बुध ग्रह इस बार कन्या राशि में अतिचारी

बुध ग्रह

बुध ग्रह को ज्योतिष में अत्यंत महत्वपूर्ण ग्रह माना गया है और इसके गोचर का व्यक्ति के जीवन पर गहरा असर पड़ता है। बुद्ध ग्रह, बुध्दि का ग्रह है और यह व्यापार को भी दर्शाता है। यदि कुंडली में बुद्ध अच्छी स्थिति में हो तो व्यक्ति अपनी वाक्पटुता से किसी भी क्षेत्र में आसानी से सफलता प्राप्त करता है।

बुध का कन्या में गोचर है अत्यंत विशेष

वर्ष 2022 में बुध का कन्या राशि में गोचर अत्यंत विशेष है। बुध ग्रह किसी भी राशि में सामान्यतः 21 दिन तक रहते हैं पर इस बार अगस्त में कन्या राशि में बुध पूरे 65 दिन रहेंगें।  यह एक अत्यंत विशेष स्थिति है। कन्या राशि बुध की उच्च राशि है और इस राशि में बुध बहुत शक्तिशाली रहता है। बुध के इस गोचर से कुछ राशियों को अत्यंत लाभ मिलेगा। वैदिक ज्योतिष में उच्च का बुध अत्यंत शुभ प्रभाव देता है। बुध ग्रह 88 दिन में सूर्य का चक्कर लगाता है। यदि बुध किसी राशि में 21 दिन से अधिक रहते हैं तो उन्हें अतिचारी गति में गोचर करने वाला ग्रह कहा गया है। बुध ग्रह इस बार कन्या राशि में अतिचारी हो गए हैं। 

क्या है अतिचारी ग्रह का प्रभाव ?

अतिचारी ग्रह किसी राशि का सबसे अधिक प्रभाव देता है। यह अपने प्रभाव अधिक लम्बे समय तक और अधिक गहराई से देता है। यही वह समय है जब किसी के जीवन में ग्रह का सबसे अधिक प्रभाव दिखाई देता है। तो इस समय बुध अपने अच्छे या बुरे प्रभाव अधिक तीव्रता से देगा। तो अब जिन राशियों को बुध के अच्छे प्रभाव मिलने थे उन्हें और अधिक अच्छे प्रभाव मिलेंगें और जिन्हें बुरे प्रभाव मिलने थे उनके जीवन में अध्क कठिनाइयां आएंगी। 

बुध ग्रह के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बातें

बुध को ज्योतिष में एक शुभ ग्रह की श्रेणी में रखा गया है लेकिन उसके लिए शर्त है कि यह किसी अशुभ ग्रह के प्रभाव में ना हो। बुध एक सामाजिक, बातचीत में निपुण, जीवन का आनंद लेने वाला व अत्यंत ही समझदार ग्रह है। इसका मिथुन और कन्या राशि पर स्वामित्व है। जब बुध कन्या राशि में होता है/Kanya Rashi me Budh तो यह उच्च का ग्रह कहा जाता है। कन्या राशि के 16 से 20 अंश तक यह अपनी मूल-त्रिकोण में माना गया है। बुध का स्वभाव मिश्रित है जो अपने पर प्रभाव डालने वाले ग्रह के अनुसार बदल जाता है। बुध ग्रह का सम्बन्ध हरी रंग की वस्तुओं से है।  

बुध की बदलती चाल

हिन्दू पंचांग/Panchang के अनुसार बुध ने अपनी उच्च राशि कन्या में दिनांक 21 अगस्त को प्रवेश किया था और फिर ये 10 सितम्बर को इसी राशि में वक्री हुए थे। अब ये 2 अक्टूबर को फिर से मार्गी हो जायेंगें और कन्या में पुनः प्रवेश करेंगे और उसके बाद ये 26 अक्टूबर को तुला राशि में गोचर करेंगे/Tula Rashi me Budh इस प्रकार लगभग 65 दिन तक बुध उच्च होकर कन्या राशि में ही रहेंगे। बुद्ध के वक्री गति में होने के कारण बुध के उच्च होने का प्रभाव व्यक्ति को 10 सितंबर से लेकर 2 अक्टूबर तक नहीं मिलेगा। वक्री ग्रह सामान्य के विपरीत प्रभाव देता है। अर्थात अगर सामान्य स्थिति में बुद्ध अच्छा प्रभाव देने वाले ग्रह हैं तो वक्री होकर वे उतना शुभ प्रभाव नहीं देंगें। 

बुध कब होंगे कन्या राशि में अस्त, अक्टूबर में बुध कन्या राशि में कब होंगे उदय?

अपनी गोचर अवधि के दौरान 8 सितंबर, 2022 को बुध ग्रह सूर्य से निकटता के कारण अस्त हो जाएंगे। अब ये 29 सितंबर को उदय होंगे। यहां ये लगभग 23 दिन अस्त रहेंगें। इसके बाद ये फिर से 25 अक्टूबर को अस्त होंगे तथा तुला राशि में जाने के उपरान्त उदय होंगे। एक अस्त ग्रह किसी भी प्रकार का प्रभाव देने में अक्षम होता है। इसका प्रभाव चाहे अच्छा हो या बुरा, न के बराबर होता है। अतः अस्त रहने की स्थिति में ये किसी प्रकार का प्रभाव देने में असमर्थ हैं। 2 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक बुध का उच्च प्रभाव व्यक्ति को मिलेगा। 18 सितंबर से कन्या में सूर्य और बुध की युति से बुधादित्य योग/Budhaditya Yoga का निर्माण होगा। इस योग के चलते राशि के अनुसार सभी को उत्तम फलों की प्राप्ति होगी। बुध के साथ-साथ गुरु और शनि ग्रह भी पहले से ही वक्री चल रहे हैं। और राहु और केतु तो हमेशा ही वक्री रहते हैं। ऐसे में 9 में से 5 ग्रहों के वक्री हो जाने पर विशेष परिणाम मिलेंगें।  

अस्त बुध करेंगे तुला राशि में प्रवेश, कब होंगे बुध उदय?

बुध ग्रह अस्त अवस्था में ही तुला राशि में 26 अक्टूबर को गोचर करेंगें जहां वे 3 दिसंबर को उदय होंगें। यहां ये लगभग 39 दिन अस्त रहेंगें। 

बुध के गोचर का सभी राशियों पर प्रभाव 

मेष राशि: बुध आपके छठे भाव में गोचर करेगा/Mercury in Sixth House यह आपकी सभी बीमारियों को समाप्त करेगा और कोर्ट कचहरी के मामलों में सावधान रहे। बाहर जाने का योग भी बन रहा है। 

वृष राशि: यह गोचर संतान पक्ष के लिए अत्यंत लाभकारी है। किसी प्रतिस्पर्धा में बैठे है तो बहुत अच्छे परिणाम मिलेंगें। नौकरी में प्रमोशन भी हो सकता है/Auspicious time for job promotion और धन की प्राप्ति होगी।

मिथुन राशि: आपके सुख में हर तरह से वृद्धि होगी। माताजी अच्छा महसूस करेंगीं व स्वास्थ्य काफी अच्छा रहेगा। आप के प्रॉपर्टी लेने के योग/Property Yoga in Kundli बने हुए हैं। व्यापार बहुत अच्छा चलेगा।

कर्क राशि: कर्क राशिवालो के लिए समय अनुकूल नहीं है। भाग्य इस समय आपका साथ नहीं देगा।

सिंह राशि: बुध आपके लिए धन योग/Dhan Yoga बना रहे हैं। लेकिन दुर्घटनाओं से बचें। 2 से 23 अक्टूबर के बीच धन लाभ की सम्भावना है।  

कन्या राशि: कन्या राशिवालो के लिए स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। जीवन साथी बीमार रह सकता है। क्रोध अधिक रह सकता है। 

तुला राशि: आपको कोर्ट-कचहरी की गतिविधियों में सफलता मिल सकती है। आपका भाग्य आपका साथ देगा पर साथ ही साथ शत्रु भी बनेंगे।

वृश्चिक राशि: इन राशिवालो के लिये यह समय अनुकूल है। 1 से 23 अक्टूबर का समय धन प्राप्ति के लिए अच्छा समय है। संतान को किसी प्रकार का कष्ट संभव है।

धनु राशि: समय अनुकूल है, प्रमोशन मिल सकता है और सैलरी भी बढ़ने के आसार हैं। कार्यभार बढ़ सकता है। मान-सम्मान मिलेगा और सभी सुखों की प्राप्ति होगी। जीवन साथी का साथ मिलेगा। 

मकर राशि: इस समय आपका भाग्य आपका बहुत अच्छा साथ देगा। शत्रुओं के संख्या में वृद्धि हो सकती है।

कुंभ राशि: समय अनुकूल नहीं है। दुर्घटनाओं व बीमारियों से बचें। संतान को कष्ट हो सकता है।

मीन राशि: आपके विवाह की सम्भावने है। जीवन साथी से उत्तम लाभ बनेगा। प्रेम सम्बन्ध/Love Relationship Calculator बढ़ेंगें। व्यापार बहुत अच्छा रहेगा और सुख में वृद्धि होगी।

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