कृष्ण जन्माष्टमी : कृष्ण जन्मोत्सव 2021 – Know all about Krishna Janmashtami

krishna janmashtami

कृष्ण जन्माष्टमी पूजा मुहूर्त

तिथि :सोमवार, अगस्त 30, 2021

अष्टमी तिथि प्रारम्भ :अगस्त 29, 2021 को 11:25 PM

अष्टमी तिथि समाप्त : अगस्त 31, 2021 को 01:59 AM

मुरली मनोहर ब्रिज की धरोहर 

वो नन्द लाल गोपाला है 

बंसी की धुन पर दुःख हरनेवाला 

मेरा कान्हा बंसी वाला है सबका पालन हारा है 

कृष्ण जन्माष्टमी को जन्माष्टमी या गोकुलाष्टमी के नाम से भी जाना जाता है। यह वह  त्योहार है जिसे भगवान विष्णु के आठवें अवतार श्री कृष्ण के जन्म के जश्न के रूप में मनाया जाता है। इस पर्व पर भगवान कृष्ण के बाल रूप की पूजा करते हैं और उनसे सुखी जीवन व्यतीत करने के लिए आशीर्वाद मांगते हैं। कहते हैं इस दिन यदि कोई निसंतान दम्पति बाल गोपाल की विधिवत पूजा करते हैं तो उसे निश्चय ही संतान की प्राप्ति होती है | इस पूजा की जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें ।

चलिए भगवान कृष्ण के जीवन से जुड़े कुछ प्रश्नों के उत्तर जानते हैं।

भगवान कृष्ण किस देवता के अवतार हैं?

श्री कृष्ण विष्णु के आठवें अवतार है और वह विष्णु के परम अवतार माने गए हैं। भगवान विष्णु ने अभी तक नौ अवतार लिए हैं।

भगवान कृष्ण ने अपना बचपन कहाँ बिताया था?

भगवान कृष्ण का जन्म मथुरा में हुआ था लेकिन उनका पूरा बचपन वृंदावन में बीता था। इसी कारणवश श्री कृष्ण को वृंदावन प्रिय था।

भगवान कृष्ण के भाई का नाम क्या था?

श्री कृष्ण के भाई का नाम बलराम था लेकिन उद्धव और अंगिरस उनके चचेरे भाई थे। पौराणिक कथाओं के अनुसार बलराम शेषनाग के अवतार थे।

उस नृत्य का नाम बताइए जिसे श्री कृष्ण वृंदावन की गोपियों के साथ करते थे?

श्री कृष्ण गोपियों संग रास लीला नृत्य करते थे जो आज पूरे उत्तर भारत और खास तौर पर मथुरा में विख्यात है।

भगवान कृष्ण की वास्तविक माँ कौन थीं?

भगवान कृष्ण की वास्तविक माँ देवकी है। देवकी माँ को अदिति का अवतार माना गया है।

भगवान कृष्ण के मामा कौन थे जिनका वध कृष्ण जी ने स्वयं किया था?

भगवान कृष्ण के मामा का नाम कंस था। जिनका वध कृष्ण जी ने स्वयं किया था | कंस अपने पूर्व जन्म में ‘कालनेमि’ नामक असुर था जिसका वध भगवान विष्णु ने किया था।

पांडवों में से भगवान कृष्ण के पसंदीदा भाई कौन थे?

सभी जानते हैं कि भगवान कृष्ण ने महाभारत में पांडवों का साथ दिया था। लेकिन सभी पांडवों में से सिर्फ अर्जुन ही भगवान कृष्ण के प्रिय थे।

इंद्र देव के क्रोध की आंधी से वृंदावन के लोगों की रक्षा करने के लिए भगवान कृष्ण ने किस पहाड़ को उठाया था?

इंद्र देव के क्रोध की आंधी से वृंदावन के लोगों को बचाने के लिए श्री कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठाया था।

भगवान कृष्ण गोपियों के बर्तनों से क्या चुराते थे?

भगवान कृष्ण गोपियों के बर्तनों से माखन चुराते थे। यही वह वजह थी कि कृष्ण जी को माखन चोर बुलाया जाता है।

भगवान कृष्ण ने किस राक्षसी का वध किया था?

भगवान कृष्ण ने पूतना का वध किया था जो एक  दैत्य थी जिसका प्रसंग पुराणों में भी दिया गया है।

श्री कृष्ण किस नदी के तट पर बांसुरी बजाते थे?

श्री कृष्ण यमुना नदी के तट पर बैठकर बांसुरी बजाते थे। उनकी बांसुरी के मधुर स्वर सुनकर सभी उनकी तरफ खिचे चले आते थे।

भगवान कृष्ण के बाल रूप को किस नाम से जाना और पूजा जाता है?

वैसे तो कृष्ण जी को अलग अलग नाम से पुकारा जाता है। लेकिन उनके बाल रूप को लड्डू गोपाल के नाम से जाना जाता है और इसी रूप में पूजा भी की जाती है।

भगवान कृष्ण के सबसे प्रिय कौन थी?

भगवान कृष्ण सभी के प्रिय थे, लेकिन राधा रानी उनके सबसे प्रिय थी। श्री कृष्ण ने उन्हें यह वरदान भी दिया था कि जब भी कोई कृष्ण का नाम लेगा उससे पहले राधा का नाम आएगा | जैसे राधा कृष्ण |

भगवान कृष्ण के बचपन के सबसे प्रिय मित्र कौन थे?

भगवान कृष्ण ने अपने बचपन में अपने मित्रों के साथ ही नटखट लीलाएं की थी। लेकिन सभी मित्रों में से सुदामा उनके सबसे प्रिय मित्र थे।

आपके सही उत्तर के संख्या के आधार पर जानें कि आपका भाग्य क्या कहता है।

14 उत्तर सही होने पर – आपका सभी लोगों के साथ तालमेल अच्छा रहता है। इसी कारणवश आपको हर प्रकार की सहायता मिलती है। बहुत जल्द स्थिति आपके पक्ष में आने वाली है।

13 उत्तर सही होने पर – आपके मन में जो भी उलझने हैं उन सभी का परिणाम आपके पक्ष में होगा। आप जिस कार्य को करने की चाह रखते हैं, वह आपके पक्ष में ही होगा। चिंतित ना हो।

12 उत्तर सही होने पर – स्थिति थोड़ी गंभीर हो सकती है। आपको अपने लिए हुए निर्णय पर फिर से विचार करने की आवश्यकता है। हो सकता है कि जिस योजना पर आप कार्य कर रहे हो वह आपके पक्ष में परिणाम ना दें। स्थिति का सामना मजबूती से करें।

11 उत्तर सही होने पर – काफी हद तक आपके परिणाम अनुकूल रहने वाले हैं। लेकिन इसके लिए आपको थोड़ी देर प्रतीक्षा करनी पड़ेगी। वर्तमान स्थिति आपके लिए सफलता का रास्ता बनाएगी।

10 उत्तर सही होने पर – आपकी मनोकामना बिना किसी रुकावट के पूरी होगी। आपको जल्द ही अनुकूल उत्तर मिलने की संभावना है।

09 उत्तर सही होने पर – आपकी मनोकामना जल्द पूर्ण होगी। लेकिन सफलता की राह कठिन है। ईश्वर को याद करें और परिणाम की परवाह किए बिना अपना कार्य ईमानदारी से करें। आपको बहुत जल्द सकारात्मक परिणाम मिलेंगे।

08 उत्तर सही होने पर – आपके मन के प्रश्न अच्छे परिणाम का संकेत नहीं देता है। आपको सफलता गलत रास्ते पर जाकर मिलेगी जो आपके लिए बिल्कुल अच्छा नहीं है। इस संदर्भ में आपके लिए बेहतर होगा कि अपनी योजनाओं को स्थगित कर दें।

07 उत्तर सही होने पर – आपके लोगों से अच्छे संबंध है। इसकी सहायता से आपको हर तरह की मदद मिल जाती है। निश्चित रूप से बहुत जल्द स्थिति आपके पक्ष में होगी।

06 उत्तर सही होने पर – परिणाम आपके अनुकूल रहने वाला है। लेकिन कोई भी निर्णय लेने से पहले आप थोड़ी देर प्रतीक्षा जरूर करें। वर्तमान स्थिति आपके लिए सफलता का रास्ता बनाएगी।

05 उत्तर सही होने पर – आपकी मनोकामना जल्द पूर्ण होगी। लेकिन सफलता की राह कठिन है। ईश्वर को याद करें और परिणाम की परवाह किए बिना अपना कार्य ईमानदारी से करें। आपको बहुत जल्द सकारात्मक परिणाम मिलेगा।

04 उत्तर सही होने पर – इस बात की अधिक संभावना है कि आपको परिणाम आपके पक्ष में नहीं मिलेंगे। सर्वोत्तम परिणाम प्राप्त करने के लिए अपने संगत को बदलें और हो सके तो उन लोगों से दूरी बना लें जिससे आप हमेशा दूरी बनाना चाहते थे।

03 उत्तर सही होने पर – स्थिति आपके अनुकूल नहीं है। आप जिस योजना पर अभी कार्य कर रहे हैं, उसे फिलहाल के लिए छोड़ना होगा। इस स्थिति का सामना करने के लिए खुद को मजबूत करें।

02 उत्तर सही होने पर – आपके मन में मौजूद प्रश्न अच्छे परिणाम का संकेत नहीं देते हैं। आपको सफलता गलत रास्ते पर चल कर मिलेगी जो आपके लिए बिल्कुल लाभकारी नहीं होगा। आपके लिए ज्यादा बेहतर होगा कि आप कुछ समय प्रतीक्षा करें।

01 उत्तर सही होने पर – आपकी मनोकामना जल्द पूर्ण होगी। लेकिन सफलता की राह कठिन है। ईश्वर को याद करें और परिणाम की परवाह किए बिना अपना कार्य ईमानदारी से करें। आपको बहुत जल्द सकारात्मक परिणाम मिलेगा।

Leave a Reply