शुभ योग में पूजा करने से कैसे प्राप्त करें मां लक्ष्मी की विशेष कृपा?

laxmi pujan

दीपावली पूजन/Diwali puja एक अत्यंत ही विशेष और शुभ विधि होती है। इस विधि को पूर्ण निष्ठा से करेने से आर्थिक उन्नति और धन लाभ में वृद्धि हो सकती है। वर्ष में एक बार आने वाला यह पर्व अपने साथ बहुत सी संभावनाएं लाने वाला होता है, जो जीवन को सुख तथा वैभवता प्रदान करने वाला होता है। दिवाली पूजा के महत्व/Importance of Diwali puja को शास्त्रों में बहुत ही सुंदर तरीके से वर्णित किया गया है। यही वह समय होता है जब निर्धनता का नाश होता है, चारों तरफ ऎश्वर्य एवं वैभव का आगमन होने लगता है। 

दिवाली के दिन किया गया लक्ष्मी पूजन व्यक्ति के जीवन को समस्त प्रकार की शुभता से भर देने वाला होता है, इसलिए इस दिन की पूजा और शुभ समय की महत्ता को जानते हुए यदि लक्ष्मी पूजन किया जाए/Lakshmi Pujan तो यह इस दिन की शुभता में कई गुना वृद्धि दायक बन जाते हैं। 

मान्यताओं के अनुसार इस दिन धन की अधिष्ठात्री देवी लक्ष्मी जी पृथ्वी पर विचरण करती हैं, इसलिए इस समय जहां कहीं भी श्रद्धा, भक्ति, प्रेम, उदारता के गुण मौजूद होते हैं, वहां देवी का आशीर्वाद बरसता है। 

कब है दिवाली 2021?

वर्ष 2021 में 4 नवम्बर को अमावस्या तिथि रहेगी। इस दिन आयुष्मान योग होगा और स्वाति नक्षत्र/Swati Nakshatra रहेगा। चलिए इस दिन कुछ और संयोजन बन रहे हैं जिनके बारे में आपको बताते हैं।

अमावस्या तिथि आरंभ – 04 नवंबर, 2021 को  प्रात:काल 06:03 से 

अमावस्या तिथि समाप्त – 05 नवंबर, 2021 को 02:44 तक 

प्रदोष काल – 17:32 से 20:12 तक

वृषभ लग्न – 18:11 से 20:05 तक

अमृत चौघड़िया – 17:32 से 19:12   

चर चौघड़िया – 19:12 से 20:52

दिवाली पूजा के लिए प्रदोष काल का समय, निशीथ काल का समय तथा महानिशीथ काल समय अनुकूल माने जाते हैं। इन समय के दौरान यदि स्थिर लग्न प्राप्त होता है तथा कुछ अन्य शुभ योगों का निर्माण हो तो यह इस पूजा के महत्व को बहुत अधिक बढ़ा देता है। इस वर्ष प्रदोष काल समय में, स्थिर लग्न भी व्याप्त होगा इस समय पर दिवाली पूजा किया जाना शुभ होगा। 

दिवाली पर माता लक्ष्मी और भगवान गणेश जी का पूजन क्यों किया जाता है?

दिवाली पूजन में लक्ष्मी जी और गणेश जी का पूजन विशेष रुप से किया जाता है। शास्त्रों के अनुसार देवी लक्ष्मी धन और ऐश्वर्य की स्वामिनी हैं और भगवान श्री गणेश सभी संकटों का नाश करने वाले एवं बुद्ध बल के दाता है। इस समय पर लक्ष्मी और ज्ञान की प्राप्ति का संगम बनता है जो अत्यंत ही दुर्लभ योग होता है।  

लक्ष्मी-गणेश पूजन से मिलता है सफलता का वरदान 

जीवन के सभी क्षेत्रों में सफलता प्राप्ति हेतु गणेश जी का पूजन अत्यंत आवश्यक होता है। किसी भी कार्य की शुरुआत ही भगवान गणेश जी के आह्वान द्वारा ही होती है और लक्ष्मी जी का आह्वान जीवन में समस्त प्रकार के दारिद्रय को दूर करने वाला होता है।

लक्ष्मी-गणेश पूजन, सिद्धियों एवं लक्ष्मी प्राप्ति का योग 

शास्त्रों में गणेश जी को लक्ष्मी जी का मानस पुत्र भी कहा गया है, इसलिए इन दोनो का एक साथ आह्वान एवं पूजन अत्यंत ही प्रभावशाली होता है। दीपावली की रात उन कुछ अमावस्या की श्रेणी में आती है, जिस दिन तंत्र-मंत्र कर्म एवं साधनाओं की सिद्धि का योग अत्यंत ही प्रबल होता है। श्री गणेश जी को सिद्धि दायक कहा जाता है एवं वह समस्त सिद्धियों को प्रदान करते हैं। 

चतुर्ग्रही नामक योग – इस दिवाली पर चार ग्रहों की युति का बन रहा है विशेष योग

इस दिवाली के दिन एक विशेष योग का निर्माण भी होगा। तुला राशि में चतुर्ग्रही योग का निर्माण होगा। इस योग में दो अग्नि तत्व युक्त ग्रह तथा दो शुभ ग्रहों का संयोग होगा। तुला राशि में स्थिति सूर्य, बुध, मंगल और चंद्रमा कई प्रकार से शुभता को दर्शाएंगे। जहां चंद्र मंगल योग धन को प्रदान करने का आशीर्वाद देगा, सूर्य-बुध का योग बुधादित्य योग का निर्माण करेगा। तुला राशि एक शुभ एवं संतुलन को दर्शाने वाली राशि है इस स्थान पर मौजूद यह समस्त ग्रह संतुलन को प्रदान करने वाले होंगे और साथ ही आर्थिक उन्नति बौद्धिकता, प्रेम, साहस, शक्ति एवं ऊर्जा का सम्मिश्रण होंगे अत: ये समय अत्यंत ही खास होगा।

इस दिवाली पर किस क्षेत्र में निवेश करने से होगा लाभ 

दिवाली का पर्व एक ऐसा समय होता है जब कुछ न कुछ नई वस्तुओं की खरीदारी करना शुभ संकेत के रूप में देखा जाता है। इस समय पर किया जाने वाला निवेश कई मायनों में महत्वपूर्ण होता है, मुख्य रूप से धनतेरस का समय सबसे अधिक शुभ समय होता है। दिवाली की खरीदारी के लिए, इस समय के दौरान सोने, चांदी इत्यादि आभूषणों अथवा वस्तुओं की खरीदारी को उत्तम माना गया है क्योंकि यह एक ऐसा निवेश होता है जो जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सहायक बनता ही है। इसके अतिरिक्त इस समय पर भूमि, भवन, वस्त्र, वाहन इत्यादि वस्तुओं तथा म्यूचुअल फंड या कोई पॉलिसी इत्यादि को लेना भी शुभता को दर्शाता है। यह समय धन के निवेश एवं नई वस्तुओं के घर पर आगमन के लिए अत्यंत ही शुभदायक माना गया है। 

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