मीन राशि में देव गुरु और दैत्य गुरु की युति

jupiter and venus conjuction

जैसा कि हम सब जानते हैं, देवगुरु बृहस्पति ने साल 2022 की 13 अप्रैल को मीन राशि में प्रवेश कर चुके हैं/Jupiter Transit in Pisces जो उनकी स्वयं की राशि है। अब 27 अप्रैल 2022 को इसी राशि यानि मीन राशि में दैत्य गुरु शुक्र भी प्रवेश करेंगे/Venus Transit in Pisces क्या होगा जब ज्योतिष के यह दोनों सकरात्मक ग्रह एक दूसरे से युति सम्बन्ध बनाएंगे? जानिए किन राशियों के जीवन में आएगा परिवर्तन और किन राशियों को करना पड़ेगा परेशानियों का सामना। क्या महत्व रखती है गुरु शुक्र की युति हम सब के जीवन में बताएँगे इस लेख के माध्यम से।  

जब कोई ग्रह राशि परिवर्तन/Planetary Transit करता है तो उसे अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है और उसका हम सभी के जीवन पर कुछ न कुछ असर अवश्य पड़ता है। ठीक उसी प्रकार जब आकाश में कोई दो ग्रह एक ही राशि में स्थित होकर युति सम्बन्ध बनाते है, तो हमारे जीवन में बड़े परिवर्तन देखने को मिलते हैं। अप्रैल के महीने में ज्योतिष के संसार के दो बड़े ग्रहों, देव गुरु बृहस्पति व दैत्य गुरु शुक्र की युति मीन राशि में/Jupiter and Venus Conjunction in Pisces होने जा रही है। अब यह युति हम सबके जीवन में क्या परिवर्तन लाएगी जानने के लिए आगे पढें 

गुरुशुक्र युति के कारक तत्व

  • ज्योतिष में गुरु और शुक्र दोनों ही शुभ ग्रहों की श्रेणी में आते हैं, लेकिन यह दोनों आपस में परस्पर मित्र न होकर शत्रु हैं। गुरु वैवाहिक सुख को दर्शाता है। यह निश्चित करता है की व्यक्ति का विवाह कैसा रहेगा और विवाह होगा भी या नहीं तो दूसरी ओर शुक्र दांपत्य सुख यानि पति-पत्नी के आपसी सम्बन्ध और उनकी यौन जीवन को दर्शाता है। अब जब यह दोनों शत्रु ग्रह साथ आएंगे तो वैवाहिक जीवन में उथल-पुथल होना स्वाभाविक है। 
  • बृहस्पति ग्रह एक पुरुष प्रधान ग्रह है और शुक्र को स्त्री ग्रह मन गया है।
  • प्राचीन मान्यातओं अनुसार बृहस्पति, भगवान विष्णु का तो वहीं शुक्र, देवी लक्ष्मी का स्वरूप है।

कुंडली में गुरु और शुक्र की युति

  • दोनों ग्रह एक दुसरे से बहुत ही भिन्न है। दोनों ही ग्रह ज्ञान के द्योतक हैं और दोनों ही ग्रहों को पूज्यनीय श्रेणी में रखा गया है। गुरु का पद बहुत सारी जिम्मेदारी, त्याग, परोपकार और उत्तम विचारों व उच्च आचरण व व्यवहार से प्राप्त होता है, अर्थात दोनों ही ग्रह नमन योग्य हैं।  
  • गुरु के कारकतत्वों में त्याग, धर्म, उत्तम आचरण, सत्य, गरिमा, आध्यात्मिकता, ज्ञान आदि बातें समाहित हैं। जबकि भोग विलास, सुंदरता, मनोरंजन, प्रेम, यौन, घूमना, सुख सुविधाएं आदि सभी शुक्र के कारक तत्वों में आता है। यदि कुंडली/Kundli में गुरु और शुक्र की युति है, तो वह व्यक्ति बहुत ही ज्यादा महत्वकांक्षी बन जाता है।
  • यह युति अत्यंत प्रभावशाली व्यक्तित्व प्रदान करती है। व्यक्ति में एक असाधारण खिचाव व आकर्षण देखने को मिलता है, जिसके कारण सब उस पर मोहित हो जाते हैं। 
  • ऐसे व्यक्ति बहुत ऊंची सोच वाले होते हैं और थोड़े में संतुष्ट नहीं होते। उनकी बहुत बड़ी-बड़ी इच्छाएं होती है और उसे पाने का वह हर संभव प्रयास करते हैं। चाहे वह एक निम्न कोटि के परिवार में भी जन्म लें पर अपनी इच्छाओं पर वे नियंत्रण नहीं रख पाते हैं। 
  • गुरु-शुक्र युति के साथ जन्मे लोग अपनी पारिवारिक जिम्मेदारी बहुत अच्छे से निभाते है, और इन्हे कुलदीपक भी कहा जाता है। 
  • आर्थिक स्थिति व धन के मामलों में भी यह स्थिति अत्यंत शुभ परिणाम देती है। व्यक्ति अपनी बुद्धि व तार्किक बल से जीवन में ऊंचाईंयों को छू लेता है।  
  • ऐसे लोग किसी प्रतिष्ठित कंपनी या जगह पर कार्य करते हैं व बड़ी मात्रा में धन अर्जित करते है।
  • पर साथ ही साथ गुरु-शुक्र की युति मस्तिष्क में बहुत उलझनें पैदा करती है। ऐसे व्यक्ति यह निश्चय नहीं कर पाते की वे अपने जीवन में मनोरंजन व भोग विलास को अधिक महत्व दें या योग साधना के पथ को अपना कर एक संतोषपूर्ण जीवन जियें।
  • ऐसे व्यक्ति समाज में माननीय स्थान रखते हैं और अपनी सामाजिक छवि का वे बहुत ज्यादा ख्याल रखते है।
  • ऐसे व्यक्ति बहुत ज़्यादा खुल नहीं पाते और संकोची स्वभाव के होते हैं।  वे हर मामले में बहुत ज़्यादा सोचकर ही कोई कदम उठाते हैं। ये लोग बेवजह अनदेखी बाधाओ से घिरे रहते है|
  • ऐसे लोग संतान बाधा व संतान सुख में कमी का भी सामना करते हैं।
  • प्रेम सम्बन्ध भी सफल नहीं हो पाते हैं। 
  • इन दो ग्रहों की युति, व्यक्ति को कुछ अलग कार्य करने की प्रेरणा देती है। वह व्यक्ति कुछ न कुछ नया ही करता है।
  • कई बार शुक्र के हावी होने पर व्यक्ति, घर परिवार से विमुख हो जाता है और उनकी कोई बात नहीं सुनता है।
  • कई बार ऐसे व्यक्तियों का घर की महिलाओ के साथ व्यवहार अपेक्षाकृत अच्छा नहीं पाया जाता।

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सामान्य जान जीवन पर इस युति का क्या असर

  • लोगों के रिश्तों में मधुरता आएगी 
  • प्रेमभाव बढ़ेगा 
  • मांगलिक कार्य और अविवाहितों के विवाह संपन्न होंगे
  • राजनीति में महिलाओं की शक्ति बढ़ेगी
  • धर्म गुरुओं का प्रभाव बढ़ेगा 
  • बीमारियां ख़तम होंगीं

किन राशियों के लिए गुरुशुक्र युति लाभकारी होगी?

नीचे दी गई सभी राशियों के जीवन में कोई न कोई शुभ समाचार अवश्य प्राप्त होगा 

  • वृष राशि: इस राशि के लोग अनेक स्रोतों से धन लाभ लेंगें। इनका समाज में प्रभाव बढ़ेगा और कई लोग अपने कार्यों के लिए कोई अवार्ड या प्रतिष्ठित पद भी पा सकते हैं। 
  • मिथुन राशि: कार्यस्थल पर आपका प्रभाव बढ़ेगा। आप अपने सभी कार्यों को सफलपूर्वक पुर्ण करेंगे। यह समय मान व प्रतिष्ठा पाने का है। एक प्रभावी व्यक्तित्व बनकर उभरेंगें। 
  • कर्क राशि: भाग्य का पूर्ण सहयोग मिलेगा। बिगड़े काम बनेंगें और आप किसी फलदायी लम्बी यात्रा पर भी जा सकते हैं। 
  • वृश्चिक राशि: आपकी कलात्मक व सृजनात्मक शक्ति में वृद्धि होगी। आप पहले से अधिक स्फूर्ति का अनुभव करेंगें। यह समय कुछ नया प्रारम्भ करने का है और आप अपने पूर्व अर्जित कर्मों का सदुपयोग कर खूब लाभ अर्जन कर पायेंगें। 
  • मकर राशि: आर्थिक स्थिति पहले से कई ज्यादा अच्छी होगी। यात्राओं से अच्छा धन अर्जित करने में सफल रहेंगे। धन लाभ के विशेष योग बनते हुए दिखाई दे रहे हैं। 
  • मीन राशि: यह आपकी राशि के लिए उत्तम समय है। आपकी पर्सनालिटी में आश्चर्यजनक रूप से सुधार होगा। आप एक नई ऊर्जा का अनुभव करेंगें और समाज में आपकी मान प्रतिष्ठा बढ़ेगी। नए रोज़गार के अवसर प्राप्त होंगे व आपका दाम्पत्य जीवन अत्यंत सुखमय बनेगा।  

Daily Horoscope: दैनिक राशिफल इतना लोकप्रिय क्यों है

गुरु-शुक्र युति अपने आप में एक असाधारण युति है, यदि आप इसका सकारात्मक उपयोग करते है तो आप ऐश्वर्य के साधनों के साथ-साथ, धर्म और अध्यात्म में भी ऊंचाइयों को प्राप्त कर सकते है। और जब यह गुरु-शुक्र युति/Jupiter and Venus Conjunction आध्यात्मिक राशि, मीन में बन रही हो तो जन-जीवन में धर्म की प्रभावना बढ़ेगा और लोगों में अच्छे चरित्र व गुणों का संचार होगा। यह युति ईश्वर का प्रसाद है और इस समय अच्छे और नेक कार्य करके हम अपने जीवन में मनचाही बुलंदियों तक पहुँच सकते है।

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