Monday, December 17, 2018

विवाह के लिए अन्य चीजों के आलावा दो चीज़ें अति आवश्यक होती हैं , एक संगत जीवनसाथी और दूसरा विवाह का उचित समय | ( सही समय पर विवाह होना ) | विवाह की तलाश में संगत जीवनसाथी की खोज मकान को घर में बदलती है | जब एक बार व्यक्ति कोई नौकरी या व्यवसाय करने लगता है तो विवाह के लिए सही जीवनसाथी की खोज तीव्रता से होने लगती है | और क्यों न हो विवाह एक सामान्य व्यक्ति के लिए उसके जीवन का सबसे रोमांचित प्रसंग  है |और एक परिपूर्ण जीवनसाथी मिलना हमेशा के लिए जीवन को आशीर्वाद देता है। हालांकि यहां एक और तथ्य आधुनिक समाज में है, जिससे यह सरल बात अधिक जटिल हो रही है। पुरुष प्रधान समाज के दिन चले गए हैं। महिलाएं आजाद हैं पढ़-लिखकर स्वयं निर्भर हो गयीं हैं और वह अब सोशल मीडिया पर जुड़कर अपनी अभिलाषाओं के अनुरूप  जीवनसाथी ढूंढती है |

अब विवाह के लिए एक आदर्श जीवनसाथी मिलने के बाद दूसरी समस्या यानी कि, विवाह को तोड़ने वाले कारक सक्रीय हो उन दोनों और उनके परिवारों पर हावी होकर परेशान करने लगते हैं    एक व्यक्ति जीवनसाथी को ढूंढने में सक्षम नहीं हो सकता है, और यदि हो भी जाता है तो वह विवाह बिना   किसी स्पष्ट कारण के टूट जाता है |

सही जीवनसाथी न ढूंढ पाने के ज्ञात कारण

मैं कई कहानियों में इन कारणों का गवाह हूं :

  1. सब कुछ अच्छा होने के बावजूद, सही मैच प्राप्त करना मुश्किल है।
  2. ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं आता जहां सब कुछ उत्कृष्ट हो |
  3. बातें होंगी, समझौता होगा लेकिन वे पहले ही कुछ चरणों के बाद आगे नहीं बढ़ेंगे |
  4. जीवनसाथी चुनने के लिए बहुत अधिक पैमाने ( मानक )  होना जो कि प्राप्त नहीं किये जा सकते |
  5. कभी – कभी अपने स्वयं के सगे सम्बन्धी जीवनसाथी की खोज में बाधक बनते हैं , आश्चर्य नहीं बल्कि यह कारण भी होता है  |

ये कुछ स्पष्ट कारण हैं जो किसी व्यक्ति की खोज को सही जीवनसाथी के लिए प्रतिबंधित करते हैं और विवाह को रोकते हैं।अब मैं कुछ ऐसे कारण बताऊंगा जो आमतौर पर हमें ज्ञात नहीं हैं लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से यह जीवनसाथी कि खोज में जबरदस्त बाधा पैदा करते हैं |

विवाह की संभावनाओं को रोकने वाले अज्ञात कारण निम्न हैं

  1. बहुत अधिक उम्मीदें करना जैसे होने वाले जीवनसाथी  का धर्म, जाति , सामाजिक स्थिति, आर्थिक स्थिति इत्यादि  और इन पर अडिग रहना ।
  2. अविश्वास की प्रकृति ।
  3. बिना कुछ दिए बहुत अधिक प्राप्त करने की चाह रखना |
  4. स्वार्थी व्यक्तित्व।
  5. आलोचना करना या आलोचनात्मक व्यवहार वाला होना |
  6. आत्म केंद्रित व्यक्ति
  7. सहानुभूति में असमर्थता।
  8. “किसी बात पर निश्चित न रहने वाला व्यक्तित्व।
  9. अधिक प्रतिघातक होना  (रिएक्टर)  वाले।
  10. सिर्फ स्वयं पर केंद्रित होना |

जीवनसाथी के लिए खोज को कैसे करें सरल और फलित

कुंडली की ज्योतिषीय पड़ताल के माध्यम से आप अपने होने वाले जीवनसाथी के बारे में कई बातें जान सकते हैं | इस प्रक्रिया ( उपकरण ) आपको आपके जीवनसाथी की तलाश के लिए आपको सही दिशा में स्थानांतरित करने में मदद करती है | इसके माध्यम से आप आपके होने वाला जीवनसाथी के बारे बिभिन्न संकेत प्राप्त कर सकते हैं जैसे : –

  1. प्रेमविवाह होगा या  माता-पिता के द्वारा तय किया हुआ होगा
  2. आपके देश में होगा या देश के बाहर  ।
  3. पूर्व , पश्चिम , उत्तर , दक्षिण  किस दिशा से आएगा |
  4. आपके निवास के नजदीक होगा  या दूर ।
  5. किस व्यवसाय से होगा नौकरी या बिज़नेस में।
  6. जीवनसाथी की सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि।
  7. परिवार मूल होगा या बड़ा |

और अब जब आप जीवनसाथी की तलाश करते हैं और कोई आपका इन मानकों पर मार्गदर्शन कर दे तो निश्चित ही आपकी खोज सही हो गयी | इसके आलावा यह मार्गदर्शन निश्चय ही उन कारकों को कम करता है जिन पर जातक या उसका परिवार अत्याधिक महत्वाकांक्षी होता है | मैं अपने लम्बे अनुभव से यहाँ इस बात की पुष्टि करता हूँ कि कभी – कभी ये कारक एक परिपूर्ण जीवनसाथी की खोज में कितने प्रचंड हो जाते हैं –

सही जीवनसाथी ढूँढने के लिए कुंडली की पड़ताल

विभिन्न कुंडलियों का विश्लेषण और व्यक्तिगत बातचीत के पश्चात् मैं कह सकता हूँ कि इन कारणों कि वजह से जो जातक जीवनसाथी नहीं खोज पाते उसका कारण  कुंडली में नकारात्मक लग्न और और कमजोर लग्नेश है  |  हालांकि, बहुत कम लोग हैं जो अपनी कुंडली की इस विकार के बारे में जानते हैं और उस दोष को कम करने की कोशिश करते हैं |

जो जातक विवाह नहीं कर सके मैंने उन जातकों की कुंडली विवाह को रोकने वाले कारकों का शोध किया और देखा क्या था उनकी कुंडली में जो उन्हें विवाह करने से रोक रहा था | मैंने ऐसे कई ज्योतिषीय कारणों और मूल जीवन में उनके परिणामों का वर्णन नीचे किया है |

विवाह के भाव से द्वि-स्थान

द्वि -स्थान  विवाह के भाव के 6 वें भाव , 8 वें भाव  और  12 वें भाव से  देखा जाता है। ये भाव  विवाह से सम्बंधित भाव के फल में अवरोधक बनते हैं  |  अब, जीवनसाथी  का भाव लग्न से 7 वां है, और इस भाव  से द्वि -स्थान 12 वां भाव , दूसरा भाव और लग्न से 6 वां भाव है। ये भाव  7 वें भाव  (विवाह और पति / पत्नी के बारे में) के नकारात्मक रूप से कार्य करते हैं |  यदि इस भाव में कोई ग्रह स्थित हो तो   यह इस मुद्दे को और जटिल करेगा क्योंकि उस भाव और उसके स्वामी के अलावा, विवाह के संबंध में जातक को परेशान करने के लिए एक अन्य ग्रह ने ताकत बढ़ा दी है |

उदाहरण के लिए: 12 वें  भाव में सूर्य पिता या नौकरी  की तरफ उंगली को इंगित करता है, जो कि जातक  के विवाह को गंभीर बनाने में अक्सर खराब प्रदर्शन नहीं करता है। यह जातक के स्वार्थी व्यक्तित्व की ओर भी प्रतिबिंबित करता है। और यह स्पष्ट हो जाता है, जैसे ही शादी के लिए बातचीत शुरू होती है |

द्वि-स्थान को समर्थन देने वाले कारक

हाँ! इन द्वि – स्थानों  में प्रचंड  समर्थक  भी हो सकते हैं जो शादी में विलम्ब या अवरोध उत्पन्न करते हैं। ये समर्थक इन द्वि-स्थानों के त्रिक/त्रिकोण /या केंद्र भाव में स्थित ग्रह हैं  | द्विस्थान इन समर्थकों से ताकत प्राप्त कर और अधिक अवरोध उत्पन्न करते हैं |

उदाहरण के लिए:   जब १२ वें भाव की व्याख्या की तो सूर्य यानी पिता अपने बच्चे की शादी में अवरोध उत्पन्न कर रहा था |  इसे शाब्दिक रूप से न लें, यह हो सकता है कि उन्होंने कुछ मानकों को निर्धारित किया है जो पूरा करने के लिए कठिन हो रहे हैं। और 12 वें  भाव में सूर्य से शनि  तीसरे भाव (केंद्र) में स्थित था और राहु  चौथे भाव में स्थित था तो  सूर्य शनि या राहु की इस स्थिति से काफी शक्ति प्राप्त कर रहा जो  या किसी अन्य ग्रह के इन पदों से काफी ताकत खींच रहा है जो कि सूर्य से केंद्र या त्रिकोण की स्थिति में है जो कि विवाह के कारकों को अस्वीकार कर रही है  |

विवाह के कारक

शुक्र विवाह का कारक है जबकि स्त्री की कुंडली में  एक अतिरिक्त कारक है जो गुरु है। यदि ये कारक 7 वें भाव  (जिसके लिए वे कर्ता कारक हैं) में यह कारक बलहीन हों तो विवाह में विलम्ब होता है क्योंकि उपरोक्त कारकों में से कोई भी जो जीवनसाथी की खोज को अस्वीकार कर देता है सक्रिय हो जाता है:

अत: केवल 7 वां भाव या उसके अधिपति विवाह में अवरोध उत्पन्न नहीं करते अपितु उपर्युक्त बहुचर्चित महत्वपूर्ण कारक भी हैं जो कि विवाह की संभावनाओं को बर्बाद करते हैं , और सही जीवनसाथी हमेशा दृष्टि से दूर रहता है |

क्या ज्योतिष के माध्यम से खोज सकते हैं सही जीवनसाथी |

उपचार हैं; कुंडली का एक व्यापक विश्लेषण उन कारकों को बलहीन कर सकता है जो विवाह में अवरोध उत्पन्न कर रहे हैं  |  एक ज्योतिष विज्ञानं में निपुण ज्योतिष उन कारकों को खोज उन्हें निष्क्रिय कर सकते हैं |  ऐसा नहीं है कि हमने जो मानक निर्धारित किए हैं, वे ऊंचे हैं लेकिन उन मानकों पर दृढ़ता हमें आगे नहीं बढ़ने देती  । कुंडली का पूर्ण विश्लेषण इन कारकों से बचने में हमारी मदद कर सकता है |

वित्तीय स्थिति, स्थानांतरण स्थान, जाति, और उप जाति आदि के मानक को कम या सही करने में हमारी सहायता कर सकते हैं।

विभिन्न अवरोधक कारणों को रोक सकते हैं |और आगे, विचार प्रक्रिया को सही करें ताकि सही मिलान दूर न हो। याद रखें, अपनी कुंडली में विवाह न होने के योग को और अधिक जटिल न करें और कुंडली की पड़ताल के माध्यम से सही जीवनसाथी ढूंढने में सहायता प्राप्त करें।

 

अधिक जानिए – विवाह में विलम्ब क्यों होता है

इस ब्लॉग को अंग्रेजी में पढ़ने के लिए यह- क्लिक कीजिये 

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