Brahma Muhurta – क्यों कहा जाता है इस मुहूर्त को सबसे शुभ

Brahma Muhurat

ब्रह्म मुहूर्त/Brahma Muhurat समय को एक अत्यंत ही शुभ एवं महत्वपूर्ण समय का स्थान प्राप्त है। प्रात:काल सूर्योदय से पूर्व का समय ब्रह्म मुहूर्त का समय होता है। यह समय कुछ विशेष निश्चित समय तक रहता है और इस समय के दौरान जागने तथा साधना इत्यादि के कार्यों को करना बेहद ही उत्तम माना गया है। ब्रह्म मुहूर्त समय को आत्म जागरण का समय भी माना गया है। ब्रह्म स्वरूप यह समय ब्रह्माण्ड की शक्ति तथा ब्रह्म के रहस्य को साधने का समय भी होता है। इस समय के दौरान प्रकृति एवं ब्रह्माण्ड की ऊर्जाओं का जो केन्द्र बिन्दु होता है, वह मनुष्य की ऊर्जा के साथ मिलकर व्यक्ति के भीतर ज्ञान के  विकास के साथ साथ जीवन के विकास का नया स्वरूप उजागर करने वाला माना जाता है। 

मुहूर्त शास्त्र/Muhurat Shastra अनुसार ब्रह्म मुहूर्त रात्रि का चौथा प्रहर समय है। सूर्योदय होने से पहले दो मुहूर्त होते हैं, जिनमें से पहले भाग को ब्रह्म मुहूर्त/Brahma Muhurat का नाम प्राप्त है। प्रात: काल 4 बजे का समय ब्रह्म मुहूर्त समय में आता है। 

ब्रह्म मुहूर्त में क्या करना शुभ होता है

ब्रह्म मुहूर्त के अत्यंत ही शुभ एवं सात्विक समय होता है, अत: इस समय पर किए जाने वाले कार्यों में भी इस मुहूर्त की शुभता का प्रभाव देखने को मिलता है। इस दौरान समस्त ओर वातावरण में शांति तथा अनुकूलता का समावेश रहता है। इस दौरान सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है, जो एक व्यक्ति को सफलता के शिखर पर पहुंचा सकता है।

वेदों में इस बात को स्पष्ट तरीके से बताया गया है कि इस समय पर अपने इष्ट देव की भक्ति एवं उनका स्मरण करने से लाभकारी परिणाम प्राप्त होते हैं। यह एक ऐसा समय माना जाता है जब प्रत्येक व्यक्ति इसका लाभ उठा सकता है। यह समय किसी व्यक्ति विशेष या धर्म संप्रदाय से नही जुड़ा है अपितु यह वह समय होता है जो सभी के कल्याण हेतु प्रकृति द्वारा हमें मिलता है।

ऐसा माना जाता है कि जो भी चिंतन से जुड़े कार्य होते हैं, उन्हें इस समय के दौरान करने से बहुत अच्छे परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। ऐसा इसलिए होता है कि इस समय के दौरान व्यक्ति को एकाग्रता प्राप्त होती है और उन्हें इसका लाभ भी मिलता है। ब्रह्म मुहूर्त का निर्मल शांतिप्रद समय चंचल मन को एकाग्र करने में सहायक बनता है। 

ब्रह्म मुहूर्त का समय अध्ययन एवं शोध इत्यादि कार्यों के लिए भी उपयुक्त माना जाता है। छात्रों के लिए यह समय अत्यंत ही अनुकूल समय माना गया है। इस समय के दौरान किया जाने वाला अध्ययन चिर काल तक बुद्धि में समाहित रहता है। स्मरण शीलता का गुण भी अच्छा होता है। यदि छात्र इस समय पर अपनी पढ़ाई को कर पाते हैं तो उन्हें अपना कार्य लम्बे समय तक याद रहता है, इसलिए ब्रह्म मुहूर्त समय को अध्ययन से जुड़े कार्य के लिए फलप्रद माना गया है। 

ब्रह्म मुहूर्त के समय व्यक्ति के स्वास्थ्य एवं उसके सौंदर्य को वृद्धि देने वाला होता है। यह शुभ मुहूर्त/Shubh Muhurat विद्या एवं स्वास्थ्य को प्रदान करने वाला होता है। ब्रह्म मुहूर्त समय पर वातावरण में प्रदूषण की स्थिति निम्न रहती है, तथा प्राणवायु का संचार भी स्वच्छ रूप से होता है। इस समय पर ली जाने वाली श्वास ऊर्जा हमारे भीतर मौजूद विकारों को शांत करने में सहायक बनती है। इस समय के दौरान मन मस्तिष्क भी शांति को पाता है। 

ब्रह्म मुहूर्त में नहीं करने चाहिए यह काम

ब्रह्म मुहूर्त का समय एक शांति तथा स्वच्छ समय होता है, अत: इस समय की शांति भंग करना बिलकुल भी उपयुक्त नहीं होता है। इस समय पर जोर जोर से वार्तालाप करना, सोना, यौन संबंध बनाना अच्छा नहीं माना जाता है। यह समय किसी भी प्रकार की अशुद्धि या अनैतिक कार्यों के लिए नही होता है, इसलिए इस समय पर किसी भी प्रकार का कलह, बहस इत्यादि या शोर शराबा नहीं करना चाहिए। 

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