राहु का सबसे अच्छा और खराब योग कौन सा है

yadi kundli me rahu kharab ho

राहु को एक ऐसे ग्रह के रुप में जाना जाता है जो परेशानी और कष्ट को बढ़ाता है। आम राय के अनुरूप राहु ग्रह को लेकर लोगों के बीच काफी डर रहता है। यदि किसी को कह दिया जाए की उस पर राहु का असर है तो व्यक्ति इतना अधिक घबरा जाता है की उसकी शक्ति और साहस भी कमजोर होने लगते हैं। अपनी जीवन की परेशानियों में तो वो पहले से ही परेशान था और जब ये कह देना की राहु उस पर असर डाल रहा है तो ये स्थिति नमी करेले जैसी हो जाती है। इन बातों से हट कर हमें सही चीज को समझने की बहुत अधिक आवश्यकता है क्योंकि राहु के संबंध में जो विचार हमारे पास हैं उनको एक बार पुन: उचित रुप से देखना जरूरी है। राहु एक ऐसा ग्रह है जो चाहे तामसिक, नकारात्मक, झूठ, छल कपट का प्रतिनिधित्व करता है किंतु वह जब अच्छा होता है तो अपने सबसे अच्छे फलों को देने वाला होता है।

जन्म कुंडली में राहु दोनों ही तरह के फल देने में सक्षम होता है बस जरूरत होती है ये जानने की कब वह हमें अच्छा राजयोग दे सकता है और कब वह खराब हो सकता है। राहु से बनने वाले अच्छे योग व्यक्ति के जीवन को सफलता दिलाने में अहम होते हैं वहीं दूसरी और राहु के खराब योग उसे कई तरह की चिंताओं में डाल देने वाले होते हैं। आइये जानते हैं राहु कब अच्छा और कब खराब योग बनाता है जिसका असर हमे उसके द्वारा मिलता है; – राहु शुक्र के साथ मिलकर खराब योग/Rahu Shukra Yoga बनाता है। राहु बुध की राशि में बुध के साथ होकर अच्छा योग बनाता है। अब राहु अच्छे और बुरे प्रभाव में जब होता है तो सभी घरों पर अपना अलग – अलग फल देता है।

राहु जब पहले घर में होता है तो इसका असर यदि अच्छे प्रभाव में होने पर ये व्यक्ति को समाज में काफी अच्छे पद को दिला सकता है। राहु के बिना कुछ भी संभव नही है। राहु सोच को परिपक्कता देता है। राहु पहले घर में/Rahu in the first house अच्छा होने पर अधिकारी या अफसर बना सकता है नेता बना सकता है राहु की सोच को आगे ले जाता है अगर खराब है तो व्यक्ति जड़ बुद्धि वाला हो सकता है। सोच और शरीर दोनों को ही खराब कर देता है।

राहु अगर दूसरे घर में अच्छा होकर बैठ जाए तो ये अच्छी सोच के साथ काम करने का हुनर देता है। व्यक्ति अपनी योग्यता से उच्च पद पाता है। धन लाभ मिलता है परिवार को बढ़ाने वाला होता है। अगर राहु यहां खराब होकर बैठता है तब ये सोच को खराब करके व्यक्ति के घर को स्वयं खराब करने वाला बना सकता है। व्यक्ति को जन्म स्थान से ही हटा देने वाला होता है।

राहु अगर तीसरे घर पर अच्छा होकर बैठ जाता है तो ऐसा होने पर व्यक्ति अपनों ओर समाज की सेवा मदद करने वाला होता है। निस्वार्थ भाव से सहायता करने वाला गुण देता है। पर यदि राहु खराब हो/yadi kundli me rahu kharab ho जाए तो व्यक्ति के कर्म खराब होते हैं, गलत आदतों का शिकार बनाता है और शरीर भी खराब कर देता है। 

राहु अगर चौथे घर में अच्छा होकर बैठा हो तो ऐसी स्थिति के कारण व्यक्ति का अपने घर में दबदबा होता है। उसकी बात पूरा परिवार मानता है। घर उसके अनुसार चलता है। पर यदि राहु यहां पर खराब होकर बैठा है/yadi kundli me rahu kharab ho तो ये घर की प्रापर्टी खराब कर देता है,  घर का सुख खराब कर देता है। व्यक्ति को अपना घर छोड़कर जाना पड़ सकता है।

राहु अगर पांचवें घर में/Rahu in the Fifth House अच्छा होकर बैठा हो तो ऎसे में व्यक्ति को कानूनी एवं गैर कानूनी दोनों ही जगह पर काम में सफलता दिलाने वाला होता है। राहु अगर खराब हो तो व्यक्ति का ज्ञान खराब हो जाता है। गलत आदतें का शिकार हो जाता है।

राहु अगर छठे घर में हो तो ये अच्छा संकेत होता है। राहु यहां पर काफी सफलता दिलाने वाला होता है। राहु अगर यहां अच्छा होकर बैठा हो तो व्यक्ति अपने काम के क्षेत्र में कई सफल होता है। अंतर्ज्ञान मजबूत होता है , व्यक्ति विदेश में जाकर/Foreign Travel धन कमाता है। अगर राहु खराब होगा तो ये व्यक्ति के सभी कामकाज को बुरी तरह से प्रभावित करेगा। व्यक्ति को अपने जीवन के प्रत्येक मार्ग में परेशानी बाधाओं और झगड़ों का सामना करना पड़ सकता है।

राहु अगर सातवें घर में/Rahu in the Seventh House अच्छा होकर बैठा हो तो ये व्यक्ति को ज्ञान देता है। व्यक्ति दूसरों के लिए काम करने वाला होता है भलाई करने में भी आगे रहता है। अगर राहु यहां खराब हो तो व्यक्ति अपने करियर को खराब कर लेता है, घर में असंतोष बना रहता है। कहीं सुख नहीं मिल पाता है।

राहु अगर आठवें घर में अच्छा होकर बैठा है तो ये व्यक्ति को ये कई तरह से लाभ दे सकता है, लाटरी जुआ, शेयर इनसे लाभ पा सकता है। पर यदि राहु खराब हो/yadi kundli me rahu kharab ho तो वह व्यक्ति को अपने ही लोगों का विरोधी बना देता है। व्यक्ति परिवार पर कोर्ट केस कर सकता है। मानहानि को झेलता है।

राहु अगर नवें घर में/Rahu in the Ninth House अच्छा होकर बैठा हो तो एक भरा पूरा परिवार देता है। पिता और घर का सुख भी व्यक्ति को मिलता है। पर राहु अगर यहां खराब होकर बैठा हो तो रोग अधिक बढ़ सकते हैं श्वास संबंधी विकार अधिक हो सकते हैं परिवार के सदस्यों को, भाई-भाई के बीच में लड़ाई झगड़े अधिक हो सकते हैं। व्यक्ति न खुद सुख भोग पाएगा न उसके पिता को सुख मिल पाता है।

दसवें घर में राहु अगर अच्छा होकर बैठा हो तो व्यापार में अच्छा लाभ दिलाता है, जो भी काम करे वह उसमें बड़ी सफलता भी पाए। यदि राहु यहां खराब होकर बैठा हो/yadi kundli me rahu kharab ho तो व्यक्ति के भीतर डर अधिक बना देता है, जिसके कारण व्यक्ति छोटे छोटे काम भी करने से डरता है।

राहु ग्यारहवें घर में/Rahu in the Eleventh House अगर अच्छा होकर बैठा है तो ये लाभ के कई मौके देने वाला होता है। जिस भी कार्य में व्यक्ति बढ़ता है उसमें उसे अच्छे लाभ मिलते हैं। काम में पद प्राप्ति होती है। अगर यहां राहु खराब होकर बैठता है तो ऐसी स्थिति में व्यक्ति होता कुछ है करता कुछ है। व्यक्ति को अपने मन मुताबिक काम और लाभ नहीं मिल पाता है

राहु अगर बारहवें घर में अच्छा होकर बैठा है तो ये परेशान नहीं करेगा। शांत रहेगा और व्यक्ति को विदेश में ले जाता है। यदि यहां खराब हो/yadi kundli me rahu kharab ho तो वह व्यक्ति को कई तरह की परेशानी देता है। कोर्ट केस दे सकता है। लड़ाई में लगाए रखता है। व्यक्ति को शांति से नहीं रहने देता है।

Leave a Reply