मंगल दोष और इसके विवाहित जीवन पर प्रभाव

मंगल दोष

यह एक भ्रम है कि केवल मांगलिक दोष ही  विवाह में बाधा डालता है । मै आपको बता दूँ  कि मंगल दोष या मांगलिक दोष ही  केवल विवाह की समस्याओं का कारण नहीं है। बल्कि और कई कारण शादियों में विलम्ब या शादी के बाद की समस्यायों के कारक होते हैं इसलिए हमेशा  मंगल दोष को शादी सम्बंधित समस्यायों के लिए  जिम्मेदार कहना , उस कारण डरना या फिर उसके लिए बिना सोचे समझे व्यर्थ के उपाय करना बिलकुल उचित नहीं है | विवाह  ज्योतिष आपको इन सब कारणों से अवगत करा सकता है

ज्योतिष  में कई वर्षों के अभ्यास के बाद मैने कई ऐसे कारकों की पहचान की है  जो  शादी टूटने के कारण हैं । इनमें  से अधिकांश निम्नानुसार हैं:

  1. गुप्त प्रेम संबंध और विश्वासघात
  2. यौन समस्याएं विशेष रूप से कामेच्छा का आभाव
  3.   पारस्परिक मूल्यों और मान्यताओं में महत्वपूर्ण अंतर।
  4. पति-पत्नी एक-दूसरे से बहुत ज्यादा आगे बढ़ या प्रसिद्ध हो जाते हैं |
  5. दर्दनाक या जीवन बदलने वाली घटनाएं
  6. काम से संबंधित या दीर्घकालिक मानसिक स्वास्थ्य समस्या के कारण लंबे समय तक तनाव बना रहता है
  7. ईर्ष्या
  8. पारिवारिक समस्या
  9. घरेलु हिंसा
  10. वित्त के संबंध में एक साथी से जिम्मेदारी की कमी।
  11. अवास्तविक उम्मीदें
  12.   बुरी आदत
  13. सोशल मीडिया में अत्यधिक महत्व
  14.   विशेष रूप से कठिन समय में सहायता का अभाव
  15. परिवार और दोस्तों के साथ रिश्ते में हेरफेर या अति-भागीदारी
  16.   महत्वपूर्ण मामलों के बारे में संचार की कमी
  17. भविष्य के लिए खराब दृष्टि
  18.   चिंता, देखभाल और विचार की कमी

उपरोक्त कारणों  में से कोई भी एक या एक संयोजन विवाह को तोड़ने के लिए जिम्मेदार हो सकता है| ज्योतिष विवाह से सम्बंधित इन सभी कारकों का पता लगा तथा उनका समाधान बता सकता है | खेद की बात ये है कि अधिकांश ज्योतिषी या तो  इन सबसे महत्वपूर्ण बिंदुओं को पढ़ते ही नहीं , या समझते नहीं और केवल कुंडली मिलान / चार्ट मिलान पर निर्णय लेने के लिए कुछ सामान्यतः ज्ञात कारकों पर ही विचार करते हैं |

विवाह मिलान या कुंडली मिलान के सामान्य कारक

 ज्योतिषियों के साथ-साथ अधिकांश लोग भी सिर्फ दो बातों पर ध्यान देते हैं और ये हैं –

१-कुंडली या गुण मिलान

२-मांगलिक मिलान

मेरा मांगलिक दोष पर शोध

कुंडली का सही मिलान मेरा मुख्य  विषय था जिससे मुझे ज्योतिष में डॉक्टर की उपाधि प्राप्त हुई |कुंडली मिलान की वजह से तलाक होने के कारण में कई अदालतों में भी गया जो की ऐसे मामलों को देखते हैं लेकिन मेने पाया कि

  1. ऐसे 90% मामलों में गुण मिलान बिलकुल सही था.
  2. और अधिकतर मामलों में मंगल या मांगलिक दोष था ही नहीं

तो मेरे शोध ने एक बात साबित कर दी कि मांगलिक दोष कोई महत्वपूर्ण दोष नहीं है, जो अधिकांश मामलों में तलाक की ओर ले जाता है और यही इस लेख का आधार है।

मांगलिक दोष कोई अभिशाप क्यों नहीं है

विवाह ज्योतिष से इसकी व्याख्या इस प्रकार करते है।

कुछ लोग कुंडली मिलान कराते ही नहीं  और कुछ जो  कराते हैं, वे ज्यादातर मांगलिक दोष के बारे में चिंतित  रहते  हैं और विशेष रूप से मांगलिक मिलान पर ध्यान केंद्रित करते हैं। विवाह के लिए ज्योतिष में मंगल और  इसके प्रभाव के बारे में  मैने वर्णन किया है। कुछ मुख्य कारक इस प्रकार हैं:

१-कुंडली में मंगल एकमात्र नकारात्मक ग्रह नहीं है अगर यह किसी शख़्स को किसी भी तरह से प्रभावित कर सकता है | तो शनि, राहु, केतु और सूर्य भी समान या उच्च डिग्री के साथ प्रभावित कर सकते हैं।

२-मांगलिक दोष का विचार बहुत गलत है और इसका किसी भी शास्त्रीय ज्योतिष ग्रंथ में कोई असर या उल्लेख नहीं किया गया है।

३-गुमराह करने के लिए यह वर्तमान के ज्योतिषियों के दिमाग की गलत सोच हैं

४-एक नकारात्मक मंगल बारह घरों के सभी महत्वों के लिए हानिकारक नहीं हो सकता है।

एक बड़ा सवाल है: क्या कोई मांगलिक गैर – मांगलिक के साथ विवाह कर सकता है।

आमतौर पर यह एक गलत धारणा है कि आपको एक मांगलिक की कुंडली मिलान के लिए दूसरी कुंडली भी मांगलिक की कुंडली  ही होनी चाहिए। इस अवधारणा के माध्यम से हुआ कि एक लंगड़ा केवल दुसरे लंगड़े  से ही  शादी कर सकता हैं।

आम धारणा है कि मांगलिक दोष वाले व्यक्ति को ऐसे व्यक्ति से विवाह करना चाहिए जो मांगलिक हो। जबकि असल में  वैवाहिक गठबंधन के लिए कुंडलियों ऐसी होनी चाहियें जो एक दुसरे का प्रतिभार ( ) करती हों ताकि एक की कमी को दूसरा पूरा करे ।

इन दो कथनों की गहराई और  रहस्योद्घाटन को बहुत ध्यान से समझना चाहिए।

मंगल दोष विवाह के लिए संदेही हो सकता है और इसलिए बाकि गृह अपने आप को इस से दूर रखते हैं . अब बिना ये जाने की किस गृह को सही सम्बोधित करना चाहिए, आम तौर पर लोग मंगल दोष के अनगिनत और तकियानूसी उपाय करना शुरू कर देते हैं.

एक प्रसंक पूरक कहानी

मेरे कार्यालय अनगिनत लोग कुंडली मिलान के लिए आते हैं और आम तौर पर कितने गन मिलते है की बात करते हैं |हालाँकि जो मुझे सबसे ज्यादा परेशान करता है, वह है उनमें से ज्यादातर एक पूर्व-आभास  वाली धारणा के साथ आते हैं कि मंगल उन्हें परेशान कर रहा है।

एक जोड़ा अपनी बेटी की  शादी के उद्देश्य से कुंडली मिलान के लिए मेरे कार्यालय में आये | वे उन सभी प्रस्तावों की सावधानीपूर्वक देख रहे थे जो उनके पास आए थे|

और अंत में उन्होंने पांच कुंडलियों को शॉर्टलिस्ट किया था और जानना चाहते थे कि कौन सी कुंडली सबसे अधिक मेल खाती है। इससे पहले कि मैं अपनी प्रक्रिया शुरू कर पाता, उन्होंने मुझे सूचित किया कि:

1.-उनकी बेटी को घोर (भयंकर) मांगलिक दोष हैं ,और उन्होंने उन सभी को  चयन किया है  , जिन्हे स्वम् भी  मांगलिक दोष हैं ।

2.-और कुछ अन्य मैच थे जो विचार करने लायक थे लेकिन गैर-मांगलिक होने के कारण उन्होंने उन्हें छोड़ दिया|

3.भयानक मंगल के लिए उन्होंने बहुत उपाय  किया है

4-उन्हें सूचित किया गया था कि जब व्यक्ति  28 वर्ष का हो जाता है  तब तक मंगल दोष  की शक्ति फीकी पड़ जाती है  |और जैसा कि उनकी बेटी पहले ही 28 साल की हो गई थी, क्या मंगल अभी भी उसकी शादी की संभावनाओं को प्रभावित कर रहा है।

५- उनकी बेटी जिस संगठन में काम करती हैं उसी में एक साथी क साथ विवाह के बारे में विचार रही थी, लेकिन उन्होंने उसे मना कर दिया क्योंकि वह मांगलिक नहीं थी।

विवाह ज्योतिष इन सभी बातों का खुलासा कर सकती है और करती भी है.

मैंने  छह कुंडलियों को देखना करना शुरू कर दिया,और जैसे कि मुझे आशंका थी इन लोगो को भी काफी भ्रमित किया गया हुआ था.

१-हालांकि मंगल उनकी  बेटी के आठवें घर में बैठा था लेकिन वह तुला राशि में था। इस स्तिथि में मंगल शादी की आयु को कम नहीं करता और उनको ये भी  मैंने स्पष्ट किया कि उनकी धारणा कि उनके बेटी को  घोर मांगलिक दोष है, सही नहीं है ।

1-पांच लड़कों में से,केवल दो मांगलिक थे जबकि तीन गैर-मांगलिक थे |

2-दंपति के पास उस लड़के की कुंडली भी थी जो  लड़की के संगठन में काम कर रहा हैं

3-उसकी  कुंडली में मांगलिक दोष नहीं था लेकिन पूरी तरह से उनकी बेटी के साथ मेल खाता है।

इन पांच कुंडलियों को चयन करने में उन्होंने अच्छा खासा  एक साल अच्छा बीता दिया  और इस प्रक्रिया में उन्होंने कई कुंडलियों को खारिज कर दिया था जो उनके अनुसार गैर-मांगलिक थे और आस्था-कूट मिलान (गन-मिलान) कम था।

यहां थोड़ा सा ज्ञान अज्ञान से कहीं अधिक खतरनाक साबित हुआ | इस थोड़े से ज्ञान के कारण अनमोल समय खर्च  हो गया , और एक ऐसी दरार पैदा की जो कि नहीं होनी चाहिए थी और  सवाल यह हैं की लड़की की भावनाओं के साथ भी खेला गया। और उसको बिना बात ग्लानि / पश्ताचाप भी हुआ

अंतिम परिणाम

अंत में इसी  लड़की ने 29 साल की उम्र में उस व्यक्ति के साथ शादी की जिसे वह प्यार करती थी। यह शादी तीन साल पहले हो सकती थी,लेकिन यहाँ सूर्य ( यानि पिता) ने शादी में बिलम्ब कराया न की मंगल या मंगल दोष ने | में ये भी समझता हूँ की अधिकांश लोगों के लिए ये बिलकुल नया तथ्य है लेकिन ये शत प्रति सही है.| इसलिए अंधेरे में तीर चलाने से अच्छा सदैव सलाह लेना बेहतर है।

डॉ विनय बजरंगी, नोएडा में सर्वश्रेष्ठ ज्योतिषी ने मांगलिक दोष, मांगलिक दोष के प्रभाव, मांगलिक से  गैर-मांगलिक का विवाह  आदि पर ज्योतिषीय मार्गदर्शन के कई ऐसे अनूठे कारक बताए। कर्म सुधार के अपने सिद्धांत के साथ, वह दिल्ली एनसीआर में प्रसिद्ध ज्योतिषी के रूप में जाने जाते  हैं।

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2 Comments on “मंगल दोष और इसके विवाहित जीवन पर प्रभाव”

  1. Mujhe Manglik dosha hai jabki meri patni non manglik hai. Meri kundali mein mangal 8th place mein hai. Rashi leo hai, lagna tula hai. Meri Patni kafi bimar rehti hai.
    Kirpya upay batayein.

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