विस्थापक ग्रह और विस्थापक नवांश क्या होते हैं ?

Home Forums वैदिक ज्योतिष – प्रश्न और उत्तर नवांश-प्रश्न और उत्तर विस्थापक ग्रह और विस्थापक नवांश क्या होते हैं ?

This topic contains 0 replies, has 1 voice, and was last updated by  Dr. Vinay Bajrangi 9 months, 3 weeks ago.

  • Author
    Posts
  • #550 Reply

    विस्थापक ग्रहों की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण है | जब कोई भी ग्रह जिस राशि में स्थित होता है , तो वह उस राशि के स्वामी ग्रह की स्थिति के अनुसार भी फल प्रदान करता है | ग्रह की इस अवस्था को  विस्थापक ग्रह कहते हैं | जैसे कर्क लग्न के लिए गुरु यदि मंगल की राशि मेष में स्थित है और मंगल अष्टम भाव में है तो गुरु भाग्येश होने के साथ-साथ अष्टमस्थ मंगल का फल भी प्रदान करेगा |

    लग्नपे वांऽशपे वापि जन्मकाले अस्तगौ यदि ।

    तदा जातस्य पुत्र्स्य मरणं स्यान्न संशय: ॥

    विस्थापक नवांश :- जिस प्रकार से ग्रह , जिस राशि में स्थित हो उसका विस्थापक ग्रह फल प्रदान करता है उसी प्रकार से नवांश के विस्थापक ग्रह का भी फल प्राप्त होता है | उदाहरण के लिए मान लीजिये कि धनु लग्न है और अष्टमेश चन्द्रमा धनु राशि में लग्न में स्थित है , तो यह स्वास्थ्य के लिए अत्यंत अशुभ है | यदि चन्द्रमा मंगल का नवांश प्राप्त कर रहा है तो मंगल की दशा में स्वास्थ्य सम्बन्धी अशुभ फल प्राप्त होंगे |

    अष्टमाधिपतौ लग्ने मेषांशे चापराशिगे |

    भूसुतस्य दशा कलेशमपरार्धे  महाविपत् ||

     

    अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए देखिये यह वीडियो-

    https://www.youtube.com/watch?v=cVophEqrxlU&t=5s

    सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए वेबसाइट पर क्लिक कीजेए |

    https://www.vinaybajrangi.com

    इससे संबन्धित प्रशनो के उत्तर जानने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करिए-

Reply To: विस्थापक ग्रह और विस्थापक नवांश क्या होते हैं ?
Your information: