ज्योतिष और कर्म सुधार के साथ कोर्ट केस का समाधान |

कोर्ट केस

अदालत के मामले या मुकदमा मुख्य रूप से दो कारकों के परिणाम हैं केवल यह दो कारक ९९ प्रतिशत मुकदमे आदि के लिए जिम्मेदार हैं – पहला जातक की कुंडली में बृहस्पति नीच की अवस्था का हो और अनियंत्रित हो तो जातक लालच और अवास्तविक महत्वकांक्षा में फंस जाता है | यह जातक को अदालत आदि के मामलों में उलझाता है | दूसरा कारण – जातक की कुंडली में कमजोर ग्रहों की स्थिति जातक को अन्य व्यक्तियों को उसके ऊपर हावी होने का कारण उत्पन  करती है और उसके ऊपर मुकदमें आदि पड़ जाते हैं  इन दोनों कारणों के अलावा मुकदमों का कारण नाम मात्र ही होता है

मेरे अनुभव में पहला कारण अधिकांशत: कोर्ट केस आदि का कारण बनता है | अन्य और कारण भी इन सब की सम्भावना प्रदान करते हैं | सामान्यत: मुकदमों आदि के लिए ज्योतिष में हमें उपाय आदि बताये जाते हैं लेकिन मैं स्वयं के कर्मा करेक्शन में विश्वास रखता हूँ | यहां इसके प्रभाव और महत्व को समझें :-

सार्वजनिक डोमेन में भी कई समान व्याख्याए  उपलब्ध हैं।

प्रासंगिकता के साथ एक कहानी :-

एक बार एक लगभग तीस वर्ष का व्यक्ति एक राय लेने मेरे पास आया | वह व्यक्ति एक बहुत अच्छी जगह कार्यरत था , लेकिन वह अपना बिज़नेस प्रारम्भ करना चाहता था | उसने मुझे बताया कि वह पहले भी कुछ ज्योतिषियों से इस बारे में विचार विमर्श कर चुका है | उसने मुझे बताया कि वह मेरे कुछ  ब्लॉग और वीडियो आदि से प्रभावित होकर सीधा मेरे पास आया है और इसी तरह वह मेरे मार्गदर्शन के साथ बिना रुके अपना बिज़नेस प्रारम्भ करना चाहता था |

वह कंप्यूटर तकनीकी में मास्टर था और कुछ समय पहले एक सीनियर विश्लेषक की तरह कार्यरत था  | उनकी कुंडली से पता चला वह एक प्रतिबद्ध व्यक्ति था | उनका वेतन उनके अनुभव और योग्यता की तुलना में बहुत अधिक था | और वह अपने संस्थान में एक अलग अनोखी पहचान रखता था | मैं उन के प्रति अपना दृष्टिकोण बताने के लिए तैयार था | लेकिन मैं उसके प्रति अपनी धारणा व्यक्त करने से पूर्व उससे कुछ प्रश्न पूंछना चाहता था –

कुछ परिप्रेक्ष्य ( पीछे ) के कारक ( आधार ) :

क्या वह कोर्ट जाते हैं ? इस पर उन्होंने उत्तर दिया कि वह कुछ कोर्ट के मामलें देख रहा है जो कि उसकी वर्तमान कंपनी ने अपने विक्रेताओं के खिलाफ दायर किये हैं |

मेरे द्वारा दूसरा प्रश्न  ये था कि यदि वे बिज़नेस प्रारम्भ करते हैं तो अगले कुछ वर्षों में उनका क्या लक्ष्य है  ? उन्होंने उत्तर दिया कि पहले वर्ष तो वह अपना बिज़नेस स्थापित करने पर अपना ध्यान केंद्रित करेंगे उसके बाद वह अपनी वर्तमान कंपनी जहां काम कर रहे हैं उससे आगे निकलने के लिए अपना ध्यान केंद्रित करेंगे |

मेरा अगला प्रश्न था कि उनके पास ऐसे क्या गुण हैं जिससे वह अपनी वर्तमान कंपनी से आगे निकल सकते हैं ? उत्तर मिला कि उनके पास बहुत सी चीज़े हैं जैसे – योग्यता , विशेषज्ञता , पर्याप्त कर्मचारियों की व्यवस्थता और सबसे मुख्य कि वह जनता था कि उसे बिज़नेस बढ़ाने के लिए कहाँ और किससे सम्पर्क करना है | उसने बताया कि वह जिन ग्राहकों के साथ जुड़ें हैं वह उन्हें बहुत मानते हैं और यदि वह बिज़नेस प्रारम्भ करेगा तो वे सभी उन्हें ही बिज़नेस देंगे जो कि काफी होगा |

इन कारकों की गतिशीलता ( इन कारकों के कारण ) :-

  • उसके पास योग्यता थी , विशेषज्ञता थी और उस योग को प्राप्त करने के लिए पर्याप्त धन भी था | लेकिन उसका चार्ट और डिवीज़नल चार्ट कुछ और संकेत दे रहा था | इसलिए मार्गदर्शन कराने से पूर्व इन संकेतों को समझकर उसके चार्ट का विश्लेषण करना आवश्यक था |
  • हममें कोई संकट लेने की क्षमता हमेशा नहीं रहती –
  • यदि हम किसी और के लिए कार्य कर रहें हैं हम उस वक़्त अधिक संकट ले सकते हैं और कई बार ऐसे हानिकारक फैसले भी ले सकते हैं जिनके परिणाम अधिकतर भुगतने पड़ते हों लेकिन यह जरूरी नहीं कि जब हम अपना काम कर रहें हों तो हमारे पास परिणामों को भुगतने की क्षमता हो |
  • जब हम किसी के लिए काम कर रहे होते हैं तो हमारा भाग्य हमें नियुक्त करने वाले मालिक के भाग्य और सहायक कर्मचारियों के भाग्य से जुड़ा होता है | लेकिन जब हम अपने लिए काम करते हैं तो हमारा खुद का भाग्य सक्रीय होता है जिसका सीधा परिणाम हमें मिलता है |
  • बहुत सारे ऐसे सकारात्मक और नकारात्मक योग होते हैं जो जहां हम काम कर रहे होते हैं उस वातावरण में जाग्रत नहीं होते लेकिन जैसे ही परिस्थिति बदलती हैं जगह बदलती है वह योग भी जाग्रत हो जाते हैं |

एक सत्य लेकिन अस्वीकृत ज्योतिषीय सलाह –

मेरी सलाह उसके चकित कर देने वाली थी जिसके लिए वह तैयार नहीं था मैंने बताया कि अपना कार्य प्रारम्भ न करके किसी और के लिए ही कार्यरत रहे | मैंने गहनता के साथ अध्ययन करके बताया कि –

उसके छठे भाव ( उपचय भाव ) के स्वामी की विपरीत दशा होने के कारण परिस्थिति बहुत खराब हो सकती  है | जिससे वह  कोर्ट केस, कोई आरोप या सजा आदि हो सकती है | वह जो बिज़नेस प्रारम्भ करना चाहते वह जल्द ही बंद हो सकता है और परिणामस्वरूप वह मेहनत से कमाया गया धन भी गवां सकते हैं  और भविष्य में बहुत बड़ी आर्थिक परेशानी उत्पन्न हो सकती है |

वह स्तब्ध था जब उसने मुझे उसके लिए यह सब बोलते देखा | उसका मुझमें विश्वास मेरे प्रत्येक वाक्य के साथ खत्म हो रहा था | मेरी बात सुनने के बाद वह चुपचाप मेरे द्वारा बताये गए अनुष्ठानों और उपायों की जानकारी  लिए बिना चले गए | लेकिन मैं ऐसे व्यवहार का आदि हूँ क्योंकि आमतौर पर जब मैं लोगों को उनकी चाह के प्रतिकूल बताता हूँ तो उनको सम्भवता: अच्छा नहीं लगता लेकिन ज्योतिष तो सच्चाई बताने का ही मार्ग है

अदालत के मामलों को बढ़ावा देने वाले कारक : अदालत के मामलों के लिए ज्योतिष

एक वर्ष बाद वह व्यक्ति दुबारा मुझसे मिला | वह बहुत टूटा और बिखरा हुआ नजर आ रहा था उसने जो कुछ भी किया होगा वह उसकी योजना के विरुद्ध रहा होगा | जिसकी वजह से उसने दुबारा मुझसे मिलने का निश्चय किया |

  • वह अनियंत्रित तरीके से ऋणी ( कर्जदार ) था |
  • उसके पास कोई व्यवसाय नहीं था जो भी उसने जो भी उसने पिछले दो वर्षों में प्रारम्भ किया था |
  • सबसे बड़ी बात ये थी उसे कई कोर्ट के मामलों से निपटना पड़ा कुछ उनकी एजेंसिओं के साथ जिनके लिए उन्होंने काम किया कुछ बैंकों के साथ जिनसे कर्ज लिया और अपनी कंपनी के दो कर्मचारियों को के साथ जिनकी देनदारियों का भुगतान नहीं किया |
  • वह जो भी बिज़नेस उसने प्रारम्भ किया था वह समाप्त हों चुका था वह पूर्ण रूप से बिखर चुका था | और सबसे खराब बात ये कई बार विभिन्न अदालतों में जाना पड़ा | अब वह पतन की कगार पर था क्योंकि उसके पास बिलकुल भी धन नहीं था सर से ऊपर तक कर्ज में डूबा हुआ था और शारीरिक रूप से भी ठीक नहीं था |

अदालत के मामलों के लिए ज्योतिष : अनिवार्यतायें

जातक की कुंडली का शक्तिशाली छठा भाव उसे एक उत्कृष्ट नौकरी प्रदान करता है और यदि वह छठे भाव का लाभ न लेकर अपना व्यवसाय करे तो उसकी कुंडली का सातवां भाव छट्ठे भाव के सकारात्मक प्रभाव को काट देगा जिससे उसे कोर्ट-केस आदि के मामलों में पड़ने का कारण बनेगा | यानी शक्तिशाली छठा भाव नौकरी के लिए बहुत फायदेमंद है लेकिन व्यापर में नकारात्मक मुद्दों पर भी उतना ही मजबूत भी होगा |

यह जानना भी आवश्यक है कि कौन सा ग्रह अधिकतम सकारात्मक परिणाम देता है और विपरीत परिस्थितियों में वही ग्रह उसी बल के साथ नकारात्मक हो सकता है | जिससे अदालत आदि से सम्बंधित परेशानी हो सकती है जो कि ध्यान से संभाले जाने पर सकारात्मक परिणाम भी दे सकती है |

अदालत के मामले – हमारे अच्छे कर्म भी करते हैं मदद

ऐसी विभिन्न परिस्थितियां हैं जो जातक को अदालत में खींचती हैं यह परिस्थितियां हम स्वयं बनाते हैं | हालांकि कुंडली का प्रभावपूर्ण पठन यह बताता है , इनमे से कई अदालत से सम्बंधित चीज़ें निश्चित कर्मों के तहत नहीं आती हैं इसलिए इन्हें आसानी से ठीक किया जा सकता है |

अदालत के मामलों से निपटने वाली मूल ताकत –

  • वह समय जब जातक की कुंडली अदालत के मामलों में सकारात्मक परिणाम प्रदान करने का संकेत देती हो |
  • किसी भी जातक के जीवन की मूल विशेषता जातक के जाने का कारण होती है | जैसे कि शादी , नौकरी व्यवसाय , काम , दोस्त , रिश्तेदार इत्यादि |
  • ऐसे लोग जो खुद को अदालत के मामलों में डालते हों उनकी कुंडली के द्वारा जातक की इस आदत का पता लगाया जा सकता है |
  • अदालत का भाव सक्रिय होने पर क्या-क्या चीज़ें अपनी ताकत खो रहीं हैं |

ज्योतिष कैसे मदद करता है

आइये हम अपने उदाहरण पर वापस आएं | अब पुल के नीचे पानी बह चुका था कम समय में कुछ नहीं किया जा सकता था | मैंने उसे एक ऐसे साथी की तलाश करने को कहा जिसकी साझेदारी से जातक के नकारात्मक कर्म के प्रभाव कम हो सके और उस साझेदार के सकारात्मक कर्मों का प्रभाव प्राप्त हो | वह पिछले कुछ वर्षों में हार गया था और आगे के  कारकों को खोने का कोई फायदा नहीं था | तत्काल उसने एक उपयुक्त बिज़नेस पार्टनर को ढूंढ व्यापर प्रारम्भ किया | इस बार उसने इस सलाह को बहुत ईमानदारी से एक उपयुक्त साथी के रूप में लिया | आज उसे कम से कम हानि तो नहीं है इसके बजाय उन्होंने अपनी अधिकांश प्रतिबद्धताओं का ख्याल रखना शुरू कर दिया है जो या तो बैंक या व्यक्तियों की तरफ थे। अभी भी दो मामले हैं, लेकिन सकारात्मक तरंगों के साथ पहले ही शुरू हो चुके हैं, समाधान दृष्टि में हैं | अब यह केवल एक या दो साल के अंदर हुआ |

दिल्ली एनसीआर में एक प्रसिद्ध ज्योतिषी डॉ विनय बजरंगी ने बताया  कि कोर्ट मामलों के लिए ज्योतिष में सभी न्यायालयों के मुद्दों के समाधान हैं। अदालत के मामलों और न्यायालय मामलों के लिए केवल उपचार के सुझावों की तुलना में परिस्थितियों की तरह मुकदमेबाजी से बचने के लिए वह कर्म सुधार पर अधिक ध्यान केंद्रित करते हैं।

उनकी कई पद्धतियां सार्वजनिक डोमेन में कैरियर ज्योतिष, व्यवसाय ज्योतिष और कर्म करेक्शन की सिद्धांत में भी उपलब्ध हैं। इसके लिए पाठक ज्योतिष की एक नई धारणा प्राप्त करता है।


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