विवाह के लिए कितने गुण मिलने चाहिए/How Many Gun Should Match

कुण्डली मिलान

 

वैदिक ज्योतिषीय परामर्श देने हेतु मेरे दैनिक सत्रों में, 50% से अधिक केस विवाह से पहले और विवाह के बाद आने वाली परेशानियों से संबंधित होते हैं। जब लोग शादी के बाद के जीवन में आने वाली वैवाहिक परेशानियों के लिए मेरे पास पहुंचते हैं तो मैं व्यक्तिगत रूप से परेशान हो जाता हूं। और मैं यह पूर्ण विश्वास और अनुभव के साथ कहना चाहता हूं कि ये परेशानियां दम्पति के बीच आपसी सामंजस्य की कमी के कारण आती हैं। जब वे कहते हैं कि हमने कुंडली मिलान करने के बाद शादी की है, लेकिन फिर भी विवाह में सुख की प्राप्ति नहीं हो पा रही है, तो मैं और अधिक परेशान हो जाता हूँ। तलाक/अलग होने की बात करने वाले मामले भी इन sessions का एक बहुत बड़ा हिस्सा होते हैं. अब, आप उस ज्योतिषी को दोष दें जिसने कुंडली मिलान किया या अपने स्वयं के कर्मों को दोष दें, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि नुकसान हो चुका है। मैं कहूंगा, कि यदि आप विवाह के लिए गुण मिलान/ gun matching को अच्छी तरह समझते हैं और उसका सम्मान करते हैं तो आपसी सामंजस्य या अन्य कोई भी कमी, वैवाहिक कलह का कारण नहीं बनेगी।

कुंडली मैच / मिलान कैसे करें – How to match horoscope 

शादी के लिए कुंडली मिलान कैसे करना है? यह उतना आसान नहीं है जितना कुछ लोग सोचते हैं: यह कोई गणितीय स्कोर कार्ड नहीं है जहां आप दो व्यक्तियों के जन्म विवरण डालते हैं, 36 अंकों में से 18+ प्राप्त करते हैं और शादी करने का फैसला ले लेते हैं। या आपको 36 में से 18 से कम गुण मिलते हैं और आप ऐसे जीवन साथी को छोड़ने का फैसला ले लेते हैं जो शायद आप के लिए सबसे अच्छा जीवनसाथी साबित हो। इसलिए, यदि विवाह की अनुकूलता जांचने का एकमात्र तरीका आपके लिए केवल यह जानना है: कितने गुण मेल खाने चाहिए/ How many guns should match : कितने गुण मिलान/gun matching शादी के लिए अच्छे है, तो निश्चित तौर पर आप कुल विवाह-मिलान के केवल 10% – 15% हिस्से पर ही विचार कर रहे हैं। 

एक और बात जो लोगों को बहुत परेशान करती है: मांगलिक दोष, अष्टकूट या नाडी दोष, इसलिए ऐसे व्यक्ति को तो आप बिलकुल भूल जाओ जो गहरायी से ज्योतिष सिद्धांतों को जाने बिना आपको इन दोषों से बेतुके ढंग से डरा रहा है। आप खुद या एक ज्योतिषी ऐसा गैर-जिम्मेदार और अविवेकपूर्ण निर्णय कैसे ले सकता है? जब तक आप कुंडली में विभिन्न ज्योतिषीय दोषों के cancellation/counterbalancing effects और दूसरे कारकों द्वारा बनाये जाने वाले संतुलन को नहीं जानेंगे, तब तक आप कोई भी निर्णय लेने में असमर्थ हैं। क्या इन सभी बातों को ध्यान में रख कर कुंडलियों की जाँच हुई है? क्या आपने विवाह के मुख्य कारक, शुक्र और बृहस्पति की जाँच की है, या आप केवल एकतरफा निर्णय ले रहे हैं? कई बार ज्योतिषी भी ऐसी गलती कर देते हैं। नीचे एक उदाहरण पढ़ें, और आप समझ जाएंगे कि हमें कुंडली का मिलान क्यों करना चाहिए: कितने गुण मिलने चाहिए, कुंडली का मिलान कैसे करना चाहिए, और ऐसे ही कई प्रश्न।

अगर गुण मिलान/ Gun Matching 18 अंकों से कम है तो क्या करें?

मैंने एक ऐसी शादी के लिए हाँ कहा, जहां गुण मैचिंग 36 में से 14.5 थी। अधीर न होएं और अपना विवेक रखकर मेरी व्याख्या पढ़ें और समझें: अगर गुण मिलान 18 से कम है तो क्या शादी करें/ Can We Marry If Points Are Below 18 । 

लड़के की जन्म डिटेल्स –  07.04.1990, सुबह 08.30 बजे, लड़की की जन्म डिटेल्स – 27.03.1988, सुबह 10.50 बजे, दोनों का जन्म स्थान बुलंदशहर,  यूपी | ज्योतिष का ज्ञान रखने वाले ये सब कर cross-check and verify सकते हैं |

ये दोनों लोग एक प्रेम सम्बन्ध में थे। 36 में से केवल 14.5 गुण मैचिंग की वजह से उन्हें शादी न करने की सलाह दी गयी और उन्हें विवाह के बाद मिलने वाले  गंभीर नतीजों के बारे में बताया गया, जिसमें संतान संबंधी तर्क-वितर्क भी शामिल थे।

1. आम तौर पर, 36 में से 14.5 गुण मिलान/ gun matching पर सीधे तौर पर शादी के लिए मना है। लेकिन मेरी राय बिलकुल अलग थी और 14.5 out 36 गुण मैचिंग होने के बाद भी इस विवाह के लिए हाँ कहा | इतने कम गुण मिलान के बाद भी अगर मैंने विवाह के लिए दिया तो क्यों – अब इसके तर्क को समझिये|

2. इस कुण्डली मिलान में नाड़ी दोष समाप्त हो जाता है क्योंकि एक का नक्षत्र स्वामी शनि है और दूसरे का नक्षत्र स्वामी शुक्र है। ये दोनों ग्रह मित्र हैं, इसलिए नाड़ी दोष रद्द हो जाता है। 14.5 गुण मिलान स्कोर 22.5 हो जाता है। मैं यहां बता दूं कि 27 नक्षत्रों को 9 ग्रहों में विभाजित किया गया है और इतने सारे संयोजनों के बीच सामंजस्य की स्थिति को पढ़ना एक ज्योतिष विशेषज्ञ का ही काम है।

3.अब भकूट दोष पर आएं। लड़की की राशि कर्क और लड़के की राशि सिंह है। इन दोनों राशियों के स्वामी आपस में मित्र हैं, इसलिए भकूट दोष भी कैंसिल हो जाता है। 22.5 36 में से 29.5 हो जाता है।

4. Boy मांगलिक नहीं है, Girl मांगलिक है, मंगल सप्तम भाव में बैठा है। लेकिन मंगल बृहस्पति की राशि धनु राशि में बैठा है और मंगल का गुरु के स्वामित्व वाली राशि में होना मांगलिक दोष नहीं देत। तो मांगलिक दोष का कोई प्रभाव नहीं है। 

5. दूसरा, लड़की की आयु 28 वर्ष से अधिक है, जिसके कारण मंगल दोष अपनी प्रभावशीलता खो चुका है।

6. लड़के की कुंडली में केतु तीसरे भाव में विराजमान है और सूर्य एकादश भाव में विराजमान है। यदि कुण्डली के 3,6,11 भावों में पाप ग्रह विराजमान हो तो यह दूसरे साथी के मांगलिक दोष को समाप्त कर देता है।

7. सबसे पहले, लड़की की कुंडली में मंगल दोष नहीं है क्योंकि मंगल बृहस्पति की राशि में स्थित है। दूसरी बात अगर हम मंगल दोष पर भी विचार करें तो उसकी उम्र 28 वर्ष से अधिक है, जिसके कारण मांगलिक दोष अक्षम हो गया है। तीसरा, यदि कोई अभी भी मांगलिक दोष की प्रासंगिकता में विश्वास करता है, तो लड़के की जन्म कुंडली में ग्रह उस मंगल दोष को संतुलित/शून्य कर रहे हैं। तो, मांगलिक दोष रद्द हो रहा है।

अब बात करते हैं कुंडली मिलान के सबसे महत्वपूर्ण भाग यानी विवाह के कारक की।

लड़के की कुंडली (D-1 चार्ट) में, बृहस्पति अच्छी स्थिति में नहीं है, और शुक्र, जो विवाह की लंबी आयु का प्रतीक है, भी अच्छी स्थिति में नहीं है। लेकिन ये दोनों ग्रह नवांश कुंडली (D-9 चार्ट) में बल प्राप्त कर रहे हैं। नवांश कुण्डली में सप्तमेश बुध के अलावा बृहस्पति और शुक्र दोनों ही बहुत अच्छी स्थिति में बैठें हैं। नवांश कुंडली में बुध, गुरु और शुक्र श्रेष्ठ स्थिति में हैं। लड़के की कुंडली में बृहस्पति समस्या पैदा कर रहा है, लेकिन मंगल और शुक्र कुंडली में अच्छे बैठे हैं।

अब लड़की की कुंडली पर आते हैं। शुक्र और बृहस्पति एक बहुत अच्छी स्थिति में हैं, लेकिन नवांश कुंडली में शुक्र की मंगल और केतु के साथ युति कष्टदायक है। लेकिन लड़के की नवांश कुंडली (D-9 चार्ट) ने लड़की की कुण्डली में बनने वाले इस अशुभ योग को संतुलित कर दिया है  क्योंकि उसकी जन्म कुंडली में शुक्र बहुत अच्छा बैठा है।

तो, कुल मिलाकर, नाडी दोष और भकूट दोष रद्द हो गया है, कोई मांगलिक दोष नहीं है, विवाह के कारक भी अच्छा ताल-मेल बैठा रहे हैं इसलिए विवाह संभव है। मैंने इस शादी के लिए अपनी हां सिर्फ इसलिए दी क्योंकि यह एक प्रेम सम्बन्ध था। यह समझना आवश्यक है की अनुकूल होते हुए भी जीवन में एक दूसरे का साथ पाने से चूक जाते, अगर शादी के लिए केवल गुण मिलान/ gun matching की पारंपरिक विधि पर ही विचार किया जाता। अगर यह अरेंज मैरिज arranged marriage होती तो मेरी राय कुछ अलग  हो सकती थी।

केवल पारंपरिक मापदंडों के अनुसार सुझाये गए तरीकों से शादी करने या ना करने का फैसला न लें, और एक मामूली सी ज्योतिषीय फीस से भी न हिचकिचाएं आखिर यह आपक जीवन का सबसे महत्वपूर्ण फैसला है।  कुंडली मिलान करने के तरीके के बारे में और पढ़ें। 

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