाद में सुधारना बहुत मुश्किल हो जाता है। ज्योतिषीय कारक के सिवाय कुछ अन्य कारक भी होते हैं, जिन्हें आप उदाहरण के साथ नीचे पढ़ सकते हैं।

·         वह युवती एक योग्य कार्यरत महिला थी जो अपने जीवन में अच्छी तरह से कार्यरत थी। वह किसी ऐसे व्यक्ति से विवाह करना चाहती थी जो उसके ऑफिस से हो और उससे ज्यादा कमाता हो।

·         लेकिन उस युवती की आकांक्षाओं के कारण उसके विवाह में नियंत्रित देरी हो रही थी।

·         एक देखभाल करने वाले परिवार के कारण धीरे-धीरे विवाह की सभी संभावनाएं खत्म होने लगी थी।

कुंडली का गहनता से अध्ययन

कुंडली में चंद्रमा (मां), सूर्य (पिता) और मंगल (भाई) ही विवाह के लिए जिम्मेदार ग्रह होते हैं। यदि इन तीनों को कोई भी नकारात्मक प्रभाव आपके विवाह के भाव पर नहीं पड़ता तो शादी के नकारात्मक योग सक्रिय होकर शक्तिशाली नहीं होता, तो व्यक्ति का विवाह समय पर होता है। इसके साथ साथ विवाह के लिए अलग अलग संभागीय चार्ट/Divisional Chart का भी आंकलन किया जाना अनिवार्य होता है।

आसान समाधान और सलाह

·     स्वयं की सहजता के लिए अपने शहर में वर ढूंढने के लिए परेशान न हो।

·     विवाह के वार्तालाप में अपने भाई को शामिल न करें; यह उनका कार्य नहीं है।

·     अपने माता-पिता को इस खोज में शामिल न करें अन्यथा विवाह की समस्या उत्पन्न हो सकती है।

·         आगे विवाह की बात बढ़ाने से पहले कुंडली का उचित प्रकार से मिलान कराएं।

·         और आपको यह नहीं समझना चाहिए की कुंडली मिलान आपके लिए धन की बर्बादी है।

विवाह संगतता कारक भी अपरिहार्य हैं

केवल गुण मिलान पर निर्भर लोग अपने फैसले में गलती कर सकते हैं। कई लोग यहां त्रुटियां करते हैं और कभी-कभी केवल गुण मिलान के बाद विवाह कर लेते हैं। विवाह जैसे सम्बन्ध का फैसला लेने से पहले  यहां विवाहित परामर्श या किसी योग्य ज्योतिषी से विवाह की भविष्यवाणी/Marriage prediction से इन समस्याओं पर विजय हासिल की जा सकती है।

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