केतु महादशा क्या है और केतु महादशा में क्या होता है?

केतु महादशा

केतु ग्रह की महादशा 07 साल की होती है. इस दौरान आपको शुभ या अशुभ दोनों प्रकार के परिणाम प्राप्त हो सकते हैं. यह परिणाम कुंडली में केतु ग्रह की शुभ-अशुभ स्थिति पर निर्भर करता है. अगर आपकी कुंडली में केतु उत्तम स्थिति में हो तो आध्यात्मिकता में रूचि बढ़ सकती है. आकस्मिक रूप से कई बड़े लाभ आपको मिल सकते हैं. मान-सम्मान, पराक्रम व साहस में वृद्धि होती है. केतु महादशा के दौरान आपके मन में सांसारिक विषयों के प्रति अरुचि पैदा हो सकती है. आपकी आध्यात्मिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं. आपको अनेक तीर्थ यात्राएं करने का सौभाग्य प्राप्त हो सकता है. आप आध्यात्मिक साधनाएं कर सकते हैं.

अगर केतु वृश्चिक या धनु राशि में शुभ भावों में स्थित हो और शुभ ग्रहों से दृष्ट हो तो आप सफलता की बुलंदियों को छू सकते हैं लेकिन यदि केतु अशुभ स्थिति में हो तो जटिल रोग, एक्सीडेंट्स, चोट, घाव व आकस्मिक रूप से कई बड़ी हानियां हो सकती हैं. आपका अपने परिवार से अलगाव हो सकता है. आकस्मिक रूप से आर्थिक हानियां हो सकती हैं. मान-सम्मान व पद-प्रतिष्ठा में गिरावट हो सकती है. सेहत खराब रह सकती है. आपका अपने परिवार से अलगाव हो सकता है.

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