Monday, December 17, 2018

लगभग हर किसी को एक व्यवसाय का मालिक बनना पसंद है , लेकिन क्या यह संभव है और इतना आसान है? व्यवसाय चलाने के लिए सफलतापूर्वक व्यवसाय निर्णय कई महत्वपूर्ण कारकों पर निर्भर करता है। कुछ बार व्यवसाय शुरू करने से कई आसान कारकों की सुविधा मिलती है लेकिन क्या चलने और बनाए रखने के लिए, वही कारक लंबे समय तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। अधिकांश लोग, विशेष रूप से युवा, बड़े व्यवसायों से प्रेरित होते हैं जो वित्तीय लाभ में तेज वृद्धि के साथ समय से पहले आगे बढ़ना चाहते हैं । कई अन्य कारक भी हैं जो व्यक्ति को व्यवसाय  करने का प्रलोभन देते हैं जैसे विरासत में मिला बिज़नेस , सामाजिक / पारिवारिक मंडल, लालच, संयुक्त परिवार और समानता आदि |


व्यापारिक सफलता – आंकड़े क्या कहते हैं

आमतौर पर 50 % व्यवसाय शुरू होने के एक साल में ही बंद हो जाते हैं या काफी मात्रा में अगले दो – तीन साल में ऐसा होता है | इसका अभिप्राय है कि मात्र २०% बिज़नेस में सफलता हासिल कर पाते हैं | बिज़नेस में चली आ रही पिछली सफलता हमेशा वर्तमान सफलता में कारक नहीं होती क्योंकि समय के साथ – साथ हर चीज़ बदलती हैऔर पीढ़ियों में बदलाव के साथ ये भाव भी अधिक शक्तिशाली और कमजोर भी हो जाते हैं। | इसीलिए शायद कई बड़े उद्योग घराने समय के साथ लुप्त हो गए |

बिज़नेस योग – सबसे शक्तिशाली कारक

किसी भी बिज़नेस का निर्णय लेने से पहले बिज़नेस योग को देखना बहुत महत्वपूर्ण है। ,मैं इसे विस्तार के साथ बताता हूँ  “ज्योतिषानुसार कोई भी व्यक्ति बिज़नेस करने में तभी फलीभूत होगा जब उसके कुंडली में बिज़नेस योग उपस्थित होगा | कुछ विशेष ग्रहों का विन्यास ‘बिजनेस योग’ बनाती है, जिसे जनसाधारण  समझ नहीं पाते है। लेकिन, कोई गहरे ज्योतिषीय ज्ञान और अध्ययन के साथ,  इस योग को देख और इसके लाभों को जातक के समक्ष प्रस्तुत  कर सकता है  । यदि कोई व्यक्ति अपने कुंडली मेंअच्छा  ‘बिज़नेस  योग, रखता तो उसके पास होनी  चाहिए |

निम्नलिखित विशेषताएं :-

  • आत्मसंयम
  • आविष्कारशीलता
  • आत्मविश्वास
  • उत्तेजित ( अधिक ) इच्छा
  • व्यवसायिक मनुष्य का रवैया
  • उत्कृष्ट वार्तालाप (निम्न और उच्च स्तर दोनों पर )
  • निर्णय लेने की क्षमता
  • प्रतिस्पर्धा
  • अनुकूलन क्षमता

उपरोक्त वर्णित गुणों जितने अधिक होंगे उतना मजबूत बिज़नेस योग होगा |  अब अगले योग की बात करते हैं  ‘धन योग’। कुंडली में ‘धन योग’ की उपस्थिति से संकेत मिलता है कि जातक अपने व्यापारिक कार्यों के माध्यम से किस प्रकार धन में वृद्धि करेगा

कर्मचारी और मालिकाना योग

यह सब कुछ निर्धारित करने के लिए कि क्या किसी व्यक्ति के पास व्यवसाय शुरू करने के लिए योग है या नहीं, हमें यह देखते हैं कि कुंडली में ‘कर्मचारी योग’  है या ‘ मालिकाना योग ‘  है । इसके अलावा, हम कुंडली में लग्न की स्थिति ( शक्ति ) और  ‘ धन योग ‘ किस स्तर का है  इसकी पड़ताल करते हैं |

कुंडली में साझेदारी की अनुकूलता

अगला बड़ा सवाल यह है कि “यदि  कोई जातक , एक व्यवसाय प्रारम्भ करने की इच्छा रखता है, तो क्या वह एक साथी के साथ हाथ मिला सकता है?”  जो साझेदारी के साथ बिज़नेस प्रारम्भ करना चाहता है उसके लिए उस व्यक्ति के भी प्रासंगिक चार्टों से मिलान करना भी अत्यंत आवश्यक है  व्यवसाय में साझेदारी बहुत बढ़िया हो सकती है और एक विकट समस्या के रूप में भी उभर सकती है । ऐसे निर्णयों पर अम्ल करने से पूर्व  कुंडली में विभिन्न चार्ट, डी -1, डी-9, डी -10, और डी -12 आदि का पूरी तरह से विश्लेषण किया जाना चाहिए। एक आम आदमी को भागीदार चुनने से पहले इन सब की पड़ताल करनी चाहिए :

  • विश्वसनीयता, भरोसेमंदता
  • वचनबद्धता स्तर
  • आपकी अनुपस्थिति में संभालने के लिए प्रभावशीलता।
  • मिलनसार?
  • टीम के साथ काम करने का उत्साह
  • व्यापार और संबंधित बाजार का ज्ञान

इन सभी कारकों को विभिन्न मंडल चार्टों में 7 वें भाव के गहरे विश्लेषण के माध्यम से ज्योतिषीय रूप से प्रमाणित किया जा सकता है, की प्रेरित कल्पनाओं या पूर्व अनुमानित धारणाओं की बजाय उक्त  कारकों पर उचित पड़ताल के बाद ही बिज़नेस की ओर आगे बढ़ना चाहिए  । हालांकि, जातक की कुंडली में बिज़नेस योग है या नहीं इसकी पड़ताल करना मुख्य है |

किस प्रकार का बिज़नेस मेरे लिए उत्तम है

बिज़नेस सिर्फ पैसों से नहीं बल्कि व्यक्तिगत कुशलताओं और उसके बाद किस प्रकार का बिज़नेस करें पर भी निर्भर करता है

बिज़नेस हेतु आवश्यक कारक – संसाधन या व्यक्तिगत निपुणता

आप संसाधनों या कौशल किसके निवेश से व्यापार में सफल होंगे , कुंडली में इसकी पड़ताल करना भी आवश्यक है । सेवा व्यवसायों को भारी निवेश की आवश्यकता नहीं होती है या फिर भारी निवेश के साथ व्यवसाय करने का योग कुंडली में नहीं होता  तो, तो इसकी क्या सम्भावना है इसकी पड़ताल भी कुंडली से के माध्यम से करनी चाहिए । सेवा व्यवसाय के कई प्रकार होते हैं , जिनमें सलाहकार नौकरियां, कमीशन एजेंसी नौकरियां, लेखांकन,  सैलून और कानूनी फर्म शामिल हैं |

क्रय-विक्रय बिज़नेस

यदि जातक कि कुंडली में क्रय-विक्रय बिज़नेस के योग हैं तो यह बिक्री-उत्पाद बिज़नेस में आता है |

उत्पादन का बिज़नेस

उत्पादन व्यवसाय में  समझदारी के साथ बड़े निवेश की आवश्यकता होती है   – उत्पादन फैक्ट्री  के लिए विनिर्माण संयंत्र, मानव शक्ति, और संचालन आदि प्रमुख बिंदु हैं  , यदि जातक की कुंडली में इन सभी के  प्रमुख योग हैं तो वह इस प्रकार के बिज़नेस करने के बारे में सोच सकता है 

कुंडली अनुसार मूल निर्णय लेना

किस प्रकार का बिज़नेस जातक के लिए उपयुक्त होगा यह उसकी कुंडली के  डी -60  चार्ट की पड़ताल और उस ग्रह की पड़ताल जो १० वें भाव और उसके अधिपति को प्रभावित करता हो , से निर्धारित किया जाता है |  यदि यह पड़ताल उचित तरीके से की जाये तो जातक का चुना हुआ व्यवसाय समस्या उत्पन्न नहीं करता |  उदहारण के तौर पर, यदि किसी जातक की कुंडली में केतु एक उपयुक्त तरीके से 10 वें भाव  को प्रभावित करता है तो कृषि, शराब आदि से संबंधित व्यवसाय चुनना सबसे अच्छा है। इसी प्रकार चंद्रमा का एक उपयुक्त प्रभाव फार्मेसी, नलकूप , कांच, आदि से संबंधित व्यवसायों का संकेत देता है। इसी तरह, बुध का प्रभाव अनुसंधान, कला ,संस्कृति और दवा आदि का समर्थन करता है।

बिज़नेस का प्रारम्भ करना कब शुभ होता है

यदि जातक की कुंडली में सभी अच्छी तरह से और उचित ‘व्यापार योग’ होने के बाद भी यदि वह सही समय पर व्यापर प्रारम्भ नहीं करता है यह योग फलित नहीं होता है | दूसरे शब्दों में, यदि ‘दशा’ या ‘गोचर’ सकारात्मक नहीं है, तो ‘बिजनेस योग’ फलस्वरूप नतीजे नहीं लाएगा। यही कारण है कि मैं हमेशा व्यवसाय शुरू करने के लिए कुंडली द्वारा उचित समय की पड़ताल करने की सलाह देता हूँ  यदि आप किसी गलत समय पर दौड़ते हैं और व्यवसाय शुरू करते हैं, तो आपका व्यवसाय नष्ट हो सकता है।

ऋण का प्रबंधन

ज्यादातर लोग ऋण लेने के बाद अपने कारोबार की स्थापना करते हैं। लेकिन, कभी-कभी, उनकी ऋण राशि उनकी कमाई की क्षमता या वित्तीय क्षमताओं से अधिक हो जाती है और तब वह व्यक्ति पूरी तह कंगाल होने के कारण ऋण का भारी भार नहीं उठा पाता तो ऐसी स्थिति में उसका व्यवसाय बंद हो सकता है जबकि उसकी कुंडली में एक उत्कृष्ट बिज़नेस योग उपस्थित था |  इसलिए, व्यवसाय शुरू करने से पहले, आपके लिए आवश्यक ऋण का आकलन और पता लगाना आवश्यक है जो आपके व्यवसाय की नींव को प्रभावित नहीं करेगा। कुंडली की पड़ताल करना और उसके अनुसार यह  सभी चीज़ों का  निर्धारण करना चाहिए क्योंकि यह आपके लिए एक सही मार्गदर्शन देगा | .

इन सभी कारकों के साथसाथ कुछ अन्य भी महत्वपूर्ण मुद्दे हैं जो समग्र व्यापार रणनीति को प्रभावित कर सकते हैं.

  • व्यापार परिसर का वास्तु।
  • कर्मचारियों का स्थिर न होना ।
  • कुछ प्रमुख पदों पर नियुक्त व्यक्तियों की कुंडली का आंकलन ।
  • सरकारी एजेंसियों से विवाद की स्थिति ।
  • बढ़ता कर्ज , कर्मचारियों की देनदारी।
  • व्यापार लेनदेन का पूर्ण लेखा-जोखा सही न रखना

पूर्व-अनुमानित धारणाओं की तुलना में व्यावसायिक रणनीति और व्यावसायिक प्रबंधन के मुद्दों पर व्यापक और पारस्परिक रूप से सत्यापित उत्तरों के बाद निर्णय करना हमेशा बेहतर होता है |

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