मंगल गुरु और शुक्र कुंभ राशि में आ रहे है एक साथ

Mars-Jupiter-Venus

ज्योतिष में अनेकों ग्रह योग हैं और उन ग्रहों के योगों के आधार पर ही वैदिक ज्योतिषी भविष्यवाणी करते हैं। जब भी कोई ग्रह किसी एक राशि में विराजमान होता है या किसी एक निश्चित समय में फिर दूसरी राशि में गोचर करता है तो इसका प्रभाव लगभग सभी राशियों पर पड़ता है। यह प्रभाव शुभ और अशुभ दोनों तरह का होता है। जितनी बार ग्रह अपनी राशि बदलते हैं, उतनी बार लोगों को अपने जीवन में बदलाव देखने को मिलते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अप्रैल का महीना बहुत ही खास रहने वाला है। इस माह में शुक्र, मंगल और गुरू एक ही कुंभ राशि में महायुति करने जा रहे हैं।

क्या होगा 7 से 13 अप्रेल के बीच

जैसे कि हमने आपको पहले बताया है कि 7 से 13 अप्रैल ज्योतिष के नजरिए से बहुत खास है क्योंकि इस दौरान तीन बड़े ग्रह एक ही राशि में मौजूद होंगे। ज्योतिष में ग्रहों का गोचर और उनका युति संबंध विशेष महत्व रखता है। कई बार कुछ बदलाव थोड़े समय के लिए होते हैं किंतु उनका दूरगामी असर विशेष रूप से देखने को मिलता है। अभी इस समय पर 7 अप्रैल के दिन मंगल का कुंभ राशि में प्रवेश होने के साथ ही मंगल की युति शुक्र और बृहस्पति के साथ बनेगा। कुंभ राशि में पहले से ही गुरु और शुक्र विद्यमान हैं और अब मंगल के इस राशि में प्रवेश कर जाने से तीन ग्रहों का योग निर्मित होगा जो एक काफी कम समय की अवधि के लिए बन रहा है। यह योग 7 अप्रैल से 13 अप्रैल तक ही रहेगा। सात दिनों का ग्रहों की युति का योग/yoga कुछ विशेष बदलावों को दर्शाने वाला होगा। 

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क्या होगा कुंभ राशि में इस महायुति का प्रभाव

इस महायुति को समझने के लिए थोड़ा सा ज्योतिषीय ज्ञान का ज्ञान का सहारा लेते हैं। जहां दो शुभ ग्रहों के साथ एक अग्नि तत्व प्रधान ग्रह का संयोग होगा तो अचानक से नियमों में बदलाव और एक अलग दृष्टिकोण का विकास भी देखा जाएगा। गुरु जो ज्ञान के कारक हैं और अत्यंत शुभ ग्रह हैं, शुक्र भी एक शुभ फलदायक और भौतिक सुखों को प्रदान करने वाले ग्रह हैं, किंतु मंगल एक अग्नि तत्व प्रधान व उत्साही, आक्रामक, तीव्रगामी ग्रह है, जो अग्नि के समान तेज बल रखने वाला होता है। ऎसे में दो शुभ ग्रहों के मध्य इस पाप ग्रह की युति उत्साह और उत्तेजना को बढ़ाने का कार्य करेगा। इस समय परआपके अंदर जोश और ऊर्जा की वृद्धि होगी। रफ्तार जो अभी तक धीमी थी वह तेज हो जाएगी। ऎसे में सभी राशियों पर इनका गहरा असर भी देखने को मिलेगा। अत: इन सात दिनों में यदि कार्यों को सोच समझ कर किया जाए तो मनोकूल परिणाम पाने में सफलता हासिल कर सकते हैं। 

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