वक्री गुरु का मकर राशि गोचर लाएगा जबरदस्त बदलाव

वक्री गुरु

शनि और गुरु ग्रह की युति ज्योतिष की दृष्टि से एक अत्यंत ही महत्वपूर्ण घटना होती है, पर इस समय यह और भी खास इसलिए बन रही है क्योंकि अभी दोनों ग्रह अपनी वक्री अवस्था में हैं. गुरु शनि की युति अभी कुछ समय पूर्व भी बनी थी और अब एक बार पुन: गुरु कुंभ राशि से निकलर कर अपनी उल्टी चाल से मकर राशि में प्रवेश करेंगे और शनि के साथ युति में होंगे. ज्योतिष में गुरु को ज्ञान का कारक माना गया है वहीं शनि को न्यायकर्ता के रुप में स्थान प्राप्त है, ऎसे में ज्ञान में ये समय न्याय को दर्शाता है लेकिन महत्वपूर्ण बात ये होगी की दोनों की वक्र युति किस प्रकार से सभी को प्रभावित करने वाली होगी. 

वक्री गुरु और वक्री शनि का युति फल 

दोनों ही ग्रह गोचर फल प्राप्ति में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह करते हैं. ग्रह जब मार्गी होता है तो वह अपने प्रभावों को सामान्य रुप से देता है लेकिन जब वह वक्री होता है तो उसके फलों परिणाम और तेजी दोनों में अलग स्वरुप दिखाई देता है जो अब वक्री गुरु और वक्री शनि युति में देखने को मिलेगा. गुरु वक्री होने के साथ ही अपनी नीचस्थ राशि में होंगे और चाहे ये स्थिति शनि के साथ नीचभंग की स्थिति देती हो लेकिन अवस्थाओं का असर तो अवश्य ही पड़ेगा और कुल मिलाकर ये समय अचानक से परिणामों को हमारे समक्ष लाकर खड़ा करने वाला होगा. 

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए इस समय गुरु और शनि का प्रभाव दशम भाव को प्रभावित करने वाला होगा. ये समय घर और बाहरी कार्यों में बदलाव और अचानक से होने वाले परिवर्तन को दिखाएगा. कार्यक्षेत्र में चले आ रहे कुछ प्रोजेक्ट शुरु होने का समय होगा लेकिन साथ ही स्थिति की गंभीरता भी ध्यान में रखनी होगी. इस समय अधिकारियों  की आप पर कड़ी दृष्टि रह सकती है, इसलिए एकाग्रता और परिश्रम में कोई कमी करते हुए काम करना उत्तम फल देने वाला होगा. 

वृष राशि

वृष राशि के जातकों के लिए इस समय गुरु का प्रभाव नवम भाव को प्रभावित करने वाला होगा. ये समय यात्राओं का दौर रहेगा और कुछ व्यर्थ की भागदौड़ का भी समय है. धार्मिक पक्ष मजबूत तो होगा लेकिन काम की अधिकता भी रहने वाली है. भाई बंधुओं के साथ नोकझोंक रह सकती है. काम की तलाश पूरी हो सकती है और आर्थिक लाभ होगा. 

मिथुन राशि 

मिथुन राशि के जातकों के लिए इस समय वक्री गुरु और वक्री शनि का प्रभाव अष्टम भाव को प्रभावित करने वाला होगा. वक्री ग्रहों की स्थिति के चलते काम में कुछ बार-बार होने वाले बदलाव परेशानी दे सकते हैं. संपत्ति या अन्य किसी वस्तु से लाभ मिलते मिलते अधर में अटक सकता है.दोस्तों का सहयोग आपके लिए सकारात्मक रहेगा.  

प्रेम संबंधों में धैर्य से आगे बढ़ना होगा अन्यर्था अन्य लोग आपकी छवि को खराब करने की कोशिश भी कर सकते हैं. शेयर मार्किट व लॉटरी इत्यादि के काम में लाभ-हानि की स्थिति समान रुप से बनी रहेगी इसलिए संभल कर निवेश करना बेहतर होगा. 

कर्क राशि 

कर्क राशि के जातकों के लिए इस समय वक्री गुरु और शनि का प्रभाव सप्तम भाव को प्रभावित करने वाला होगा. दो वक्री ग्रहों की सातवें भाव में स्थिति के चलते रिश्तों को गति तो मिलेगी लेकिन बीच-बीच में व्यधान भी होंगे. इस समय पर विवाह इत्यादि मांगलिक कार्यों में थोड़ा विलंब हो सकता है. साझेदारी से जुड़े हुए काम में समान रुप से आगे बढ़ने से ही अच्छे परिणाम मिल पाएंगे. सामाजिक क्षेत्र में भागदौड़ अधिक रहने वाली है और थोड़ा विचारधारा में भी बदलाव देखने को मिल सकता है. 

सिंह राशि 

सिंह राशि के जातकों के लिए इस समय गुरु और शनि का प्रभाव छठे भाव को प्रभावित करने वाला होगा. ये समय काम में तेजी को तो दिखाएगा ही साथ में प्रतिस्पर्धा भी काफी कठिन रह सकती है. सफलता प्राप्ति के लिए प्रयास थोड़े ज्यादा रह सकते हैं. कानूनी मसलों में विजय प्राप्ति का योग अच्छा है. स्वास्थ्य का ख्याल रखें पुराने रोग इस समय अचानक से दिक्कत दे सकते हैं. 

कन्या राशि 

कन्या राशि के जातकों के लिए इस समय गुरु और शनि का प्रभाव पंचम भाव को प्रभावित करने वाला होगा. बाहरी स्तर से लाभ मिल सकता है, वीजा इत्यादि के मिलने के लिए थोड़ा इंतजार की स्थिति बनी रहेगी लेकिन आखिर में सफलता का योग भी बनेगा. परीक्षार्थियों के लिए कड़ी मेहनत बनाए रखने की जरूरत होगी अपने नोट्स इत्यादि को संभाल कर रखें अन्यथा खो भी सकते हैं. लगातार किए गए प्रयास ही सफलता को दिलाएंगे. 

तुला राशि 

तुला राशि के जातकों के लिए इस समय गुरु और शनि का प्रभाव चतुर्थ भाव को प्रभावित करने वाला होगा. कुछ नई वस्तुओं की खरीदारी कर सकते हैं. घर पर मेहमानों का आगमन आपकी व्यस्तता को बढ़ा सकता है. आय के अन्य स्त्रोत लाभ प्राप्ति को दर्शाते हैं. स्वास्थ्य की दृष्टि से अपच, सीने में दर्द इत्यादि की समस्या रह सकती है. 

वृश्चिक राशि 

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए इस समय वक्री गुरु का प्रभाव तीसरे  भाव को प्रभावित करने वाला होगा. गुरु का प्रभाव आपके लिए परिश्रम और सामाजिक क्षेत्र में काम की अधिकता को दिखाने वाला रह सकता है. मित्रों के साथ मिलकर कुछ नए काम में भी हाथ आजमा सकते हैं. इस समय पर धार्मिक कार्यों में भी बढ़चढ़ कर हिस्सा ले सकते हैं, लेकिन ध्यान रखें की लापरवाही से बचें. अपनी भावनाओं को कंट्रोल में रखना ही बेहतर होगा. 

धनु राशि 

धनु राशि के जातकों के लिए इस समय वक्री गुरु का प्रभाव दूसरे भाव को प्रभावित करने वाला होगा. इस समय आपकी वाणी मऔर मानसिकता में बदलाव दिखाई देगा. क्रोध या फिर जल्दबाजी में काम करने से बचना होगा. आर्थिक में खर्च की अधिकता होगी लेकिन निर्वाह योग्य आय के साधन भी प्राप्त हो सकते हैं. बैंक इत्यादि से संबंधित कामों में देरी हो सकती है. पैतृक संपत्ति से जुड़े मसले अभी सुलझने में थोड़ा समय लेंगे. 

मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए इस समय वक्री गुरु का प्रभाव पहले भाव को प्रभावित करने वाला होगा. ये समय मकर राशि वालों के लिए खास होगा क्योंकि शनि पहले से ही यहां हैं और गुरु का भी यहां आना आपकी विचारधारा में अचानक से बदलाव को दिखाएगा. आप कुछ फैसलों को भी लेने की कोशिश में होंगे लेकिन अभी थोड़ा धैर्य और शांति के साथ काम करना ज्यादा अच्छा होगा. दांपत्य जीवन में जीवन साथी के साथ मतभेद रह सकते हैं लेकिन सहयोग भी प्राप्त होगा. काम के सिलसिले में यात्राओं का समय बना हुआ है. 

कुंभ 

कुंभ राशि के जातकों के लिए इस समय वक्री गुरु का प्रभाव द्वादश भाव को प्रभावित करने वाला होगा. शनि जो स्वयं द्वादशेश होकर वक्री अवस्था में मकर में पहले से ही स्थित हैं और ऎसे में वक्री गुरु की युति के प्रभाव स्वरुप बाहरी संपर्क द्वारा लाभ प्राप्ति का योग बना हुआ है. कार्यक्षेत्र में लम्बी दूरी की यात्रा हो सकती है और जो लोग विदेश में कार्यरत हैं उनके लिए काम में कई सारे विकल्प सामने रहेंगे. खर्चों की अधिकता का समय भी होगा और इस समय पर स्वास्थ्य, खानपान, एवं अन्य कार्यों में ये धन लग सकता है.

मीन राशि 

मीन राशि के जातकों के लिए इस समय गुरु का गोचर एकादश भाव को प्रभावित करने वाला होगा. ये समय लाभ के अवसर के साथ साथ नए लोगों के साथ मेल जोल के अवसर देने वाला रह सकता है. कुछ मामलों में देरी रह सकते हैं लेकिन देरी से ही सही चीजों की प्राप्ति होगी. प्यार को लेकर प्रेमी के साथ ज्यादा जल्दबाजी और दबाव से बचें. रिश्तों में प्रेम ओर शांति के लिए थोड़ा सा सब्र बहुत फायदेमंद होगा.

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